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इस माह चंडीगढ़ को मिलेंगे तीन नए प्रोजेक्ट, शहर में 10 जगह लगेंगे पानी के एटीएम
Thu, 05 Nov 2020 05:06 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Nov 2020 05:06 PM IST
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चंडीगढ़।
- फोटो : social media
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स्मार्ट सिटी इस माह तीन नए प्रोजेक्ट के साथ रैंकिंग में फिर लंबी छलांग लगाने को तैयार है। इसमें चंडीगढ़ में 10 वाटर एटीएम, मनीमाजरा में सात दिन 24 घंटे पेयजलापूर्ति और डड्डूमाजरा में सैनेटरी लैंडफिल प्रोजेक्ट शामिल है। लगातार पांच बार टेंडर के बावजूद मनीमाजरा में सात दिन 24 घंटे प्रोजेक्ट के लिए कोई कंपनी नहीं आई है। इसलिए इस बार प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव की तैयारी है।
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पांच रुपये में मिलेगा एक लीटर पानी
शहर के 10 प्रमुख स्थानों में वाटर एटीएम लगाने की योजना है। यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर चलाया जाएगा। जो कंपनी वाटर एटीएम मशीन बनाएगी, चलाने की जिम्मेदारी भी उसी को दिया जाएगा। वाटर एटीएम मशीन से पानी लेने के रेट भी तय कर लिए गए हैं। कंपनी ढाई सौ मिलीलीटर पानी दो रुपये में उपलब्ध करवाएगी, जबकि पांच रुपये में एक लीटर पानी
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प्रोजेक्ट के अनुसार पानी नगर निगम उपलब्ध करवाएगा। योजना के अनुसार सुखना लेक, सेक्टर-17 प्लाजा, राक गार्डन, सेक्टर-11, पीजीआइ के पास, पंजाब यूनिवर्सिटी, सेक्टर-43 और सेक्टर- 17 बस स्टैंड सहित शहर के 10 प्रमुख स्थलों पर मशीन लगाई जानी है। इसी तरह स्मार्ट सिटी लिमिटेड डंपिंग ग्राउंड स्थित नौ एकड़ पर सैनिटरी लैंडफिल साइट बनाई जानी है।
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साइट की 12 फीट की चारदीवारी होगी और लीचेट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। ट्रीट किया पानी सीवर लाइन में डाला जा सकेगा। साइट पर रिसाइकिल नहीं होने वाला रोज पांच से 10 फीसदी कचरा गिराया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड की खुदाई में बचा मलबा भी वहीं जाएगा। निगम ने जेपी एसोसिएट के साथ 2005 में गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगवाने का एमओयू किया था। इसके बाद कंपनी ने प्लांट लगाने का काम शुरु किया और प्लांट 2008 मई में शुरु किया गया।
इसके बाद नगर निगम ने फेज एक में रोड किनारे लगती 22 एकड़ जमीन को 2011 तक सैनिटरी लैंडफिल बनाया था। इसके नीचे लीचेट को निकालने के लिए पाइप बिछाई गई थी लेकिन लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया। ऐसे में लीचेट एक जगह जमा होता गया। इसकी वजह से आस पास के लोगों को बदबू से ज्यादा परेशान होती है। अब इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सैनेटरी लैंडफिल बनाया जा रहा है। इन तीनों प्रोजेक्ट के लिए इस माह बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में अंतिम मुहर लगना शेष है।