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Chandigarh News: पीने वाले पानी की कैसी है क्वालिटी, अब आपको रोज मिलेगी जानकारी
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चंडीगढ़। शहर के निवासियों को अब हर दिन उनके घर में आने वाले पानी की क्वालिटी के बारे में अपडेट मिलेगा। नगर निगम ने एक नई पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत शहर के सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। इस स्क्रीन पर प्रतिदिन पानी की गुणवत्ता से जुड़ी अहम जानकारियां प्रदर्शित की जा रही हैं। नगर निगम के लैब में ही पानी के सैंपल की जांच की जाती है और फिर परिणामों को इस एलईडी स्क्रीन पर अपडेट किया जा रहा है। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि वाटर वर्क्स सेक्टर-39, 37, 52, 26, 12 और मनीमाजरा से सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इसके बाद जांच की रिपोर्ट एलईडी स्क्रीन पर दिखाई जाती है ताकि नागरिकों को पानी की स्थिति के बारे में सूचित किया जा सके। नगर निगम द्वारा दिए जा रहे इस डाटा में पानी के पीएच स्तर, कुल क्षारीयता, हार्डनेस, क्लोराइड की मात्रा, गंदगी, टोटल डिजॉल्व सॉलिड्स और टेंपरेचर की भी जानकारियां शामिल हैं। साथ ही स्क्रीन पर यह भी दिखाया जा रहा है कि पानी का सैंपल कब और कहां से लिया गया है। लोगों के समझने के लिए सभी मानक मानदंड भी दिखाए जा रहे हैं ताकि लोग यह भी देख सकें कि पानी के सैंपल की जांच के बाद में जो आंकड़े आए हैं, वो मानक से कम हैं या ज्यादा।
मानदंडों के अनुसार पानी की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जा रहा है। इससे यह समझने में आसानी होती है कि क्या पानी पीने के लिए सुरक्षित है या नहीं। इस नई पहल से नागरिकों को न केवल जानकारी मिलेगी बल्कि अगर पानी की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी होती है तो वह निगम को शिकायत भी दे सकते हैं।
हर 15 दिन की पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट (भौतिक-रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट) पहले चंडीगढ़ प्रशासन के आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड की जाती थी, लेकिन अब बंद हो गई है। प्रशासन की वेबसाइट पर 16 अगस्त से लेकर 30 सितंबर तक की रिपोर्ट अपलोड की गई है, लेकिन उसके बाद रिपोर्ट अपलोड की जानी बंद कर दी गई। इसके पीछे कारण की जानकारी किसी अधिकारी को नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पता करेंगे कि क्यों बंद हुई है। पानी में पीएच स्तर बताता है कि पानी कितना अम्लीय या क्षारीय है। पीने योग्य पानी का पीएच स्तर 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए। बहुत अधिक या बहुत कम पीएच स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कुल क्षारीयता पानी में मौजूद कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट आयनों की कुल मात्रा को दर्शाता है। यह पानी की अम्लता को नियंत्रित करने में मदद करता है। हार्डनेस पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों की कुल मात्रा को दर्शाता है और क्लोराइड पानी में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला तत्व है, जो किसी भी पानी के स्रोत से पाइप लाइनों के माध्यम से पानी में मिल सकता है। हालांकि कम मात्रा में क्लोराइड हानिकारक नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा अधिक होने पर स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। वहीं, टोटल डिजॉल्व सॉलिड्स (टीडीएस) स्तर पानी में विभिन्न खनिजों और ठोसों की उपस्थिति को दर्शाता है। सामान्यतया 500 मिग्रा/ली तक का टीडीएस स्तर पीने के लिए सुरक्षित माना जाता है। अधिक टीडीएस पानी का स्वाद बदल सकता है और इससे पेट की बीमारियां हो सकती हैं।
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मानदंडों के अनुसार पानी की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जा रहा है। इससे यह समझने में आसानी होती है कि क्या पानी पीने के लिए सुरक्षित है या नहीं। इस नई पहल से नागरिकों को न केवल जानकारी मिलेगी बल्कि अगर पानी की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी होती है तो वह निगम को शिकायत भी दे सकते हैं।
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हर 15 दिन की पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट (भौतिक-रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट) पहले चंडीगढ़ प्रशासन के आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड की जाती थी, लेकिन अब बंद हो गई है। प्रशासन की वेबसाइट पर 16 अगस्त से लेकर 30 सितंबर तक की रिपोर्ट अपलोड की गई है, लेकिन उसके बाद रिपोर्ट अपलोड की जानी बंद कर दी गई। इसके पीछे कारण की जानकारी किसी अधिकारी को नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पता करेंगे कि क्यों बंद हुई है। पानी में पीएच स्तर बताता है कि पानी कितना अम्लीय या क्षारीय है। पीने योग्य पानी का पीएच स्तर 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए। बहुत अधिक या बहुत कम पीएच स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कुल क्षारीयता पानी में मौजूद कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट आयनों की कुल मात्रा को दर्शाता है। यह पानी की अम्लता को नियंत्रित करने में मदद करता है। हार्डनेस पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों की कुल मात्रा को दर्शाता है और क्लोराइड पानी में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला तत्व है, जो किसी भी पानी के स्रोत से पाइप लाइनों के माध्यम से पानी में मिल सकता है। हालांकि कम मात्रा में क्लोराइड हानिकारक नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा अधिक होने पर स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। वहीं, टोटल डिजॉल्व सॉलिड्स (टीडीएस) स्तर पानी में विभिन्न खनिजों और ठोसों की उपस्थिति को दर्शाता है। सामान्यतया 500 मिग्रा/ली तक का टीडीएस स्तर पीने के लिए सुरक्षित माना जाता है। अधिक टीडीएस पानी का स्वाद बदल सकता है और इससे पेट की बीमारियां हो सकती हैं।
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