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बुडैल जेल के वार्डन को सजा सुनाते समय अदालत ने कहा सामाजिक जड़ों को दीमक की तरह खा रहे भ्रष्टाचारी

Wed, 24 Mar 2021 01:43 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 01:43 AM IST
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While sentencing the warden of Budail jail, the court said that corrupt people eating social roots like termites
चंडीगढ़। बुड़ैल जेल के पूर्व हेड वार्डन सरवन कुमार को सीबीआई जज सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने मंगलवार को चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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सुनवाई के दौरान अदालत नेेे कहा कि जिस तरह एक पौधे को लगाने के बाद उसकी देखभाल की जाती है। उसके बाद पूरा समाज उसके मीठे फलों का आनंद लेता है। वहीं, एक समय केेेे बाद दीमक पेड़ की जड़ों को खा जाता हैै और वह फल देना बंद कर देता है। ठीक, उसी तरह दोषी जैसे भ्रष्टाचारी राष्ट्र के सामाजिक और राजकोषीय वृक्ष की जड़ों को खाने में जिम्मेदार हैं, इसलिए ऐसेे व्यक्तियों पर दया नहीं की जा सकती। वीरवार को दोनों पक्ष ने अपनी अंतिम दलीलें पेश की थीं। अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1) (डी), 13 (2) के तहत आरोपी को दोषी करार किया है।
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यह है मामला
सीबीआई ने 14 जुलाई, 2014 को बुड़ैल जेल के हेड वार्डन सरवन कुमार को एक कैदी से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दरअसल, अपहरण मामले में सजा काट रहे संदीप कुमार ने अपनी ड्यूटी बदलवाने के लिए वार्डन सरवन से गुहार लगाई थी। इस पर सरवन ने संदीप की विजिटर रूम में ड्यूटी लगा दी थी। इसके बदले आरोपी ने अपने घर में वाटर प्यूरीफायर लगाने के लिए पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। संदीप के साथ अन्य कैदी प्रेम सिंह बिष्ट भी जेल में बंद था। प्रेम सिंह बिष्ट ने अपने भाई प्रताप सिंह बिष्ट को बताया था कि जेल में वार्डन कैदी संदीप से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद प्रताप सिंह बिष्ट ने मामले की सूचना सीबीआई को दे दी।
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संदीप ने वार्डन सरवन को रिश्वत की रकम लेने के लिए प्रताप सिंह का मोबाइल नंबर दे दिया और कहा कि वह उसका भाई है और वही उसे पैसे देगा। संदीप के कहने पर सरवन ने प्रताप को फोन किया और स्कूल के पास मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही सरवन वहां पहुंचा तो सीबीआई ने सरवन कुमार को सेक्टर-45 के सरकारी स्कूल के सामने से रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया।
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