'झगड़े में पीड़िता का गर्भ गिरा फिर भी केस दर्ज क्यों नहीं किया'
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हथीन में हुए एक झगड़े में महिला का गर्भ गिरने के बावजूद मामला दर्ज न करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसपी मेवात, डीएसपी फिरोजपुर झिरका वऔर एसएचओ हथीन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामला हथीन में एक झगड़े से आरंभ हुआ था। झगड़े के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल हुआ और याची के आरोप के अनुसार मेडिकल में यह पुष्टि हुई थी कि झगड़े के चलते उसका गर्भ गिरा।
इसके बावजूद भी पुलिस ने गर्भ में बच्चे की हत्या का मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद हाईकोर्ट में एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से याचिका दाखिल की गई थी।
डीएसपी और एसएचओ को नोटिस
याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि अथॉरिटी एमएलआर के अनुरूप उचित कार्रवाई करे। इसके लिए हाईकोर्ट ने एक माह का समय दिया था।
मियाद पूरी होने के बावजूद जब एक्शन नहीं लिया गया तो याचिकाकर्ता शरीफ ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से अवमानना याचिका दाखिल करते हुए एसपी, डीएसपी व एसएचओ के खिलाफ अवमानना के तहत कार्रवाई करने की अपील की।
इस याचिका पर प्राथमिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एसपी मेवात, डीएसपी फिरोजपुर झिरका व एसएचओ हथीन को अवमानना नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि जब गर्भ गिरा तो उन धाराओं के तहत मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया है। मामले में सभी प्रतिवादियों को 14 फरवरी तक इस संदर्भ में अपना जवाब दाखिल करना होगा।