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सुखपाल खैरा के खिलाफ चल रहे केस पर क्यों न लगा दें रोक : हाईकोर्ट
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ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए खैरा ने हाईकोर्ट में दाखिल की है याचिका
सुप्रीम कोर्ट से एनडीपीएस मामला रद्द होने की दलील देते हुए केस को भी रद्द करने की है मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही पूछा है कि क्यों न खैरा के खिलाफ चल रहे केस पर रोक लगा दी जाए।
याचिका दाखिल करते हुए खैरा ने हाईकोर्ट को बताया है कि 2015 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामला उनके खिलाफ विचाराधीन था। इस मामले के लंबित रहते मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज कर लिया गया। हाईकोर्ट ने जनवरी 2022 में याचिकाकर्ता को इस मामले में सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद एनडीपीएस मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल फरवरी में उन्हें राहत देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले को रद्द करने का आदेश दिया था। अब खैरा का कहना है कि जब उनके खिलाफ एनडीपीएस मामले को सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है, तो इडी की ओर से इसी मामले को लेकर उनके खिलाफ जो मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है, उसे भी खारिज किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न मामले में की जा रही कार्रवाई पर रोक लगा दी जाए।
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सुप्रीम कोर्ट से एनडीपीएस मामला रद्द होने की दलील देते हुए केस को भी रद्द करने की है मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही पूछा है कि क्यों न खैरा के खिलाफ चल रहे केस पर रोक लगा दी जाए।
याचिका दाखिल करते हुए खैरा ने हाईकोर्ट को बताया है कि 2015 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामला उनके खिलाफ विचाराधीन था। इस मामले के लंबित रहते मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज कर लिया गया। हाईकोर्ट ने जनवरी 2022 में याचिकाकर्ता को इस मामले में सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद एनडीपीएस मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल फरवरी में उन्हें राहत देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले को रद्द करने का आदेश दिया था। अब खैरा का कहना है कि जब उनके खिलाफ एनडीपीएस मामले को सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है, तो इडी की ओर से इसी मामले को लेकर उनके खिलाफ जो मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है, उसे भी खारिज किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न मामले में की जा रही कार्रवाई पर रोक लगा दी जाए।
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