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चंडीगढ़ में मौसम की मार: वायरल बुखार से बच्चों की हालत खराब, जानें लक्षण व बचाव

Sun, 12 Sep 2021 02:02 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 12 Sep 2021 02:02 AM IST
सार

इन दिनों वायरल बुखार का प्रकोप है। ऐसे में बच्चों पर खास नजर रखने की जरूरत हैं। 70 फीसदी मरीज अस्पतालों में इन दिनों वायरल बुखार के आ रहे हैं। 

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children condition worsens due to viral fever
वायरल बुखार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बदलते मौसम से बच्चों पर वायरल बुखार का खतरा मडंराने लगा है। अस्पतालों में बच्चों की ओपीडी में 70 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल बुखार के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है। ऐसे में अगर कोरोना का खतरा बढ़ा तो वे आसानी से उसकी चपेट में आ सकते हैं। इससे जरूरी है कि बच्चों के लक्षणों पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी तरह का बदलाव होने पर डॉक्टर की तत्काल सलाह लें। यह बुखार प्रदूषित जल और बासी भोजन के सेवन से होता है। वायरल बुखार बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे तक पहुंच जाता है। यह बुखार एक साथ कई लोगों को हो जाता है।

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जीएमएसएच- 16 के बाल रोग विभाग की प्रमुख डॉ. सद्भावना का कहना है कि वायरल से बचाव के लिए जरूरी है कि बच्चों के खानपान व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्हें पोषक तत्व वाले आहार दें। वहीं बालरोग विशेषज्ञ व भारतीय बाल अकादमी के सदस्य डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल और कोरोना के लक्षण एक जैसे ही हैं। इसलिए लक्षण आते ही घरेलू उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ के पास ले जाएं। मास्क, सामाजिक दूरी और सेनिटाइजेशन के मानक का पालन करें। डॉक्टर के निर्देश पर कोरोना की जांच कराए।
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ये लक्षण हैं प्रमुख
बुखार, गले में खराश, नाक से पानी गिरना, छाती और पेट में दर्द, शरीर में दर्द और उल्टी आना, खाना न खाना और सांस फूलना।

ऐसे करें बचाव
अगर घर में किसी बच्चे को वायरल बुखार होता है तो उसे दूसरे से दूर रखें
एक टेंपरेचर चार्ट बनाएं और हर दो घंटे के बाद थर्मामीटर से उसके शरीर तापमान जांच कर उसे चार्ट में दर्ज करें

  • गुनगुने पानी में मुलायम टॉवल भिगोकर उसका शरीर पोंछें
  • बच्चों की नियमित डाइट में रंग-बिरंगे फलों और सब्जियों को प्रमुखता से शामिल करें, इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और उन्हें बार-बार बुखार की समस्या नहीं होगी
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  • गले में खराश होने पर बच्चे को गुनगुना पानी पीने को दें
  • फ्रिज से तुरंत निकालने के बाद उन्हें कोई भी चीज खाने को न दी जाए

ये सावधानी बरतें

  • बाहर का खाना न खिलाएं
  • बच्चे को पानी उबालकर उसे ठंडा कर पिलाएं
  • सामान्य तापमान में रखें
  • जब भी बच्चा खाना खाए उसका हाथ अच्छी तरह धुलवाएं
  • माता-पिता भी साफ सफाई रखें
  • उपचार को बीच में अधूरा न छोड़ें। बच्चे को सभी दवाएं निश्चित समय पर दें। डॉक्टर के सभी निर्देशों का पालन करें
  • जब तक बुखार दूर न हो जाए, बच्चे को स्कूल न भेजें
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