{"_id":"5e582b058ebc3ef3a816f17f","slug":"we-need-to-be-more-practical-than-courses-dr-vinod-kumar-chandigarh-news-pkl3679513134","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमें पाठ्यक्रमों से कहीं ज्यादा व्यावहारिक होने की जरूरत: डॉ. विनोद कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमें पाठ्यक्रमों से कहीं ज्यादा व्यावहारिक होने की जरूरत: डॉ. विनोद कुमार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। बैंकिंग, रेलवे, वाणिज्य, डाक विभाग, कचहरी, न्यायालय, पुलिस, प्रशासन, मीडिया आदि बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में हमें मूलभूत जानकारी रखनी चाहिए। व्यावहारिक तौर पर ये हमें सक्षम बनाती हैं। यह तभी संभव हो सकेगा जब हम इसकी महत्ता को गंभीरता और रोचकता के साथ लेंगे। यह बात जीसीजी-42 में वीरवार को ‘प्रयोजनमूलक हिंदी एवं कौशल उन्नयन’ विषय पर हुई कार्यशाला में एलपीयू के हिंदी विभाग के डॉ. विनोद कुमार ने कही। उन्होंने बच्चों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आज हमें पाठ्यक्रमों से कहीं ज्यादा व्यावहारिक होने की जरूरत है। केवल अंक प्राप्त करना हमारा उद्देश्य नहीं होना चाहिए अपितु उसे अपने जीवन में अमल लाते हुए धारण करना चाहिए। संवाद जितना ज्यादा अच्छा होगा उतना ही हमारा व्यक्तित्व निखरेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में शहीद चंद्रशेखर आजाद की शहादत को याद करते हुए बीए तृतीय भाग की छात्रा दीपिका ने देशभक्ति गीत गाकर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित की। इस दौरान संस्कृत विभाग से डॉक्टर लखबीर सिंह, डॉक्टर मीता कौशिक (हिंदी विभाग), समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर रंजय वर्द्धन, इतिहास विभाग से डॉक्टर हरमीत सेठी, डॉक्टर विकास तकनीकी विभाग से सुनीता वालिया आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत में शहीद चंद्रशेखर आजाद की शहादत को याद करते हुए बीए तृतीय भाग की छात्रा दीपिका ने देशभक्ति गीत गाकर उनके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित की। इस दौरान संस्कृत विभाग से डॉक्टर लखबीर सिंह, डॉक्टर मीता कौशिक (हिंदी विभाग), समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर रंजय वर्द्धन, इतिहास विभाग से डॉक्टर हरमीत सेठी, डॉक्टर विकास तकनीकी विभाग से सुनीता वालिया आदि मौजूद थे।
विज्ञापन