अब Whatsapp से कंट्रोल होगा ट्रैफिक!
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व्हाट्सएप ने सूचनाओं के पंख लगा दिए हैं। किसी भी घटना की जानकारी व वीडियो कुछ ही देर में हजारों लोगों के बीच शेयर हो जाती है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस भी अगले हफ्ते से व्हाट्सएप पर उपलब्ध रहेगी।
व्हाट्सएप के माध्यम से सिटी ब्यूटीफुल के लोग ट्रैफिक जाम, एक्सीडेंट, नो पार्किंग, यातायात नियमों का उल्लंघन या फिर ट्रैफिक पुलिस से संबंधित कोई भी जानकारी व्हाट्सएप के नंबर से ट्रैफिक पुलिस से शेयर कर सकेंगे। चंडीगढ़ पुलिस जल्द ही 9779580985 नंबर से व्हाट्सएप एप्लीकेशंस से कनेक्ट हो जाएगी।
इसमें पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों और उनके वाहनों की तस्वीर भी पुलिस को कार्रवाई के लिए भेज सकते हैं। व्हाट्सएप पर आने वाली जानकारियों पर किस तरह से कार्रवाई करनी है इसके लिए विभाग की ओर से अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अभी तक फेसबुक पर दी जाती है जानकारी
ट्रैफिक पुलिस ने फेसबुक पर भी खाता खोला हुआ है, जिसको अभी तक 27 हजार लोग लाइक कर चुके है। व्हाट्सएप पर अब वह लोग भी अपनी शिकायत और जानकारी पुलिस को बता सकते हैं जो फेसबुक पर सार्वजनिक तौर पर जानकारी नहीं देना चाहते हैं।
व्हाट्सएप पर पुलिस को दी जाने वाली जानकारी गुप्त रहेगी। फेसबुक पर दी जाने वाली जानकारी और पूछे गए सवालों का जवाब पुलिस देती है। अब तक पुलिस करीब 500 ऐसे लोगों का चालान काट चुकी है, जिनकी तस्वीर शहरवासियों ने फेसबुक पर पोस्ट की थी जिन्होंने कोई न कोई नियम तोड़ा था।
अब व्हाट्सएप पर ट्रैफिक उपलब्ध होने से लोगों को फेसबुक खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह उनकी जानकारी किसी अन्य को भी पता नहीं चलेगी। एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी का कहना है कि व्हाट्सएप का मोबाइल नंबर जल्द ही फेसबुक और आफिशियल वेबसाइट पर लांच कर दिया जाएगा।
व्हाट्सएप पर ही अधिकारी करते हैं बात
इस समय पूरे शहर के जिम्मेवार पुलिस अधिकारी, डीएसपी और थाना प्रभारियों ने अपने सरकारी मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पर चालू करवाया हुआ है। यह सभी अधिकारी आपस में अपराध से संबंधित और अन्य जानकारी शेयर कर रहे हैं। जबकि शहर में सरकारी अस्पतालों के डाक्टर भी इस सुविधा का भरपूर प्रयोग कर रहे हैं।
इसके साथ ही शहर की कई प्रतिष्ठित कंपनियों के कर्मचारी और प्रमुख संगठन के पदाधिकारी व्हाट्सएप का प्रयोग कर रहे हैं। फासवेक के मुख्य प्रवक्ता हितेश पुरी का कहना है कि व्हाट्सएप में मैसेज शेयर करने से समय के साथ साथ प्रिंटिंग के खर्चे की भी बचत हो रही है।