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Chandigarh News: किसके हाथ आएगा लड्डू, किसके हाथ से फिसलेगा? आज तय होगा वार्डों का गणित
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चंडीगढ़। नगर निगम के दिसंबर में होने वाले चुनाव के लिए वार्ड रिजर्वेशन का ड्रा ऑफ लॉट शुक्रवार को यूटी गेस्ट हाउस में निकाला जाएगा। इसका मौजूदा पार्षदों को बेसब्री से इंतजार है। किसका वार्ड महिला या एससी के लिए आरक्षित होगा और किसकी सीट सामान्य रहेगी, इसका फैसला ड्रा के बाद होगा। रिजर्वेशन के बाद ही पार्षद अपनी चुनावी रणनीति तय कर सकेंगे। कई पार्षद अपनी पत्नियों को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं, लेकिन वार्ड एससी महिला के लिए आरक्षित होने पर उन्हें दूसरे वार्ड की तलाश करनी पड़ सकती है। ऐसे में टिकट देना पार्टियों के फैसले पर निर्भर करेगा।
2021 के निगम चुनाव में 35 वार्डों में से नौ जनरल महिला, चार एससी पुरुष और तीन एससी महिला के लिए आरक्षित थे। इस बार रिजर्वेशन रोटेशन के आधार पर होगा। 35 में से 12 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, इनमें नौ जनरल और तीन एससी महिला के लिए होंगे। चार वार्ड एससी पुरुषों के लिए आरक्षित रहेंगे। इससे कई वार्डों में पुराने समीकरण बदलेंगे। पिछली बार आरक्षित सीट के कारण चुनाव नहीं लड़ सके दावेदार इस बार सामान्य सीट मिलने पर ताल ठोक सकते हैं।
तीनों पार्टियों में कई चेहरों के टिकट कटने तय
आम आदमी पार्टी के अब सात पार्षद हैं, जबकि सात ने पार्टी छोड़ दी है। कांग्रेस से 2021 में आठ पार्षद जीते थे और दो बीजेपी में चले गए। बावजूद इसके कांग्रेस के अब 10 पार्षद हैं। बीजेपी के पिछले चुनाव में 12 पार्षद थे, जो अब बढ़कर 18 हो गए हैं। पार्टी बदलने वाले कई पार्षदों को दोबारा टिकट मिलना आसान नहीं होगा, क्योंकि हर पार्टी में पहले से कई दावेदार मैदान में हैं।
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पब्लिक की नजर पाला बदलने वालों पर
पाला बदलने वाले पार्षदों पर इस बार जनता की खास नजर रहेगी। मतदाताओं में यह नाराजगी है कि उनके वोट से जीतने के बाद पार्षदों ने पार्टी बदल ली। शहर में फिलहाल किसी पार्टी की स्पष्ट लहर नहीं दिख रही। ऐसे में हर वार्ड में कम वोटरों के बीच मुकाबला होगा और जीत का अंतर भी कम रहने की संभावना है। पाला बदलने वाले पार्षदों पर इस बार जनता की खास नजर रहेगी। मतदाताओं में यह नाराजगी है कि उनके वोट से जीतने के बाद पार्षदों ने पार्टी बदल ली। शहर में फिलहाल किसी पार्टी की स्पष्ट लहर नहीं दिख रही। ऐसे में हर वार्ड में कम वोटरों के बीच मुकाबला होगा और जीत का अंतर भी कम रहने की संभावना है।
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2021 के निगम चुनाव में 35 वार्डों में से नौ जनरल महिला, चार एससी पुरुष और तीन एससी महिला के लिए आरक्षित थे। इस बार रिजर्वेशन रोटेशन के आधार पर होगा। 35 में से 12 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, इनमें नौ जनरल और तीन एससी महिला के लिए होंगे। चार वार्ड एससी पुरुषों के लिए आरक्षित रहेंगे। इससे कई वार्डों में पुराने समीकरण बदलेंगे। पिछली बार आरक्षित सीट के कारण चुनाव नहीं लड़ सके दावेदार इस बार सामान्य सीट मिलने पर ताल ठोक सकते हैं।
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तीनों पार्टियों में कई चेहरों के टिकट कटने तय
आम आदमी पार्टी के अब सात पार्षद हैं, जबकि सात ने पार्टी छोड़ दी है। कांग्रेस से 2021 में आठ पार्षद जीते थे और दो बीजेपी में चले गए। बावजूद इसके कांग्रेस के अब 10 पार्षद हैं। बीजेपी के पिछले चुनाव में 12 पार्षद थे, जो अब बढ़कर 18 हो गए हैं। पार्टी बदलने वाले कई पार्षदों को दोबारा टिकट मिलना आसान नहीं होगा, क्योंकि हर पार्टी में पहले से कई दावेदार मैदान में हैं।
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पब्लिक की नजर पाला बदलने वालों पर
पाला बदलने वाले पार्षदों पर इस बार जनता की खास नजर रहेगी। मतदाताओं में यह नाराजगी है कि उनके वोट से जीतने के बाद पार्षदों ने पार्टी बदल ली। शहर में फिलहाल किसी पार्टी की स्पष्ट लहर नहीं दिख रही। ऐसे में हर वार्ड में कम वोटरों के बीच मुकाबला होगा और जीत का अंतर भी कम रहने की संभावना है। पाला बदलने वाले पार्षदों पर इस बार जनता की खास नजर रहेगी। मतदाताओं में यह नाराजगी है कि उनके वोट से जीतने के बाद पार्षदों ने पार्टी बदल ली। शहर में फिलहाल किसी पार्टी की स्पष्ट लहर नहीं दिख रही। ऐसे में हर वार्ड में कम वोटरों के बीच मुकाबला होगा और जीत का अंतर भी कम रहने की संभावना है।