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Hindi News ›   Chandigarh ›   Wine Shops Auction in Mohali

अकालियों के हाथ लग गए शराब के ठेके

Sun, 23 Mar 2014 10:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खरड़
ब्यूरो/अमर उजाला, खरड़ Updated Sun, 23 Mar 2014 10:52 AM IST
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Wine Shops Auction in Mohali
आबकारी एवं कर विभाग द्वारा वर्ष 2014-15 के लिए उठाए गए जिले के शराब ठेके चुनाव से पहले अकाली नेताओं का हाथ लग गए। ठेकों के अलॉटमेंट का ड्रा शनिवार को पैराडाइज ग्रीन बैंक्वेट में हुआ।
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ड्रा की शुरूआत डीसी टीपीएस सिद्धू ने पहला ड्रा निकाल कर की। ड्रा में राज्य भर से बड़ी संख्या में शराब व्यापारी शामिल हुए।

डीसी ने बताया कि ठेकों का अलॉटमेंट कुल 21 ग्रुप बनाकर किया गया। जिनमें 12 ग्रुप शहरी एवं 9 ग्रुप ग्रामीण थे। इस वर्ष विभाग को शराब ठेकों के माध्यम से कुल 117 करोड़ 70 लाख रुपये की आय होगी। यह पिछले वर्ष से 26 करोड़ 47 लाख रुपये अधिक है।
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पिछले वर्ष 91.23 करोड़ रुपये में ठेके नीलाम हुए थे। जिले के कुल 365 ठेकों के लिए 10589 आवेदन आए थे। आवेदनों के जरिए 37 करोड़ 41 लाख 35 हजार रुपये मिले हैं, जो पिछले वर्ष से 15 करोड़ रुपये अधिक हैं।
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ड्रा प्रक्रिया पूरे होने के बाद बाकी की अलॉटमेंट फीस भी वसूल ली गई है। पिछली बार से जिले में एक ठेका कम हुआ है। कुल 365 ठेकों में 230 देसी एवं 135 अंग्रेजी के हैं।

जिले में शराब का कुल कोटा
कुल कोटा- 47,00,641 प्रूफ लीटर
देसी शराब-25,77,113 प्रूफ लीटर
अंग्रेजी शराब-21,23,528 प्रूफ लीटर

बियर का कोटा-47,37,285 बल्क लीटर फिक्स किया गया है
आचार संहिता के कारण ड्रा की सारी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई, पर्चियां भी सरकारी अधिकारियों ने निकालीं

अकालियों की चमकी किस्मत

जानकारी के मुताबिक मोहाली में अकाली नेता जगदीश गरचा, कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से संबंधित लोगों के अधिकतर ठेके निकले हैं। समराला से कांग्रेसी विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों के भाग्य ने उनका साथ जरूर दिया है। इसी तरह हरियाणा के एक शराब व्यापारी को कुछ ठेके मिले हैं।

हलका विधायक को लगा झटका

ऐसा पहली बार हुआ है जब मोहाली में विधायक बलबीर सिंह सिद्धू का ग्रुप खाता भी नहीं खोल पाया। कोई समय था जब सिद्धू मोहाली में लिकर किंग के नाम से जाने जाते थे। उनके भाई अमरजीत सिंह जीती हमेशा ही मोहाली के अधिकतर ठेकों पर काबिज रहते आए हैं।


सूत्र बताते हैं कि सिद्धू ग्रुप से संबंधित कई लोगों ने ठेकों के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी की भी किस्मत इस ड्रा में नहीं चमक पाई, जिससे सिद्धू खेमे में निराशा देखी गई। 
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