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हम बहुत बहादुर हैं, कमजोर लोगों को दूर रहना चाहिए : जस्टिस रितु बाहरी
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चंडीगढ़। सेक्टर- 23 में शुक्रवार को ट्रांसजेंडर के लिए ‘सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी’ पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जस्टिस रितु बाहरी ने किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में इतने संख्या में ट्रांसजेंडर शामिल हुए हैं, इस बात की उन्हें खुशी है। डीएलएसए द्वारा समता-न्याय केंद्र खोलना एक अच्छी पहल है। इसके साथ ही उन्होंने पीजीआई की टीम को समय निकालकर कार्यक्रम में पहुंचने और अपने विचार सांझा करने के लिए धन्यवाद दिया। बोर्ड पर हस्ताक्षर करते हुए जस्टिस रितु बाहरी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के बारे में लिखा कि ‘हम बहुत बहादुर हैं, कमजोर लोगों को दूर रहना चाहिए।’ यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति और कार्यकारी अध्यक्ष राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण यूटी की जज रितु बाहरी के मार्गदर्शन में हुआ।
यह कार्यक्रम ‘भारत का अमृत महोत्सव’ के तौर पर ‘पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन’ का एक हिस्सा था। यह कार्यक्रम बीते 2 अक्तूबर से शुरू हुआ है। इसका समापन 14 नवंबर को होगा। यह कार्यक्रम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, पीजीआई और ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया गया था। इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंडीगढ़ गुरबीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को आसान बनाना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सदस्य सचिव, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण चंडीगढ़ पुनीश जिंदिया ने इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने ‘सभी के लिए न्याय तक पहुंच’ के नारे को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की सामुदायिक पहल के महत्व के बारे में भी बताया।
जागरूकता कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय के लगभग 100 लोगों की भागीदारी देखी गई। एमएक्स ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के सदस्य धनंजय चौहान ने भी समाज में ट्रांसजेंडर की स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि उनके समुदाय के लिए एसआरएस (सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी) फ्री होनी चाहिए। सृष्टि सिंह राजपूत ने कहा कि इस पर उनका डेढ़ लाख खर्च हो चुका है। इस कार्यक्रम में एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमा वालिया, मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश शर्मा और सहायक प्रोफेसर डॉ. कैलाश कुर्दिया ने ट्रांसजेंडरों के लिए एसआरएस थेरेपी से संबंधित सर्जिकल प्रक्रियाओं के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी। शिविर में मौके पर ही पंजीयन व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। यूटी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सीजेएम सह सचिव अशोक कुमार मान ने सभी अधिकारियों, पैनल वकीलों, एसएलएसए और डीएलएसए के पैरा लीगल वालंटियर्स के साथ-साथ ट्रांसजेंडरों/जरूरतमंदों का धन्यवाद किया। जज रितु बाहरी ने इस दौरान ट्रांसजेंडरों को भरोसा दिलाया कि वे उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगी।
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यह कार्यक्रम ‘भारत का अमृत महोत्सव’ के तौर पर ‘पैन इंडिया लीगल अवेयरनेस एंड आउटरीच कैंपेन’ का एक हिस्सा था। यह कार्यक्रम बीते 2 अक्तूबर से शुरू हुआ है। इसका समापन 14 नवंबर को होगा। यह कार्यक्रम जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, पीजीआई और ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया गया था। इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंडीगढ़ गुरबीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं को आसान बनाना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सदस्य सचिव, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण चंडीगढ़ पुनीश जिंदिया ने इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने ‘सभी के लिए न्याय तक पहुंच’ के नारे को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की सामुदायिक पहल के महत्व के बारे में भी बताया।
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जागरूकता कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय के लगभग 100 लोगों की भागीदारी देखी गई। एमएक्स ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के सदस्य धनंजय चौहान ने भी समाज में ट्रांसजेंडर की स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि उनके समुदाय के लिए एसआरएस (सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी) फ्री होनी चाहिए। सृष्टि सिंह राजपूत ने कहा कि इस पर उनका डेढ़ लाख खर्च हो चुका है। इस कार्यक्रम में एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमा वालिया, मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश शर्मा और सहायक प्रोफेसर डॉ. कैलाश कुर्दिया ने ट्रांसजेंडरों के लिए एसआरएस थेरेपी से संबंधित सर्जिकल प्रक्रियाओं के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी। शिविर में मौके पर ही पंजीयन व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। यूटी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सीजेएम सह सचिव अशोक कुमार मान ने सभी अधिकारियों, पैनल वकीलों, एसएलएसए और डीएलएसए के पैरा लीगल वालंटियर्स के साथ-साथ ट्रांसजेंडरों/जरूरतमंदों का धन्यवाद किया। जज रितु बाहरी ने इस दौरान ट्रांसजेंडरों को भरोसा दिलाया कि वे उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगी।
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