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जब SSP बोले, पार्क में बैठे युवक-युवतियों को नहीं हटा सकती पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Sep 2016 09:07 AM IST
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SSP Sukhchain Singh Gill
- फोटो : अमर उजाला
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एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि शहर में सुख-चैन बना रहना चाहिए। यदि शहर में शांति व्यवस्था कायम नहीं है तो पुलिस तंत्र फेल है। एसएसपी रविवार को फासवेक की बैठक में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों से शहर की कानून व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए पहुंचे थे।
एसएसपी ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि पार्कों में अगर कोई सो रहा हो या फिर कोई युवक और युवती भी बैठे है तो उन्हें कानून के तहत वहां से खदेड़ा नहीं जा सकता है। पुलिस सिर्फ उनकी पहचान पूछ सकती है।
एसएसपी ने कहा कि अगर कोई किराएदार किसी का मकान नहीं छोड़ता है तो भी उसे खाली करवाने का काम पुलिस का नहीं है। ऐसी शिकायतें पुलिस के पास नहीं आनी चाहिए बल्कि इसके लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
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मौके पर लोगों ने शहर में हो रही वारदातों, लाइट प्वाइंट पर भिखारियों, अवैध पीजी और झपटमारी की वारदातों को लेकर रोष जाहिर किया। एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने लोगों को जवाब देते हुए कहा कि क्राइम को कभी भी जीरो नहीं किया जा सकता है लेकिन पुलिस का सदैव प्रयास रहता है कि क्राइम रेट कम की जाए।
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एसएसपी ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि पार्कों में अगर कोई सो रहा हो या फिर कोई युवक और युवती भी बैठे है तो उन्हें कानून के तहत वहां से खदेड़ा नहीं जा सकता है। पुलिस सिर्फ उनकी पहचान पूछ सकती है।
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एसएसपी ने कहा कि अगर कोई किराएदार किसी का मकान नहीं छोड़ता है तो भी उसे खाली करवाने का काम पुलिस का नहीं है। ऐसी शिकायतें पुलिस के पास नहीं आनी चाहिए बल्कि इसके लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
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मौके पर लोगों ने शहर में हो रही वारदातों, लाइट प्वाइंट पर भिखारियों, अवैध पीजी और झपटमारी की वारदातों को लेकर रोष जाहिर किया। एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने लोगों को जवाब देते हुए कहा कि क्राइम को कभी भी जीरो नहीं किया जा सकता है लेकिन पुलिस का सदैव प्रयास रहता है कि क्राइम रेट कम की जाए।
'जब लगा था कि चंडीगढ़ में गलत आ गया'
SSP Sukhchain Singh Gill
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि जब उन्होंने चंडीगढ़ ज्वाइन किया था तो एक दिन ही छह चेन स्नैचिंग हो गई थी उन्हें उस समय महसूस हुआ था कि चंडीगढ़ में वह गलत आ गए लेकिन आपराधिक वारदातों को भी सुलझाया।
सीसीटीवी लगाने की अपील
उन्होंने लोगों को अपने घरों के बाहर और गलियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि हाल ही में कई वारदातें ऐसी हुई है, जिनमें मनीमाजरा का हत्याकांड भी शामिल है, जो सीसीटीवी की मदद से ही सुलझा लिया गया है।
डॉ सुखचैन ने बताया कि पुलिस के पास इतना बजट नहीं है कि अंदरूनी सड़कों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगा सके, ऐसे में लोगों को चाहिए कि घर में लाखों-करोड़ों रुपये लगा रहे है, तो 10-15 हजार रुपये सीसीटीवी कैमरे में भी खर्च करे। उन्होंने बताया कि डड्डूमाजरा क्षेत्र में भी लोग अब घरों के बाहर कैमरे लगा रहे हैं।
सीनियर सिटीजन से घर जाकर मिले बीट इंचार्ज
जब एसएसपी को बैठक में लोगों ने बताया कि अब बीट के पुलिस अधिकारी सीनियर सिटीजन का हाल चाल पूछने के लिए घरों पर नहीं जा रहे हैं। इस पर एसएसपी ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि हर सप्ताह बीट पुलिस कर्मचारी अकेले रह रहे सीनियर सिटीजन के घर जाकर मिले, जबकि जो अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, उन्हें भी माह में एक बार जाकर मिले।
सीसीटीवी लगाने की अपील
उन्होंने लोगों को अपने घरों के बाहर और गलियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि हाल ही में कई वारदातें ऐसी हुई है, जिनमें मनीमाजरा का हत्याकांड भी शामिल है, जो सीसीटीवी की मदद से ही सुलझा लिया गया है।
डॉ सुखचैन ने बताया कि पुलिस के पास इतना बजट नहीं है कि अंदरूनी सड़कों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगा सके, ऐसे में लोगों को चाहिए कि घर में लाखों-करोड़ों रुपये लगा रहे है, तो 10-15 हजार रुपये सीसीटीवी कैमरे में भी खर्च करे। उन्होंने बताया कि डड्डूमाजरा क्षेत्र में भी लोग अब घरों के बाहर कैमरे लगा रहे हैं।
सीनियर सिटीजन से घर जाकर मिले बीट इंचार्ज
जब एसएसपी को बैठक में लोगों ने बताया कि अब बीट के पुलिस अधिकारी सीनियर सिटीजन का हाल चाल पूछने के लिए घरों पर नहीं जा रहे हैं। इस पर एसएसपी ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि हर सप्ताह बीट पुलिस कर्मचारी अकेले रह रहे सीनियर सिटीजन के घर जाकर मिले, जबकि जो अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, उन्हें भी माह में एक बार जाकर मिले।