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Chandigarh News: मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर राइट्स प्रशासन को आज देगी प्रेजेंटेशन
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चंडीगढ़। ट्राइसिटी में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को लेकर रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) शुक्रवार को यूटी प्रशासन को प्रेजेंटेशन (प्रस्तुति) देगी। इस दौरान चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट स्थापित करने पर बैठक होगी। यूटी प्रशासक के सलाहकार डॉ. धर्मपाल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राइट्स की तरफ से हाल ही में सौंपी गई इंसेप्शन (स्थापना) रिपोर्ट पर प्रेजेंटेशन दी जाएगी।
इंसेप्शन रिपोर्ट को औपचारिक मंजूरी के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट पर आगे काम शुरू हो पाएगा। बताया जा रहा है कि राइट्स अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट और डीपीआर का काम शुरू करने से पहले परियोजना के डिपो के लिए जगह तलाश रही है। इसके तहत कंपनी को ट्राइसिटी में करीब 100 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
इस परियोजना पर चंडीगढ़ प्रशासन को पंजाब और हरियाणा सरकार का साथ मिल चुका है। बाकायदा एएआर और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए दोनों राज्यों के हिस्से का 50-50 फीसदी फंड भी प्रशासन को मिल चुका है। अब सबसे बड़ा मसला डिपो स्थापित करने के लिए जमीन का चयन करना है। पिछली बार मेट्रो प्रोजेक्ट पर सबसे बड़ी अड़चन इसी मुद्दे पर आई थी कि इतनी जमीन कहां दी जाएगी। हालांकि, राइट्स की ओर से चंडीगढ़ में सेक्टर-26 के पास करीब 25 एकड़ जमीन डिपो बनाने के लिए मांगी गई है जिस पर इस बैठक में सहमति बन सकती है।
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बाकी जमीन पंचकूला और मोहाली क्षेत्र में मांगी गई है। इसे लेकर हाल ही में नोडल अफसरों के साथ एजेंसी की बैठक आयोजित की गई थी। इन्सेप्शन रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। चुनाव से पहले अगर ये रिपोर्ट तैयार हो जाती है तो केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजी जाएगी और वहां से स्वीकृति के बाद इस पर काम शुरू हो पाएगा। डीपीआर में मेट्रो के लिए कितने स्टेशन कहां-कहां बनेंगे शामिल रहेगा। इसके अलावा कितनी जमीन स्टेशन बनाने के लिए चाहिए, रूट पर टिकट कितने की होगी, कितना समय और कितनी स्पीड में मेट्रो स्टेशनों की दूरी तय करेगी ओर किस रूट पर कितनी फ्रीक्वेंसी में मेट्रो को चलाया जाएगा आदि की जानकारी शामिल रहेगी। बहरहाल, इस बैठक में डिपो की जमीन को लेकर सहमति बनने के आसार हैं।
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इंसेप्शन रिपोर्ट को औपचारिक मंजूरी के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट पर आगे काम शुरू हो पाएगा। बताया जा रहा है कि राइट्स अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट और डीपीआर का काम शुरू करने से पहले परियोजना के डिपो के लिए जगह तलाश रही है। इसके तहत कंपनी को ट्राइसिटी में करीब 100 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
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इस परियोजना पर चंडीगढ़ प्रशासन को पंजाब और हरियाणा सरकार का साथ मिल चुका है। बाकायदा एएआर और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए दोनों राज्यों के हिस्से का 50-50 फीसदी फंड भी प्रशासन को मिल चुका है। अब सबसे बड़ा मसला डिपो स्थापित करने के लिए जमीन का चयन करना है। पिछली बार मेट्रो प्रोजेक्ट पर सबसे बड़ी अड़चन इसी मुद्दे पर आई थी कि इतनी जमीन कहां दी जाएगी। हालांकि, राइट्स की ओर से चंडीगढ़ में सेक्टर-26 के पास करीब 25 एकड़ जमीन डिपो बनाने के लिए मांगी गई है जिस पर इस बैठक में सहमति बन सकती है।
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बाकी जमीन पंचकूला और मोहाली क्षेत्र में मांगी गई है। इसे लेकर हाल ही में नोडल अफसरों के साथ एजेंसी की बैठक आयोजित की गई थी। इन्सेप्शन रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। चुनाव से पहले अगर ये रिपोर्ट तैयार हो जाती है तो केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजी जाएगी और वहां से स्वीकृति के बाद इस पर काम शुरू हो पाएगा। डीपीआर में मेट्रो के लिए कितने स्टेशन कहां-कहां बनेंगे शामिल रहेगा। इसके अलावा कितनी जमीन स्टेशन बनाने के लिए चाहिए, रूट पर टिकट कितने की होगी, कितना समय और कितनी स्पीड में मेट्रो स्टेशनों की दूरी तय करेगी ओर किस रूट पर कितनी फ्रीक्वेंसी में मेट्रो को चलाया जाएगा आदि की जानकारी शामिल रहेगी। बहरहाल, इस बैठक में डिपो की जमीन को लेकर सहमति बनने के आसार हैं।