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Chandigarh News: टेलीफ्रीज तकनीक से ओटी से भेज सकेंगे ट्यूमर की लाइव तस्वीर

Sun, 14 Apr 2024 04:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2024 04:39 AM IST
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With telefreeze technology, you will be able to send live picture of tumor from OT
चंडीगढ़। पीजीआई में सर्जरी के दौरान अब पैथालॉजिस्ट को ओटी से ही ट्यूमर की लाइव तस्वीरें भेजी जा सकेंगी। ऑनलाइन भेजी फोटो को देखकर वह चंद मिनटों में बता देगा कि सर्जरी ठीक हुई है या नहीं। इस तकनीक को टेलीफ्रीज नाम दिया गया है। कई बार यह जानना आवश्यक होता है कि सर्जरी के बाद भी ट्यूमर बच तो नहीं गया है। यह जानकारी पीजीआई टेलीमेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. बिमान सैकिया ने शनिवार को विभाग के 19वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दी। इस दौरान नई ध्वनिक सुविधा की शुरुआत भी की गई।प्रो. बिमान ने बताया कि मौजूदा समय में सर्जरी के दौरान मूल्यांकन के लिए मैनुअल तरीके से जमे हुए ट्यूमर को भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में लगभग 30 मिनट लगते हैं, जिससे सर्जन और मरीज को देरी होती है लेकिन अब टेलीफ्रीज में 5 मिनट से अधिक समय नहीं लगेगा।
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उन्होंने बताया कि किसी भी घातक सर्जरी में जब कोई डॉक्टर ट्यूमर को निकालता है तो ऊतक को एक टुकड़े में जमा दिया जाता है। जिसे पतले स्लाइस में काटा जा सकता है और माइक्रोस्कोप के नीचे जांच के लिए कांच की स्लाइड पर तैयार किया जा सकता है। फिर पैथालॉजिस्ट उस नमूने का विश्लेषण कर ओटी में सर्जन को उसकी रिपोर्ट बताता है। इस फीडबैक के आधार पर सर्जन ऑपरेशन को पूरा करता है। यह विश्लेषण किसी भी ट्यूमर कोशिकाओं को पीछे छूटने से रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। टेलीफ्रीज तकनीक की शुरुआत से ट्यूमर सर्जरी की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। इससे जहां समय की बचत होगी, वहीं सर्जरी में कमी रहने की गुंजाइश कम होने के साथ दोबारा सर्जरी का खतरा भी कम होगा।
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स्थापना दिवस पर नई सुविधा का शुभारंभ
इस अवसर पर पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल और जोधपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. जीडी पुरी ने टेलीमेडिसिन विभाग में नई ध्वनिक सुविधा का उद्घाटन किया। यह सुविधा मुख्य रूप से एलएमआईएस मॉड्यूल की रिकॉर्डिंग और विकास के लिए डिज़ाइन की गई है। कार्यक्रम में संजय भडाडा, डॉ. राजा रामचंद्रन, डॉ. नवीन पांडे, प्रो. मीनू सिंह, डॉ. अमित अग्रवाल, प्रो. नुसरत शफीक भी मौजूद रहे।
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