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पत्नी की मौत पर भड़के कर्मी ने काटा बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Apr 2014 09:56 PM IST
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जीएमसीएच-32 में पत्नी की मौत से गुस्साए पति ने इमरजेंसी के शीशे तोड़ दिए। इससे इमरजेंसी में अफरातफरी का माहौल बन गया।
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सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी इंटरनल मेडिसिन में एडमिट थी। रात के वक्त उसकी तबीयत बिगड़ गई।
आरोप है कि सीनियर डाक्टरों को उसने बुलाया, लेकिन वे मौके पर नहीं पहुंचे। उसकी पत्नी की उसके सामने ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस पर व्यक्ति ने आपा खो दिया और इमरजेंसी के मुख्य गेट के शीशे तोड़ दिए।
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महिला की एक चार साल की बेटी भी है। हास्पिटल का कहना है कि फिलहाल पीड़ित की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक मौली जागरां का रहने वाला सुखविंदर जीएमसीएच-32 के हास्पिटल में कांट्रैक्ट के आधार पर चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। उसकी पत्नी पांच महीने से प्रेग्नेंट थी। उसकी पत्नी को बुखार आ रहा था।
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पहले उसका इलाज रामदरबार के ईएसआई में चला, वहां तबीयत बिगड़ने पर उसे जीएमसीएच-32 भेज दिया गया। हास्पिटल की इंटरनल मेडिसिन की इमरजेंसी में दो दिन से वह दाखिल थी। शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई।
सुखविंदर का कहना है कि जूनियर डाक्टरों ने उसकी पत्नी का चेकअप किया लेकिन हालात उनसे नियंत्रण से बाहर हो गए थे। उसने सीनियर डॉक्टरों को इसकी सूचना दी लेकिन वे मौके पर नहीं आए।
पत्नी के लगातार दर्द से तड़पने पर उसने कई बार डाक्टरों से गुहार से लगाई, मगर कोई नहीं पहुंचा। इस पर दहाड़े मारकर रोने लगा। फिर गुस्से में आकर उसने इमरजेंसी के दोनों गेट के शीशों को मुक्के मारकर तोड़ दिया।
इससे उसका हाथ भी जख्मी हो गया। सुखविंदर का कहना है कि उसकी पत्नी की मौत डाक्टर की लापरवाही से हुई है। यदि उसे समय पर इलाज मिलता तो उसकी जान बच जाती।