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जीएमसीएच-32 की यह लापरवाही.. कहीं स्वस्थ लोगों पर न पड़ जाए भारी
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जीएमसीएच की सीढ़ियों पर फेंका हुआ शूज कवर।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन संक्रमण से बचाव के लिए सचेत नजर आ रहा है, लेकिन जीएमसीएच- 32 अस्पताल परिसर में संक्रमण फैलने की पूरी व्यवस्था नजर आ रही है। आलम यह है कि अस्पताल की जिस ए ब्लॉक की बिल्डिंग में कोरोना के मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है, उसमें जगह-जगह प्रयोग किए गए शूज कवर फेंके गए हैं। इतना ही नहीं संक्रमण के खतरे से बेपरवाह अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के परिजन इस स्थिति में भी जगह-जगह सोते और बैठकर नजर आ रहे हैं। इस स्थिति पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनकी तरफ से अस्पताल में संक्रमण से बचाव की पूरी व्यवस्था की गई है, लेकिन उनके ही डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारी ऐसी लापरवाही कर संक्रमण फैलाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
बॉक्स
सीढ़ियों से लेकर नीचे तक फैला है शूज कवर
संक्रमण से बचाव की व्यवस्था यह है कि अस्पताल में 5वें तल पर कोरोना के मरीजों के लिए वार्ड बनाया गया है, उसकी सीढ़ियों से लेकर नीचे जगह-जगह शूज कवर फेंके हुए हैं। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि शूज कवर पहनकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पॉजिटिव मरीजों के वार्ड में जाते हैं। उनके शौचालय की सफाई करने से लेकर वहां की साफ-सफाई भी करते हैं। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी उस वार्ड में जाते समय शूज कवर का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सबकुछ जानते हुए इस तरह की लापरवाही कर वे दूसरों को संक्रमित करने का इंतजाम कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।
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अस्पतालों में अब भी परिजनों की भीड़
एक तरफ अस्पताल में जगह-जगह संक्रमण फैलाने की व्यवस्था है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में अब भी मरीजों के परिजनों की भीड़ है। अस्पताल के ए ब्लॉक में ही स्थित हॉल में अब भी काफी संख्या में मरीजों के परिजन बैठे और सोते नजर आ रहे हैं जबकि इस स्थिति में वह भी बहुत आसानी से संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
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कोट-
अस्पताल में कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया है। अगर इसके बावजूद ऐसी लापरवाही हो रही है तो इस पर रोक लगाने के लिए भी तत्काल व्यवस्था की जाएगी ताकि संक्रमण न फैले।
-जसविंदर कौर, डायरेक्ट प्रिंसिपल जीएमसीएच- 32
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सीढ़ियों से लेकर नीचे तक फैला है शूज कवर
संक्रमण से बचाव की व्यवस्था यह है कि अस्पताल में 5वें तल पर कोरोना के मरीजों के लिए वार्ड बनाया गया है, उसकी सीढ़ियों से लेकर नीचे जगह-जगह शूज कवर फेंके हुए हैं। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि शूज कवर पहनकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पॉजिटिव मरीजों के वार्ड में जाते हैं। उनके शौचालय की सफाई करने से लेकर वहां की साफ-सफाई भी करते हैं। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी उस वार्ड में जाते समय शूज कवर का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सबकुछ जानते हुए इस तरह की लापरवाही कर वे दूसरों को संक्रमित करने का इंतजाम कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।
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अस्पतालों में अब भी परिजनों की भीड़
एक तरफ अस्पताल में जगह-जगह संक्रमण फैलाने की व्यवस्था है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में अब भी मरीजों के परिजनों की भीड़ है। अस्पताल के ए ब्लॉक में ही स्थित हॉल में अब भी काफी संख्या में मरीजों के परिजन बैठे और सोते नजर आ रहे हैं जबकि इस स्थिति में वह भी बहुत आसानी से संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
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अस्पताल में कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया है। अगर इसके बावजूद ऐसी लापरवाही हो रही है तो इस पर रोक लगाने के लिए भी तत्काल व्यवस्था की जाएगी ताकि संक्रमण न फैले।
-जसविंदर कौर, डायरेक्ट प्रिंसिपल जीएमसीएच- 32