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दक्षिण हरियाणा में हो रही पानी की चोरी, ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की टीम को पीटा, थाने पहुंचा मामला
Mon, 24 Jun 2019 02:40 PM IST
खुशबू गोयल
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 24 Jun 2019 02:40 PM IST
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दक्षिण हरियाणा में नहरों से पानी चोरी का मुद्दा समस्या बनता जा रहा है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की टीम को इतना पीटा कि मामला थाने तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग यहां नहरों में पानी छोड़ रहा है, लेकिन टेल तक पानी पहुंचने से पहले ही किसान फ्लैक्स पाइपों के माध्यम से पानी की चोरी कर रहे हैं। प्रदेश सरकार दक्षिण हरियाणा में टेल तक पानी पहुंचाने का वादा कर चुकी है।
सत्तर प्लस सीटों का दावा करते हुए सरकार इस बार दक्षिण हरियाणा में टेल तक पानी पहुंचाने का मुद्दा लेकर चुनावी रण में कूदेगी। दूसरी ओर, ग्रामीणों ने पानी चोरी के मामले की जांच के लिए पहुंची सिंचाई विभाग की टीम को पीट दिया है। किसानों और विभाग के बीच का यह मामला पुलिस तक पहुंच गया है। ऐसे में अब दक्षिण हरियाणा में जल संकट गहरा गया है। बारिश न होने की स्थिति में यह संकट और गहराएगा।
विभाग के अधिकारियों का दावा है कि लोहारू फीडर में हम रोजाना 750 क्यूसिक पानी छोड़ रहे हैं। पूर्व सरकारों के समय यह पानी सिर्फ 250 से 300 क्यूसिक छोड़ा जाता था। करीब 10 दिन पहले इस फीडर में एक हजार क्यूसिक पानी भी छोड़ा गया, लेकिन चोरी के चलते हालातों पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है।
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लोहारू से यह नहर जवाहर लाल नेहरू फीडर भांकरा गांव से चरखी दादरी होते हुए गीकाड़ा तक जाती है। इसे लोहारू फीडर कहा जाता है। यहां टेल पर करीब 150 गांव पड़ते हैं। पानी की चोरी के कारण टेल तक पानी की पूरी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिसके कारण ग्रामीणों और पशुओं को पीने के पानी के संकट से रूबरू होना पड़ रहा है।
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सत्तर प्लस सीटों का दावा करते हुए सरकार इस बार दक्षिण हरियाणा में टेल तक पानी पहुंचाने का मुद्दा लेकर चुनावी रण में कूदेगी। दूसरी ओर, ग्रामीणों ने पानी चोरी के मामले की जांच के लिए पहुंची सिंचाई विभाग की टीम को पीट दिया है। किसानों और विभाग के बीच का यह मामला पुलिस तक पहुंच गया है। ऐसे में अब दक्षिण हरियाणा में जल संकट गहरा गया है। बारिश न होने की स्थिति में यह संकट और गहराएगा।
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विभाग के अधिकारियों का दावा है कि लोहारू फीडर में हम रोजाना 750 क्यूसिक पानी छोड़ रहे हैं। पूर्व सरकारों के समय यह पानी सिर्फ 250 से 300 क्यूसिक छोड़ा जाता था। करीब 10 दिन पहले इस फीडर में एक हजार क्यूसिक पानी भी छोड़ा गया, लेकिन चोरी के चलते हालातों पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है।
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लोहारू से यह नहर जवाहर लाल नेहरू फीडर भांकरा गांव से चरखी दादरी होते हुए गीकाड़ा तक जाती है। इसे लोहारू फीडर कहा जाता है। यहां टेल पर करीब 150 गांव पड़ते हैं। पानी की चोरी के कारण टेल तक पानी की पूरी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिसके कारण ग्रामीणों और पशुओं को पीने के पानी के संकट से रूबरू होना पड़ रहा है।
जुर्माना लगाने से भी बाज नहीं आ रहे ग्रामीण
सिंचाई विभाग की टीम पानी चोरी के ऐसे मामलों को रोकने के लिए जुर्माना लगाती है। सरकार ने ऐसे मामलों के निपटारे के लिए सिंचाई थाने भी खोले हैं, लेकिन मामला किसानों से जुड़ा होने के कारण सरकार अधिक सख्ती भी नहीं करती है। पिछले सात दिनों में पानी चोरी के पचास मामले रोजाना पकड़े जा रहे हैं। दिन के समय विभाग की अलग टीमें होती हैं और रात के समय अलग। यदि दो चार हमले इन टीमों पर और हुए तो पानी की चोरी रोकना मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय डीसी और एसपी के हस्तक्षेप के बिना मुश्किल
स्थानीय डीसी और एसपी की रुचि के बिना यह मामला हल होना मुश्किल है। मामला सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों तक तो पहुंच गया है, लेकिन कुछ अधिकारी इतने भयंकर जल संकट में भी छुटटी लेकर घूमने निकले हुए हैं।
हमने डीसी (चरखी-दादरी) साहब को पूरे मामले से अवगत करवाया है। एसपी और डीएसपी को भी इस संबंध में पत्र लिख कर दिया है।
- अरुण मुंजाल, एक्सईएन सिंचाई विभाग, चरखी दादरी
स्थानीय डीसी और एसपी के हस्तक्षेप के बिना मुश्किल
स्थानीय डीसी और एसपी की रुचि के बिना यह मामला हल होना मुश्किल है। मामला सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों तक तो पहुंच गया है, लेकिन कुछ अधिकारी इतने भयंकर जल संकट में भी छुटटी लेकर घूमने निकले हुए हैं।
हमने डीसी (चरखी-दादरी) साहब को पूरे मामले से अवगत करवाया है। एसपी और डीएसपी को भी इस संबंध में पत्र लिख कर दिया है।
- अरुण मुंजाल, एक्सईएन सिंचाई विभाग, चरखी दादरी