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कब्जा करने वाले बनेंगे प्रॉपर्टी के मालिक, विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Feb 2017 09:11 AM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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पंजाब में कई साल से स्थानीय निकायों की जमीन और दुकानों पर किराएदार के रूप में काबिज लोग अब मालिक बन सकेंगे। स्थानीय निकाय विभाग ने विधानसभा चुनाव निपटने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए लोगों से आवेदन मांगे गए हैं।
नगर निगमों और काउंसिलों की जमीनों तथा दुकानों पर पूरे पंजाब में बड़ी संख्या में लोग बतौर किराएदार काबिज हैं। कई लोगों के खिलाफ केस चल रहे हैं। निकाय विभाग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले इनके लिए खास योजना बनाई थी। इसके तहत ऐसे लोगों को उस प्रॉपर्टी का मालिकाना हक दिया जाना था। इसके लिए कम से कम बीस साल से काबिज होने की शर्त रखी गई थी। साथ ही ऐसे लोगों से डीसी रेट के हिसाब से प्रॉपर्टी की कीमत ली जाएगी। निकाय विभाग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन चुनाव के चलते इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। अब विभाग ने नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की है। विभाग ने प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों से 31 मार्च, 2017 तक आवेदन मांगे हैं। इसके बाद कोई भी अर्जी स्वीकार नहीं की जाएगी। लोगों को आवेदन केसाथ उस जगह पर काबिज होने केसबूत के तौर पर बिजली, पानी, सीवरेज के बिल भी देने होंगे।
केसों से मिलेगी निजात, होगी करोड़ों की आय
स्थानीय निकाय विभाग की पूरे पंजाब में जमीनों पर कब्जे को लेकर बड़ी संख्या में कोर्ट केस चल रहे हैं। इनकी पैरवी पर विभाग को काफी पैसा भी खर्च करना पड़ता है। वहीं, केस के चलते आय भी नहीं होती। इस योजना से जहां वे सारे कोर्ट केस खत्म हो जाएंगे, वकीलों को जाने वाली फीस भी बचेगी। वहीं, विभाग को उम्मीद है कि इससे पूरे पंजाब से उसे भारी राजस्व की प्राप्ति होगी।
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नगर निगमों और काउंसिलों की जमीनों तथा दुकानों पर पूरे पंजाब में बड़ी संख्या में लोग बतौर किराएदार काबिज हैं। कई लोगों के खिलाफ केस चल रहे हैं। निकाय विभाग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले इनके लिए खास योजना बनाई थी। इसके तहत ऐसे लोगों को उस प्रॉपर्टी का मालिकाना हक दिया जाना था। इसके लिए कम से कम बीस साल से काबिज होने की शर्त रखी गई थी। साथ ही ऐसे लोगों से डीसी रेट के हिसाब से प्रॉपर्टी की कीमत ली जाएगी। निकाय विभाग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन चुनाव के चलते इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। अब विभाग ने नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की है। विभाग ने प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों से 31 मार्च, 2017 तक आवेदन मांगे हैं। इसके बाद कोई भी अर्जी स्वीकार नहीं की जाएगी। लोगों को आवेदन केसाथ उस जगह पर काबिज होने केसबूत के तौर पर बिजली, पानी, सीवरेज के बिल भी देने होंगे।
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केसों से मिलेगी निजात, होगी करोड़ों की आय
स्थानीय निकाय विभाग की पूरे पंजाब में जमीनों पर कब्जे को लेकर बड़ी संख्या में कोर्ट केस चल रहे हैं। इनकी पैरवी पर विभाग को काफी पैसा भी खर्च करना पड़ता है। वहीं, केस के चलते आय भी नहीं होती। इस योजना से जहां वे सारे कोर्ट केस खत्म हो जाएंगे, वकीलों को जाने वाली फीस भी बचेगी। वहीं, विभाग को उम्मीद है कि इससे पूरे पंजाब से उसे भारी राजस्व की प्राप्ति होगी।
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