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Chandigarh News: कूड़े के पहाड़ को साफ करने के लिए निगम क्यों दे रहा अलग-अलग डेडलाइन
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चंडीगढ़। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की एक संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष व सदस्य पिछले दो दिन से चंडीगढ़ में हैं। मंगलवार को सेक्टर-17 के निजी होटल में बैठक हुई, जिसमें विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें सांसद मनीष तिवारी ने कई सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से पूछा कि डड्डूमाजरा के कूड़े के पहाड़ को साफ करने के लिए निगम की तरफ से अलग-अलग जगह अलग-अलग जवाब और डेडलाइन क्यों दी जा रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि कब तक कूड़े का पहाड़ खत्म होगा।
इस संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी हैं और इसमें लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं। समिति ने मुख्य रूप से चंडीगढ़ में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों और प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान नगर निगम आयुक्त की तरफ से शहर में कचरा प्रसंस्करण प्रबंधन और अन्य चल रही परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस पर तिवारी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से संसद, एडवाइजरी काउंसिल व अन्य जगह अलग-अलग डेडलाइन दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि समिति के सामने अधिकारियों ने कहा है कि इस साल जून तक कूड़े के पहाड़ को साफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा तिवारी ने निगम की वित्तीय स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि निगम को प्रशासन के बजट का एक तिहाई फंड मिलना चाहिए लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। यही कारण है कि निगम भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा है। बैठक में सांसद मनीष तिवारी, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, वित्त सचिव दीप्रवा लाकड़ा व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जब निगम में गांव शामिल, फिर लाल डोरा क्योंः तिवारी
तिवारी ने समिति के सामने लाल डोरे का मुद्दा उठाया। कहा कि जब गांव निगम में शामिल हो गए हैं तो लाल डोरे की प्रासंगिकता ही नहीं रह गई है। ऐसे में उसे खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी दिलाने और शेयरवाइज संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर लगे रोक का मुद्दा उठाया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से समझ कर आदेश जारी किया गया। इस पर भी गंभीरता से कार्य कर लोगों को राहत दिलाने की जरूरत है। इन तमाम मुद्दों पर समिति ने भी विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों से वर्तमान स्थिति को समझा। इसके बाद सांसदों ने भी अपनी बात रखी। समिति ने प्रशासन के अधिकारियों से इन मुद्दों पर लिखित में जवाब मांगा है।
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अमृत योजना, पीएम स्वनिधि, स्मार्ट सिटी मिशन की हुई समीक्षा
संसदीय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अमृत योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अलावा, आवासन एवं शहरी कार्य, शहरी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), परिवहन जैसी विभिन्न योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों की ओर की गई प्रगति की सराहना भी की।
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इस संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी हैं और इसमें लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं। समिति ने मुख्य रूप से चंडीगढ़ में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों और प्रमुख योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान नगर निगम आयुक्त की तरफ से शहर में कचरा प्रसंस्करण प्रबंधन और अन्य चल रही परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस पर तिवारी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से संसद, एडवाइजरी काउंसिल व अन्य जगह अलग-अलग डेडलाइन दी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि समिति के सामने अधिकारियों ने कहा है कि इस साल जून तक कूड़े के पहाड़ को साफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा तिवारी ने निगम की वित्तीय स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि निगम को प्रशासन के बजट का एक तिहाई फंड मिलना चाहिए लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। यही कारण है कि निगम भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा है। बैठक में सांसद मनीष तिवारी, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, वित्त सचिव दीप्रवा लाकड़ा व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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जब निगम में गांव शामिल, फिर लाल डोरा क्योंः तिवारी
तिवारी ने समिति के सामने लाल डोरे का मुद्दा उठाया। कहा कि जब गांव निगम में शामिल हो गए हैं तो लाल डोरे की प्रासंगिकता ही नहीं रह गई है। ऐसे में उसे खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड के मकानों में नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी दिलाने और शेयरवाइज संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर लगे रोक का मुद्दा उठाया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से समझ कर आदेश जारी किया गया। इस पर भी गंभीरता से कार्य कर लोगों को राहत दिलाने की जरूरत है। इन तमाम मुद्दों पर समिति ने भी विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों से वर्तमान स्थिति को समझा। इसके बाद सांसदों ने भी अपनी बात रखी। समिति ने प्रशासन के अधिकारियों से इन मुद्दों पर लिखित में जवाब मांगा है।
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अमृत योजना, पीएम स्वनिधि, स्मार्ट सिटी मिशन की हुई समीक्षा
संसदीय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अमृत योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अलावा, आवासन एवं शहरी कार्य, शहरी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), परिवहन जैसी विभिन्न योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों की ओर की गई प्रगति की सराहना भी की।