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'अब तक पत्नी का कॉलम क्यों छोड़ा मोदी ने'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Apr 2014 12:59 AM IST
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अमृतसर की हाई प्रोफाइल सीट पर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। बुधवार को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पत्नी के विदेशी बैंक खाते छिपाने का आरोप लगाया था।
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अगले ही दिन कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैहरा ने पलटवार करते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया है। साथ ही मोदी से जुड़े मुद्दों पर स्वामी को भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली से सवाब मांगा है।
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खैहरा ने कहा कि स्वामी को यह समझना चाहिए कि कैप्टन अमरिंदर की पत्नी खुद इस चुनाव में उम्मीदवार हैं। उन्होंने अपना एफिडेविट अलग दाखिल किया है।
इसलिए कैप्टन के एफिडेविट में उनकी जानकारी देना लाजिमी नहीं है। खैहरा ने कहा कि आज तक मोदी अपनी पत्नी के अस्तित्व को नकारते आए हैं। पर एक दिन पहले वडोदरा में भरे नामांकन में उन्होंने खुद को विवाहित बताया है।
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2012 विधानसभा चुनाव केबाद उनका विवाह हुआ तो ठीक है, वरना वह सारे चुनाव में नामांकन पत्रों में झूठी जानकारी देने के दोषी हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिला सशक्तीकरण को मुद्दा बना रही। क्या पत्नी की मौजूदगी से इंकार करना महिला सशक्तीकरण है। वह इस मुद्दे पर स्वामी, जेटली व पंजाब सीएम से बहस को तैयार हैं।
खैहरा के सवाल
- अगर मोदी का विवाह 2012 चुनाव के पहले हुआ था तो उन्होंने पिछले सारे चुनाव के दौरान इसका खुलासा क्यों नहीं किया? उस कॉलम को खाली छोड़ने की क्या वजह थी?
- लग रहा है कि मोदी सियासी फायदा लेने को अब पत्नी का नाम सामने ला रहे हैं। अगर ऐसा है तो देश की 49 फीसदी महिला वोटरों को मोदी के किरदार के प्रति चिंताजनक होना लाजिमी है।
- अगर मोदी इतने समय तक यह तथ्य छिपा सकते हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने और क्या छिपाया होगा।
- चुनाव आयोग को मोदी केतथ्यों की जांच करने तक उनकी उम्मीदवारी रद करनी चाहिए
- यह सैद्धांतिक ही नहीं, आपराधिक मुद्दा है। झूठी कसम खाना अपराध है, मोदी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है।
- 2012 विधानसभा चुनाव में एफिडेविट में मोदी ने पत्नी से संबंधित सभी कॉलम में नॉट-एप्लिकेबल लिखा है। जबकि 2014 चुनाव में उन्होंने नॉट-नोन लिखा है। प्रधानमंत्री उम्मीदवार को यह शोभा नहीं देता कि ऐसे तकनीकी शब्दों में उलझा कर लोगों से सच छिपाए।