{"_id":"669a8460b74f9593410d7be1","slug":"why-is-the-government-not-conducting-elections-for-mc-chandigarh-news-c-16-1-pkl1041-472012-2024-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब की म्युनिसिपल काउंसिल व कमेटी के चुनाव क्यों नहीं करवा रही सरकार: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब की म्युनिसिपल काउंसिल व कमेटी के चुनाव क्यों नहीं करवा रही सरकार: हाईकोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-समय अवधि समाप्त होने के करीब दो साल बाद भी चुनाव न होने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
-जनहित याचिका के माध्यम से उठाया गया है 42 म्यूनिसिपल काउंसिल व कमेटी के चुनाव का मुद्दा
-- -
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब की 42 म्युनिसिपल काउंसिल व कमेटी का कार्यकाल पूरा होने के महीनों बाद भी चुनाव न करवाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार से पूछा है कि आखिर कब तक चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे।
मालेरकोटला निवासी बेअंत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब की 42 म्युनिसिपल काउंसिल व कमेटी का चुनाव उनका कार्यकाल पूरा होने के कई माह बीत जाने के बावजूद नहीं करवाया जा रहा है। चुनाव न होने के कारण इन क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अधिकतर म्युनिसिपल काउंसिल का कार्यकाल दिसंबर 2022 में पूरा हो चुका है। संविधान के अनुसार म्युनिसिपल काउंसिल के चुनाव उसकी अवधि खत्म होने से पहले आयोजित करना जरूरी होता है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
एक अगस्त 2023 को स्थानीय निकाय विभाग ने चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की थी और एक नवंबर को चुनाव तय किया था। इस सब के बावजूद आज तक चुनाव आयोजित नहीं किए गए हैं। याची ने चुनाव आयोजित करने के लिए सरकार को कानूनी नोटिस भी भेजा था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर अब याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है। हाईकोर्ट से याची ने मांग की है कि सरकार को चुनाव करवाने के निर्देश जारी किया जाए। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस विकास सूरी ने सरकार को इस मामले में 25 जुलाई तक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-जनहित याचिका के माध्यम से उठाया गया है 42 म्यूनिसिपल काउंसिल व कमेटी के चुनाव का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब की 42 म्युनिसिपल काउंसिल व कमेटी का कार्यकाल पूरा होने के महीनों बाद भी चुनाव न करवाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार से पूछा है कि आखिर कब तक चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे।
मालेरकोटला निवासी बेअंत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब की 42 म्युनिसिपल काउंसिल व कमेटी का चुनाव उनका कार्यकाल पूरा होने के कई माह बीत जाने के बावजूद नहीं करवाया जा रहा है। चुनाव न होने के कारण इन क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अधिकतर म्युनिसिपल काउंसिल का कार्यकाल दिसंबर 2022 में पूरा हो चुका है। संविधान के अनुसार म्युनिसिपल काउंसिल के चुनाव उसकी अवधि खत्म होने से पहले आयोजित करना जरूरी होता है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन
एक अगस्त 2023 को स्थानीय निकाय विभाग ने चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की थी और एक नवंबर को चुनाव तय किया था। इस सब के बावजूद आज तक चुनाव आयोजित नहीं किए गए हैं। याची ने चुनाव आयोजित करने के लिए सरकार को कानूनी नोटिस भी भेजा था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर अब याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है। हाईकोर्ट से याची ने मांग की है कि सरकार को चुनाव करवाने के निर्देश जारी किया जाए। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस विकास सूरी ने सरकार को इस मामले में 25 जुलाई तक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन