{"_id":"6962beaa9241c0b13e099901","slug":"what-is-the-municipal-commissioner-doingsewage-water-continues-to-be-supplied-in-the-city-the-situation-could-become-like-that-of-indore-and-gandhinagar-chandigarh-news-c-16-pkl1091-920091-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: क्या कर रहे हैं नगर निगम आयुक्त...शहर में गंदे पानी की सप्लाई जारी, इंदौर और गांधीनगर जैसी हो सकती है स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: क्या कर रहे हैं नगर निगम आयुक्त...शहर में गंदे पानी की सप्लाई जारी, इंदौर और गांधीनगर जैसी हो सकती है स्थिति
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर के कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि इंदौर और गांधीनगर जैसे जल संकट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। धनास, डड्डूमाजरा, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी और मनीमाजरा जैसे इलाकों में लंबे समय से पानी की समस्या है। कुछ इलाकों में गंदा पानी आ रहा है तो कहीं महीनों से पानी का लीकेज ठीक नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। लोगों नगर निगम के अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक इस समस्या का समाधान होगा।
इसके अलावा शहर के कई अन्य क्षेत्रों में गर्मी का मौसम आते ही समस्या और गंभीर हो जाती है। मौलीजागरां, सेक्टर- 46, सेक्टर-20, सेक्टर- 30 और किशनगढ़ समेत अनेक इलाकों में नल खोलने के शुरुआती कुछ मिनटों तक गंदा और बदबूदार पानी आता है। लोगों को मजबूरी में पहले पानी बहाना पड़ता है, जिसके बाद ही कुछ हद तक साफ पानी मिल पाता है। इससे पानी की बर्बादी भी बढ़ रही है।
नगर निगम खुद बदलेगा पाइपलाइन
24 घंटे पानी सप्लाई परियोजना के रद्द होने के बाद नगर निगम ने शहर की पाइप लाइनों को खुद बदलने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक शहर की करीब 80 फीसदी पाइप लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और उनकी तय समय सीमा समाप्त हो चुकी है, ऐसे में उन्हें बदला जाना जरूरी है। पुरानी और जर्जर पाइप लाइनों की वजह से गंदा पानी मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
विज्ञापन
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में करीब 30 फीसदी पानी रिसाव के कारण बर्बाद हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते पाइप लाइनों को नहीं बदला गया और जल प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में शहर को बड़े जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
शहर के अलग-अलग इलाकों का हाल
मनीमाजरा में पाइप लाइन में लीकेज
मनीमाजरा में मॉडर्न कॉम्प्लेक्स के पास बने अंडरपास के नजदीक पानी की पाइपलाइन में लीकेज नगर निगम के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बीते करीब एक महीने से लीकेज का स्रोत नहीं मिल पाया है। यह पाइपलाइन चंडीगढ़ से कालका जाने वाली रेलवे लाइन के नीचे से गुजरती है जिससे जांच मुश्किल हो रही है। लीकेज बंद करने के लिए रेलवे ट्रैक के पास तक खुदाई की गई है। इससे इलाके में पानी संकट आ गया है। इलाके में रहने वाले हरप्रीत सिंह हैप्पी का कहना है कि लीकेज बंद नहीं किया गया तो भविष्य में गंदे पानी की सप्लाई होगी। इससे बीमारी फैलने का खतरा रहेगा।
डड्डूमाजरा में नल खोलते ही आता है दूषित पानी
डड्डूमाजरा कॉलोनी के घरों में लगातार गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। अक्सर यहां नल की टोटी खोलने के बाद गंदे पानी आता है। करीब आधा बाल्टी पानी बहुत ज्यादा गंदा आता है। उसके बाद जो पानी आता है वह भी काफी गंदा रहता है। यहां रहने वाली स्थानीय निवासी और महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव ममता डोगरा का कहना है कि पानी से काफी ज्यादा बदबू आता है। उनके पास अक्सर शिकायत आती है। इसमें दूषित पानी के कारण बच्चों और बुज़ुर्गों में पेट दर्द, उल्टी और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि पानी की टंकियों और पाइपलाइनों की नियमित सफाई नहीं हो रही जिससे दूषित पानी सप्लाई हो रहा है।
सदन में लगातार मुद्दा उठाया लेकिन समस्या बनी हुई है
धनास के स्मॉल फ्लैट्स में अक्सर पानी की समस्या रहती है। यहां रहने वाले स्थानीय निवासी सुरेश गुप्ता का कहना है कि पिछले चार-पांच दिनों से सीवरेज का गटर जाम है। यह ओवरफ्लो हो रहा है। यह पानी की सप्लाई में भी मिल सकता है और पीने का पानी दूषित हो सकता है। पिछले 10 साल यहां आए दिन यह समस्या रहती है। इसके अलावा स्थानीय पार्षद रामचन्द्रर यादव का कहना है कि ईडल्लूएस कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या सबसे ज्यादा है। सदन में वह कई बार इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं। बावजूद उसके समस्या का समाधान नहीं निकलता है। उन्होंने बताया कि हजारों लोग गंदा पानी पीने को विवश है।
गर्मी आते ही बढ़ जाती है गंदे पानी की समस्या
सेक्टर- 46 में रहने वाली सामाजिक कार्यकर्ता पूजा बख्शी का कहना है कि गर्मी आते ही इलाके में गंदे पानी की समस्या बढ़ जाती है। कई घरों में सुबह नल ऑन करते ही काफी देर तक गंदा पानी आता है। हालांकि बाकी सीजन में यह समस्या नहीं रहती है।
कोट....
खराब पाइप लाइन को नगर निगम अपने बजट से प्राथमिकता के हिसाब से बदलने की योजना बना रहा है। उसके अलावा जहां भी पानी की समस्या आती है उसको दूर किया जाता है। इस काम को प्राथमिकता पर किया जा रहा है। -अमित कुमार, नगर आयुक्त
विज्ञापन
इसके अलावा शहर के कई अन्य क्षेत्रों में गर्मी का मौसम आते ही समस्या और गंभीर हो जाती है। मौलीजागरां, सेक्टर- 46, सेक्टर-20, सेक्टर- 30 और किशनगढ़ समेत अनेक इलाकों में नल खोलने के शुरुआती कुछ मिनटों तक गंदा और बदबूदार पानी आता है। लोगों को मजबूरी में पहले पानी बहाना पड़ता है, जिसके बाद ही कुछ हद तक साफ पानी मिल पाता है। इससे पानी की बर्बादी भी बढ़ रही है।
विज्ञापन
नगर निगम खुद बदलेगा पाइपलाइन
24 घंटे पानी सप्लाई परियोजना के रद्द होने के बाद नगर निगम ने शहर की पाइप लाइनों को खुद बदलने की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक शहर की करीब 80 फीसदी पाइप लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और उनकी तय समय सीमा समाप्त हो चुकी है, ऐसे में उन्हें बदला जाना जरूरी है। पुरानी और जर्जर पाइप लाइनों की वजह से गंदा पानी मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
विज्ञापन
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में करीब 30 फीसदी पानी रिसाव के कारण बर्बाद हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते पाइप लाइनों को नहीं बदला गया और जल प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में शहर को बड़े जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
शहर के अलग-अलग इलाकों का हाल
मनीमाजरा में पाइप लाइन में लीकेज
मनीमाजरा में मॉडर्न कॉम्प्लेक्स के पास बने अंडरपास के नजदीक पानी की पाइपलाइन में लीकेज नगर निगम के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बीते करीब एक महीने से लीकेज का स्रोत नहीं मिल पाया है। यह पाइपलाइन चंडीगढ़ से कालका जाने वाली रेलवे लाइन के नीचे से गुजरती है जिससे जांच मुश्किल हो रही है। लीकेज बंद करने के लिए रेलवे ट्रैक के पास तक खुदाई की गई है। इससे इलाके में पानी संकट आ गया है। इलाके में रहने वाले हरप्रीत सिंह हैप्पी का कहना है कि लीकेज बंद नहीं किया गया तो भविष्य में गंदे पानी की सप्लाई होगी। इससे बीमारी फैलने का खतरा रहेगा।
डड्डूमाजरा में नल खोलते ही आता है दूषित पानी
डड्डूमाजरा कॉलोनी के घरों में लगातार गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। अक्सर यहां नल की टोटी खोलने के बाद गंदे पानी आता है। करीब आधा बाल्टी पानी बहुत ज्यादा गंदा आता है। उसके बाद जो पानी आता है वह भी काफी गंदा रहता है। यहां रहने वाली स्थानीय निवासी और महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव ममता डोगरा का कहना है कि पानी से काफी ज्यादा बदबू आता है। उनके पास अक्सर शिकायत आती है। इसमें दूषित पानी के कारण बच्चों और बुज़ुर्गों में पेट दर्द, उल्टी और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि पानी की टंकियों और पाइपलाइनों की नियमित सफाई नहीं हो रही जिससे दूषित पानी सप्लाई हो रहा है।
सदन में लगातार मुद्दा उठाया लेकिन समस्या बनी हुई है
धनास के स्मॉल फ्लैट्स में अक्सर पानी की समस्या रहती है। यहां रहने वाले स्थानीय निवासी सुरेश गुप्ता का कहना है कि पिछले चार-पांच दिनों से सीवरेज का गटर जाम है। यह ओवरफ्लो हो रहा है। यह पानी की सप्लाई में भी मिल सकता है और पीने का पानी दूषित हो सकता है। पिछले 10 साल यहां आए दिन यह समस्या रहती है। इसके अलावा स्थानीय पार्षद रामचन्द्रर यादव का कहना है कि ईडल्लूएस कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या सबसे ज्यादा है। सदन में वह कई बार इसको लेकर सवाल उठा चुके हैं। बावजूद उसके समस्या का समाधान नहीं निकलता है। उन्होंने बताया कि हजारों लोग गंदा पानी पीने को विवश है।
गर्मी आते ही बढ़ जाती है गंदे पानी की समस्या
सेक्टर- 46 में रहने वाली सामाजिक कार्यकर्ता पूजा बख्शी का कहना है कि गर्मी आते ही इलाके में गंदे पानी की समस्या बढ़ जाती है। कई घरों में सुबह नल ऑन करते ही काफी देर तक गंदा पानी आता है। हालांकि बाकी सीजन में यह समस्या नहीं रहती है।
कोट....
खराब पाइप लाइन को नगर निगम अपने बजट से प्राथमिकता के हिसाब से बदलने की योजना बना रहा है। उसके अलावा जहां भी पानी की समस्या आती है उसको दूर किया जाता है। इस काम को प्राथमिकता पर किया जा रहा है। -अमित कुमार, नगर आयुक्त