आरक्षण आंदोलन के आरोपियों के खिलाफ गवाह क्यों मुकर रहें हैं : हाईकोर्ट
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भिवानी के बामला रेलवे स्टेशन पर आगजनी के दो आरोपियों की जमानत याचिका पर पंजाब -हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के डीजीपी से जवाब तलब किया है।
आरोपियों ने अपनी जमानत याचिका में गवाहों के बयान से मुकरने को आधार बनाया था। हाईकोर्ट ने अब डीजीपी से पूछा है कि आखिर क्यों आरक्षण आंदोलन के आरोपियों के खिलाफ गवाही देने वाले गवाह मुकर रहें हैं।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए जोगिंदर सिंह व अन्य ने कहा कि हरियाणा के भिवानी स्थित बामला रेलवे स्टेशन पर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान आगजनी व तोड़फोड़ हुई थी।
बयानों से मुकर रहे हैं गवाह
मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया था, जबकि उनका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने इस मामले में जिनको गवाह बनाया था वे भी अपने बयान से मुकर चुके हैं।
ऐसे में मामले में याची को जमानत का लाभ दिया जाए। इस पर जस्टिस एबी चौधरी ने हैरानी जताई। कहा कि गवाह मुकर क्यों रहे हैं।
हाईकोर्ट ने डीजीपी से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि आंदोलन के दौरान के जो मामले चल रहे हैं, उनमें गवाह मुकर रहें हैं। इसका कारण क्या है, इस बारे में दो दिसंबर तक विस्तृत जानकारी दी जाए।