फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   wasting of property rights scheme 2016 changed by minister anil joshi

लाखों लोगों का अपने आशियाने का सपना होगा पूरा, पढ़ें सरकारी फरमान

Sun, 18 Dec 2016 07:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 18 Dec 2016 07:15 PM IST
विज्ञापन
wasting of property rights scheme 2016 changed by minister anil joshi
प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
लाखों लोगों का अपना आशियाना होने का सपना पूरा होने जा रहा है। सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और इसकी घोषणा भी कर दी है। सालों से स्थानीय निकायों की जगह पर किराएदार चले आ रहे लोग अब उस जगह के मालिक बन सकेंगे।
विज्ञापन


इसके लिए स्थानीय निकाय विभाग ने पंजाब यूनिसिपैलिटी (वेस्टिंग ऑफ प्रॉपर्टी राइट्स) स्कीम-2016 नोटिफाई की है। पर इसका फायदा सिर्फ उन लोगों को ही मिलेगा, जो बीस साल से ज्यादा समय से किराएदार चले आ रहे हैं।
विज्ञापन


नगर निगमों, काउंसिलों व पंचायतों की जमीनों पर पंजाब में लाखों लोग सालों से किराएदार चले आ रहे हैं। जिनसे स्थानीय निकायों को मामूली किराया आता है। इनसे संबंधित हजारों केस सरकार अदालतों में लड़ रही है। जिसमें पैसा और समय बर्बाद हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा मीडिया सेल के पूर्व कन्वीनर सुनील सिंगला ने यह मुद्दा स्थानीय निकायमंत्री अनिल जोशी के पास उठाया था।

काफी स्टडी और सलाह के बाद लिया फैसला

wasting of property rights scheme 2016 changed by minister anil joshi
प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
काफी स्टडी और अधिकारियों से सलाह के बाद जोशी ने बीस साल से ज्यादा पुराने किराएदारों को वही जगहें बेचने का फैसला किया है। इससे जहां निकायों को काफी आय होगी। वहीं, प्रॉपर्टी लोगों को नाम होने के बाद निकाय उस पर प्रॉपर्टी टैक्स भी वसूल सकेंगे।

साथ ही कोर्ट केस भी खत्म हो जाएंगे। जोशी ने बताया कि इसके लिए किराएदारों को तीन माह के अंदर आवेदन देना होगा। साथ ही उन्हें निकाय विभाग द्वारा तय की गई दरों के मुताबिक भुगतान भी करना होगा। साथ ही जगह पर कब्जे के सबूत देने होंगे।

जगह का रकबा निगम सीमा में डेढ़ सौ वर्ग गज और काउंसिल व पंचायत के केस में दो सौ वर्ग गज तक होगा। लेटर ऑफ इंटेंट जारी होने के तीस दिनों के अंदर एक चौथाई रकम भरनी होगी।

बाकी की रकम वे तीन बराबर ब्याज रहित सालान किस्तों में दे सकेंगे। अगर कोई तीस दिनों में पूरी रकम अदा करना चाहता है तो उसे पांच फीसदी की छूट मिलेगी। अगर समय पर किस्तें न दी गईं तो बारह फीसदी ब्याज भी देना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed