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अनोखी कानूनी जंगः धर्म-जाति के बंधन से छूटने को कोर्ट में दाखिल की याचिका, मिला नया उपनाम
Thu, 02 May 2019 10:34 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोहाना(फतेहाबाद)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोहाना(फतेहाबाद)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 02 May 2019 10:34 AM IST
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एक युवक ने धर्म-जाति के बंधन से छूटने के लिए कोर्ट का सहारा लिया और एक साल की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार उसे कानूनी रूप से ये मंजूरी मिल ही गई। मामला फतेहाबाद के टोहाना शहर का है।
किला मोहल्ला निवासी रवि कुमार ने अनोखी कानूनी जंग जीत ली है। अब यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। रवि ने बताया कि देश में धर्म व जाति के नाम पर हो रही राजनीति को देखते हुए उसने ये फैसला लिया है।
रवि ने दो अलग-अलग याचिकाएं कोर्ट में जनवरी 2017 में अपने वकील राजकुमार सैनी के मार्फत लगाई, जिसमें उसने अपने नाम के आगे धर्म व जाति हटाने की मांग रखी थी। लगभग एक साल तक चली कागजी कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उसे धर्म व जाति का नाम अपने नाम से हटाने की आज्ञा प्रदान कर दी।
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किला मोहल्ला निवासी रवि कुमार ने अनोखी कानूनी जंग जीत ली है। अब यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। रवि ने बताया कि देश में धर्म व जाति के नाम पर हो रही राजनीति को देखते हुए उसने ये फैसला लिया है।
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रवि ने दो अलग-अलग याचिकाएं कोर्ट में जनवरी 2017 में अपने वकील राजकुमार सैनी के मार्फत लगाई, जिसमें उसने अपने नाम के आगे धर्म व जाति हटाने की मांग रखी थी। लगभग एक साल तक चली कागजी कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उसे धर्म व जाति का नाम अपने नाम से हटाने की आज्ञा प्रदान कर दी।
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अब वह किसी धर्म जाति से संबंध नहीं रखता
कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद वह अब किसी भी धर्म जाति से संबंध नहीं रखता है तथा वह विवाह भी संविधान के मुताबिक कोर्ट में ही करेगा। रवि ने बताया कि वे चार भाई-बहन हैं। वह लंबे समय यह महसूस कर रहा था कि देश दुनिया में जाति, धर्म, बिरादरी, मजहब आदि की समस्या है, जिसने इंसान को पूरी तरह बांट कर रख दिया है। इसलिए उसने नई शुरुआत करते हुए 'नास्तिक' कहलाने का हक माननीय न्यायालय के माध्यम से हासिल कर लिया।
क्या कहते है रवि के अधिवक्त
रवि नास्तिक के वकील राजकुमार सैनी ने बताया कि 27 सितंबर 2017 को रवि उनके पास आया था। उसने कहा कि वह अपने नाम के पीछे नास्तिक शब्द लगाना चाहता है। उसने कई दस्तावेज दिखाए, जिसमें उसने यह शब्द लिखा था। उन्होंने कहा कि केस में वार्ड दस के पार्षद रामकुमार सैनी सहित कई मुख्य लोगों ने गवाही दी है। गवाहों के बाद जज साहब ने दावे को डिग्री कर दिया तथा कहा कि इसके नाम के पीछे ऐथिस्ट शब्द लिख दिया जाए।
क्या कहते है रवि के अधिवक्त
रवि नास्तिक के वकील राजकुमार सैनी ने बताया कि 27 सितंबर 2017 को रवि उनके पास आया था। उसने कहा कि वह अपने नाम के पीछे नास्तिक शब्द लगाना चाहता है। उसने कई दस्तावेज दिखाए, जिसमें उसने यह शब्द लिखा था। उन्होंने कहा कि केस में वार्ड दस के पार्षद रामकुमार सैनी सहित कई मुख्य लोगों ने गवाही दी है। गवाहों के बाद जज साहब ने दावे को डिग्री कर दिया तथा कहा कि इसके नाम के पीछे ऐथिस्ट शब्द लिख दिया जाए।