पंजाब में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू: कहीं गंदगी के ढेर तो कहीं लावारिस पशुओं का डेरा, जानें जिलों की मंडियों का हाल
अमृतसर में इस बार 7 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होगी। जिला प्रशासन ने पिछले साल 2021 के दौरान हुई गेहूं की खरीद के बराबर कम से कम खरीद का लक्ष्य रखा है।
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पंजाब में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो रही है। सरकार ने कहा है कि भी सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं और किसानों को मंडियों में कोई मुश्किल नहीं आने दी जाएगी। मगर आइए नजर डालते हैं जिलों में हो रही खरीद व्यवस्था पर...
अबोहर की अनाज मंडी में गेहूं खरीद के कोई भी प्रबंध पूरे नहीं है। यहां लावारिस पशुओं के झुंड सारा दिन फसलों की ढेरियों में मुंह मारते रहते हैं। वहीं मंडी में किसानों व मजदूरों के लिए पीने के पानी व शौचालय आदि का भी कोई प्रबंध नहीं है। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों व मजदूरों ने जिला प्रशासन से शीघ्र ही इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
पंजाब सरकार ने एक अप्रैल से सभी अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू करने का एलान किया है। हालांकि अबोहर मंडी में गेहूं की आमद करीब 10 दिन बाद शुरू होने की उम्मीद है लेकिन प्रशासन ने यहां गेहूं की खरीद का कोई भी प्रबंध पूरा नहीं किया है। मंडी में पूरा दिन लावारिस पशुओं के झुंड घूमते रहते हैं।
वर्तमान में मंडी में सरसों की खरीद हो रही है। लावारिस पशुओं से बचाने के लिए किसान दिन रात रखवाली करते हैं। किसान गुरभेज सिंह ने बताया कि मंडी में गेहूं की आमद शुरू होने में भले ही करीब 10 दिन लग सकते हैं लेकिन मंडी में आने वाले किसानों व मजदूरों के लिए सुविधा नहीं है। मंडी में पीने का पानी नहीं है, मजदूरों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। हैंडपंप खराब हैं।
बठिंडा: अनाज मंडी पहुंचे मजदूर, बोले- फसल आएगी तो रोजगार मिलेगा
बठिंडा में किसान एक अप्रैल से मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने फसल खरीद करने संबंधी तैयारियां पूरी कर ली हैं। डीसी विनीत ने कहा कि मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को किसी प्रकार की कोई मुश्किल न आए, इसके लिए प्रशासन ने पूरा प्रबंध कर लिया है। वहीं किसानों के मंडी में पहुंचने से पहले ही गुरुवार को मजदूर रोजगार की उम्मीद लेकर अनाज मंडी में पहुंच गए हैं।
गुरुवार को अनाज मंडी में पहुंचे मजदूर सोनू, रिंकू, काली और लक्ष्मण ने बताया कि उनके पास कोई रोजगार नहीं है। अब उन्हें गेहूं की फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों से रोजगार की उम्मीद दिखाई दी है। इस कारण वह एक दिन पहले ही अनाज मंडी में पहुंच गए हैं। किसान शिंगारा सिंह ने बताया कि अभी जिले में पूरी तरह से गेहूं की फसल काटी नहीं गई लेकिन कुछ जगहों पर किसानों ने गेहूं की फसल को काट ली है। एक अप्रैल से किसान अनाज मंडी पहुंचेंगे।
अमृतसर में 7 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की होगी खरीद
अमृतसर में इस बार 7 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होगी। जिला प्रशासन ने पिछले साल 2021 के दौरान हुई गेहूं की खरीद के बराबर कम से कम खरीद का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का दावा है कि खरीद की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार से 71 मंडियों में खरीद शुरू हो जाएगी। डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा ने इसे लेकर जिला खाद्य आपूर्ति कंट्रोलर (डीएफएससी) सुखविंदर सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए जिला में होने वाली रोजाना गेहूं की खरीद बाबत रोजाना रिपोर्ट देने की हिदायतें की हैं।
जिले में 57 मंडियां हैं लेकिन प्रशासन ने पिछली बार की तरह इस बार भी अस्थायी मंडियां बनाई हैं। इनमें पांच यार्ड और जिले की नौ राइस मिलों में गेहूं की खरीद केंद्र बनाए गए हैं। रेगुलर मंडियों में अमृतसर सिटी में भगतांवाला, अटारी, रइया, जंडियाला, अजनाला, मजीठा और मेहता व अन्य शामिल हैं, जहां बड़े स्तर पर खरीद की जाएगी। ट
गेहूं की खरीद के नोडल अधिकारी-कम-डिस्ट्रिक फूड एंड सिविल सप्लाई कंट्रोलर सुखविंदर सिंह ने बताया कि जिला की अलग-अलग मंडियों में 2022 के लिए 7 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। सबसे ज्यादा गेहूं की खरीद पनग्रेन विभाग करेगा, जो गेहूं की कुल खरीद का 25.50 फीसदी होगा। इसके अलावा मार्कफेड 24 फीसदी, पनसन 23.50 फीसदी वेयर हाउस 14.40 फीसदी और फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) 12.60 फीसदी गेहूं की खरीद करेगा। जिला नोडल अधिकारी सुखविंदर सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए सभी प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
फिरोजपुर: मंडियों में लगे गंदगी के ढेर
फिरोजपुर में मंडियों में गंदगी के ढेर लगे हैं। शहर की दाना मंडी में शेड के नीचे लावारिस पशु बैठे हैं, जगह-जगह गंदगी फैली है। यही नहीं लाइट और पीने के पानी का भी कोई प्रबंध नहीं हुआ है। जिले में लगभग 131 मंडियां हैं जबकि नौ मंडियां प्रमुख हैं। फिरोजपुर शहर की दाना मंडी को देख ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है कि एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। यहां पर शेड के नीचे सैकड़ों की संख्या में लावारिस पशु बैठे हैं।
जगह-जगह गंदगी फैली है। मंडी में सफाई तक नहीं करवाई गई है, न ही मंडी में लाइटों का प्रबंध हुआ है। इसके अलावा किसानों और मजदूरों के पीने के शुद्ध पानी तक का प्रबंध नहीं किया गया है। मंडी में जिला मंडी बोर्ड का कोई कर्मचारी व अधिकारी भी नजर नहीं आया। जबकि पंजाब सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू की घोषणा की है।
अकेली शहर मंडी का बुरा हाल नहीं बल्कि फिरोजपुर छावनी दाना मंडी में भी गंदगी फैली है। यहां भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। विभिन्न गांवों में बनी छोटी मंडियों में पुख्ता इंतजाम नहीं है। उधर, जिला मंडी बोर्ड के अधिकारी डॉ. नरेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में 131 मंडियां हैं और नौ बड़ी मंडी हैं। सभी मंडियों में युद्धस्तर पर सफाई कार्य चल रहा है। जब उनसे पूछा कि शहर दाना मंडी में लाइटों का बुरा हाल है तो उन्होंने कहा कि मंडियों में पांच अप्रैल तक गेहूं आना शुरू होगी, तीन अप्रैल तक सभी मंडियों में पूरे इंतजाम कर लिए जाएंगे। बारदाना संबंधी उन्होंने कहा कि इसकी देखरेख सरकारी खरीद एजेंसियां करती हैं फिलहाल बारदानें की भी कोई कमी नहीं है। खरीद के इंतजाम पूरे हैं।
सीएम सिटी की अनाज मंडियों में गेहूं खरीद के प्रबंध जोरों पर
उधर, संगरूर में जिला प्रशासन ने गेहूं खरीद के सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। सीएम सिटी की अनाज मंडी में किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी न हो इसका खास ख्याल रखा जा रहा है। अनाज मंडी में सफाई, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था कर दी गई है। संगरूर में 166 मंडियां हैं, जिनमें गेहूं की खरीद आरंभ होगी। जिला मंडी अधिकारी मनदीप सिंह ने बताया कि जिले की सभी मंडियों में 1 अप्रैल से खरीद प्रबंध मुकम्मल कर लिए जाएंगे। किसी भी किसान को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एक दो मंडियों में कच्चे फर्श की समस्या आई थी और उन्होंने अपनी टीम के साथ इन गांवों का दौरा भी किया। एक गांव में लोगों द्वारा मंडी का फर्श पक्का करने से रोका जा रहा है लेकिन जल्द इस मसले का हल निकाल लिया जाएगा।
गेहूं की खरीद के सुचारु प्रबंधों के लिए की बैठक
बरनाला में डीसी कुमार सौरभ राज ने मंडियों में गेहूं के खरीद के प्रबंधों के लिए गुरुवार को अधिकारियों से बैठक की। डीसी ने कहा कि जिले में बारदाने की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार बारदाना मौजूद है। जिला खुराक व सिविल सप्लाई कंट्रोलर मीनाक्षी ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी।
जिले में 98 मंडियों के अलावा 72 सब यार्ड बनाए गए हैं। 2021-22 के दौरान 4 लाख 68 हजार 539 एमटी गेहूं की आमद हुई थी और इस वर्ष भी इतनी फसल मंडियों में आने की उम्मीद है। जिला मंडी अफसर जसपाल सिंह ने कहा कि मंडियों में बिजली, पानी, सफाई के प्रबंध पूरे कर लिए हैं, ताकि किसानों को कोई मुश्किल पेश न आए।