चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में पहले प्रवेश को लेकर विद्यार्थी असमंजस में थे और फिर परीक्षाओं को लेकर। अब मास्टर डिग्री करने वाले विद्यार्थियों की चिंताएं बढ़ गईं। उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा है कि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा होगी या नहीं। इसको लेकर अधिकारी अपना रुख साफ नहीं कर रहे हैं। यदि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा नहीं होगी तो लगभग 2000 से अधिक विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में हिस्सा लेना होगा।
पीयू की ओर से एक माह पहले कहा गया था कि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। कुछ दिनों बाद यह नियम फिर टल गया। मेरिट के आधार पर प्रवेश करने की बात सामने आई। अधिकारियों के बयान में एकरूपता नहीं रही। अब स्थिति पीएचडी प्रवेश को लेकर क्या है? यह तय नहीं है। इसको लेकर पीयू से मास्टर डिग्री करने वाले विद्यार्थी हलकान हैं। वहीं दूसरे शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी परेशान हैं, क्योंकि वह भी इस परीक्षा के जरिए पीएचडी में दाखिला ले पाते हैं। नेट, जेआरएफ, स्लेट आदि परीक्षा पास विद्यार्थियों से तो कुछ विभागों ने आवेदन सीधे मांग लिए हैं। प्रवेश परीक्षा का इंतजार करने वाले विद्यार्थी इसको लेकर और परेशान हो गए। उनकी धड़कनें बढ़ रही हैं। इस संबंध में प्रभारी डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा से संपर्क किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया।