पंजाब के पटियाला में बारिश ने तोड़ा सात साल का रिकॉर्ड, घग्गर नदी ने बढ़ाई चिंता
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पटियाला में बारिश ने सात सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक पटियाला में जुलाई में एक दिन में यानी रविवार सुबह साढ़े आठ बजे से सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 89.2 मिमी बारिश हुई। इतनी बारिश जुलाई महीने में एक दिन में साल 2012 में हुई थी।
सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे के बाद दिन भर 22.2 मिमी बारिश हुई। पटियाला में कुछ दिनों से रह-रहकर हो रही बारिश से पारे में गिरावट से लोगों को गरमी से तो राहत मिली है। वहीं बारिश से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। नगर निगम के साफ-सफाई के दावों की पोल खोलते हुए बरसाती पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो रही है।
इससे जगह-जगह बाजार, गली-मोहल्लों में जल भराव होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बरसात के कारण ही पासी रोड पर मोदी मंदिर के पास एक बोलेरो पिकअप चालक के कंट्रोल से बाहर हो गई। सड़क किनारे लगे इंटरलाकिंग टाइल्स के ढेर में टकराने के बाद बिजली के खंभे में जा भिड़ी। हादसे में बोलेरो क्षतिग्रस्त हो गई और बिजली का खंभा भी टूट गया।
पीयू में पानी की निकासी न होने से परेशानी
पंजाबी यूनिवर्सिटी में रिहायशी क्वार्टरों के पास बरसाती पानी की सही निकासी न होने के कारण कई जगह जलभराव हो गया। इससे यहां रहने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां रहने वालों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसाती पानी भरने से मच्छर पैदा होने का खतरा है जिससे बीमारियां फैल सकती हैं।
घग्गर में बढ़ रहे पानी से घन्नौर के गांवों में सहमे लोग
बारिश के कारण घन्नौर हलके से गुजरती घग्गर नदी, पचीदर्रा नहर समेत अन्य नदी-नालों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। घग्गर दरिया में पानी बढ़ने से ग्रामीणों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह घग्गर नदी में साढ़े 14 फुट ऊंचाई के स्तर के साथ पानी बह रहा था। यह खतरे के निशान के बिल्कुल पास है।
घग्गर के साथ ही निकल रही एसवाईएल नहर, पचीदर्रा, गंदा नाला भी बरसाती पानी से लबालब भरा है। गांवों के लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय पर ही चेत जाता और घग्गर दरिया में बूटी की पहले ही सफाई कर ली जाती तो यह नौबत न आती। जानकारी के मुताबिक बारिश के पानी से गांव समशपुर, ऊंटसर, संजरपुर, बलोपुर, कामीखुर्द, चमारू, जंड मंगोली, गदापुर समेत कई गांवों में फसलें पानी में डूब गई हैं।
किसानों के सामने हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। यही नहीं गांव समशपुर से वाया लोहसिंबली से अंबाला शहर को जाने वाली सड़क पर तीन फुट पानी भरे होने के कारण वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया। ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन रमनदीप सिंह बैंस का कहना है कि पीछे से आ रहे पानी के साथ ही घग्गर में बूटी आती है। इसे विभाग के कर्मचारियों की ओर से निकाला जा रहा है। जितना फंड सरकार से सफाई के लिए आता है उसी हिसाब से काम करा दिए जाते हैं।