चंडीगढ़ : पानी के दाम घटेंगे, सेक्टर- 23 रेहड़ी मार्केट के हजार गुना बढ़े किराए का प्रस्ताव भी रद्द
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पानी के बढ़े रेट से शहरवासियों को राहत मिल सकती है। नगर निगम सदन की बैठक में भाजपा पार्षद की ओर से बढ़े रेट को संशोधित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब इसे मंजूरी के लिए प्रशासन के पास भेजा जाएगा। नया घरेलू रेट 12 रुपये प्रति किलोलीटर मंजूर किया गया था, लेकिन अब इसे संशोधित कर 9 रुपये प्रति किलोलीटर लागू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।
इसके साथ यह भी निर्णय लिया गया है कि जब तक कोरोना का प्रकोप रहेगा, तब तक बढ़े रेट को लागू नहीं किया जाएगा। हालांकि, नगर निगम के आयुक्त ने संशोधन प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि पानी पर नगर निगम का एक साल का खर्च 217 करोड़ है, जबकि उससे होने वाली आय 76 करोड़ है। कांग्रेस के पार्षदों ने इस मुद्दे पर वॉकआउट कर दिया। उनका कहना है कि जो रेट पहले से लागू हैं, उसे ही लागू किया जाए।
सात महीने बाद हो रही नगर निगम की बैठक में दूसरी राहत सेक्टर-23 के रेहड़ी मार्केट के दुकानदारों को दी गई है। नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी की ओर से हजार गुना बढ़ाए गए किराए के प्रस्ताव को भी रद्द कर दिया गया है। किराया कितना बढ़ेगा इसके लिए अब एक कमेटी बनाई जाएगी। इस बारे में एस्टेट आफिस से भी राय ली जाएगी। नगर निगम ने यहां की दुकानों का किराया 14 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार 600 रुपये का प्रस्ताव पास किया था।
इसके बाद दुकानदारों को नोटिस भी जारी कर दिया गया था। वीरवार को बैठक में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस व बीजेपी पार्षद के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस ने मेयर राजबाला मलिक से इस्तीफा मांगा तो हंगामा शुरू हो गया। पलटवार करते हुए भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पार्षदों से अपने पद से इस्तीफा देने की बात कही है।
कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने किराया बढ़ाने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना सदन की मंजूरी के किस तरह किराया बढ़ाने के नोटिस जारी कर दिए गए, जबकि फैसला वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने लिया था। इसे लेकर मिनट्स भी पास नहीं करवाए गए थे।
फिलहाल सफाईकर्मियों का वेतन स्मार्ट घड़ियों के आधार पर नहीं होगा
बैठक में सफाई कर्मियों के स्मार्ट वॉच को लेकर भी बहस हुई। नगर निगम के कमिश्नर ने कहा कि स्मार्ट वॉच ठीक ढंग से काम कर रही हैं। जो कमियां हैं, उसे दूर किया जा रहा है। इसके लिए एक कमेटी का गठन होगा।
कमेटी जांच करेगी कि स्मार्ट वॉच से फायदा हो रहा है या नुकसान। उसके बाद कमेटी की रिपोर्ट सदन में आएगी। उसके आधार पर ही कोई फैसला होगा। हालांकि, कमेटी की रिपोर्ट आने तक सफाई कर्मियों का वेतन मैन्युअल हाजिरी पर लगेगा।
पेड पार्किंग कंपनी को 30 नवंबर तक लगाने होंगे स्मार्ट फीचर
निगम की बैठक में पेड पार्किंग कंपनी को लॉकडाउन पीरियड में लाइसेंस फीस माफी के एजेंडे को पार्षदों की आपत्ति के बाद रद्द कर 30 नवंबर तक सभी पार्किंग स्थलों पर स्मार्ट फीचर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पार्षदों का मत था कि निगम पहले ही अगस्त माह तक कंपनी को रियायत दे चुकी है। निगम से हुए समझौते के अनुसार अगर निर्धारित समय में पार्किंग स्थलों को स्मार्ट नहीं किया जाता तो करार रद्द भी किया जा सकता है।