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फ्लैट मालिकों पर टैक्स का ज्यादा बोझ क्यों?
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sat, 16 Nov 2013 11:34 AM IST
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प्रापर्टी टैक्स की दरों में भारी अंतर के कारण लगातार विरोध के स्वर गूंज रहे हैं। शुक्रवार को माता मनसा देवी सेक्टर-5 रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द संशोधन की मांग की है।
एसोसिएशन के सदस्यों की दलील है कि प्लॉटों में बने मकानों के बराबर ही उनसे भी टैक्स वसूला जाना चाहिए और एक ही मानक तय होने चाहिए। इससे पहले भी ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-20 की ओर से विधायक और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया था।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-20 के महासचिव कर्नल एसके अग्रवाल ने कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस मामले में कोई पहल नहीं की गई है। जल्द ही वह इस मामले से स्थानीय निकाय के आला अधिकारियों को भी अवगत कराएंगे।
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उन्होंने कहा कि प्लॉट मालिकों के लिए प्रति वर्ग गज और फ्लैटों में रहने वालों के लिए प्रति वर्ग फुट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स होने से फ्लैट मालिकों पर कई गुना टैक्स का बोझ बढ़ गया।
कमेटी के संचालन सचिव बीबी शर्मा ने कहा कि अधिसूचना के मुताबिक प्लॉटों में बने मकानों की ऊपरी मंजिलों पर 40 और 50 फीसदी की छूट दी गई है, जबकि फ्लैट मालिकों के लिए कई गुना अधिक रेट होने के बावजूद किसी भी फ्लोर के लिए रियायत नहीं है।
रेट का खेल
माता मनसा देवी सेक्टर-5 रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस सचदेवा ने कहा कि 11 अक्तूबर 2013 को जारी अधिसूचना के तहत 1400 वर्ग फुट के फ्लैट के लिए सालाना 1050 रुपये चुकाने होंगे, जबकि 300 वर्ग गज में बने मकान के लिए यह महज 225 रुपये है।
अगर पिछले चार वर्षों का बकाये का आकलन किया जाए तो फ्लैट मालिकों को 4200 रुपये, जबकि प्लॉट में बने मकानों के लिए महज 900 रुपये चुकाने होंगे। उन्होंने कहा कि एक सोसाइटी में 70 फ्लैट हैं, जिससे सरकार को 2.94 लाख सालाना कमाई होगी। 6000 वर्ग मीटर के प्लॉट में तैयार 300 वर्ग गज के 20 फ्लैटों से सालाना 18000 रुपये की प्राप्ति होगी। सचदेवा ने कहा कि अगर टैक्स दरों में संशोधन नहीं किया गया तो रेजीडेंट्स विरोध करेंगे।
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एसोसिएशन के सदस्यों की दलील है कि प्लॉटों में बने मकानों के बराबर ही उनसे भी टैक्स वसूला जाना चाहिए और एक ही मानक तय होने चाहिए। इससे पहले भी ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-20 की ओर से विधायक और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया था।
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ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-20 के महासचिव कर्नल एसके अग्रवाल ने कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस मामले में कोई पहल नहीं की गई है। जल्द ही वह इस मामले से स्थानीय निकाय के आला अधिकारियों को भी अवगत कराएंगे।
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उन्होंने कहा कि प्लॉट मालिकों के लिए प्रति वर्ग गज और फ्लैटों में रहने वालों के लिए प्रति वर्ग फुट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स होने से फ्लैट मालिकों पर कई गुना टैक्स का बोझ बढ़ गया।
कमेटी के संचालन सचिव बीबी शर्मा ने कहा कि अधिसूचना के मुताबिक प्लॉटों में बने मकानों की ऊपरी मंजिलों पर 40 और 50 फीसदी की छूट दी गई है, जबकि फ्लैट मालिकों के लिए कई गुना अधिक रेट होने के बावजूद किसी भी फ्लोर के लिए रियायत नहीं है।
रेट का खेल
माता मनसा देवी सेक्टर-5 रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस सचदेवा ने कहा कि 11 अक्तूबर 2013 को जारी अधिसूचना के तहत 1400 वर्ग फुट के फ्लैट के लिए सालाना 1050 रुपये चुकाने होंगे, जबकि 300 वर्ग गज में बने मकान के लिए यह महज 225 रुपये है।
अगर पिछले चार वर्षों का बकाये का आकलन किया जाए तो फ्लैट मालिकों को 4200 रुपये, जबकि प्लॉट में बने मकानों के लिए महज 900 रुपये चुकाने होंगे। उन्होंने कहा कि एक सोसाइटी में 70 फ्लैट हैं, जिससे सरकार को 2.94 लाख सालाना कमाई होगी। 6000 वर्ग मीटर के प्लॉट में तैयार 300 वर्ग गज के 20 फ्लैटों से सालाना 18000 रुपये की प्राप्ति होगी। सचदेवा ने कहा कि अगर टैक्स दरों में संशोधन नहीं किया गया तो रेजीडेंट्स विरोध करेंगे।
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