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निजी ITI प्रबंधकों की चेतावनी, नहीं देंगे SC स्टूडेंट्स को दाखिला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 06:10 PM IST
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पंजाब प्राइवेट आईटीआई एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वे नहीं लेंगे एससी स्टूडेंट्स का दाखिला। निजी आईटीआई प्रबंधकों ने पंजाब सरकार पर नादिरशाही फरमान जारी करने का आरोप लगाते हुए सरकार को चेतावनी दी कि अगर फरमान वापस न लिया गया तो अगले सेशन से निजी आईटीआई एससी स्टूडेंट्स का दाखिला नहीं लेंगे।
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पंजाब प्राइवेट आईटीआई एसोसिएशन के प्रधान सुमांशु गुप्ता और महासचिव नरिंदर पाल सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सरकार ने 2015-16 के लिए निजी आईटीआईज में इंजीनियरिंग कोर्सेज में 19006 और नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज में 13154 रुपये सालाना फीस निर्धारित की थी। यह फीस स्ट्रक्टर तकनीकी शिक्षा डायरेक्टर ने अप्रूव किया, इसे प्रॉस्पेक्टस में भी शामिल कर लिया गया।
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निजी आईटीआई में जितने भी एससी स्टूडेंट्स दाखिल होने थे, उनकी इतनी फीस सरकार की ओर से आईटीआई को दी जानी थी। इसके विपरीत पिछले दिनों सरकार ने एक नया फरमान जारी कर दिया। इसके तहत निजी आईटीआई को भी सरकारी आईटीआई केबराबर 3350 रुपये प्रति एससी विद्यार्थी के हिसाब से दिए जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि सरकारी आईटीआई को स्टाफ के वेतन, ट्रेनिंग कॉस्ट, अन्य खर्चों के लिए फंड दिए जाते हैं। जबकि, निजी आईटीआई स्टूडेंट्स से मिलने वाली फीस से ही सारा खर्च चलाते हैं। अभी तक सरकार ने 2014-15 में पोस्ट स्कॉलरशिप स्कीम के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों की करीब तीस फीसदी फीस की अदायगी नहीं की है। इसके चलते निजी आईटीआई पहले ही आर्थिक दबाव में हैं।
अब इस फरमान केेबाद तो अगले सेशन से निजी आईटीआई किसी एससी स्टूडेंट का दाखिला नहीं लेंगे। या तो वह प्रॉस्पेक्टस केहिसाब से पूरी फीस लेंगे। बाद में सरकार वह रकम बच्चों के खातों में जमा करा दे। इससे निजी आईटीआई में दाखिला लेने वाले 20-30 हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो जाएगा। इस बारे में तकनीकी शिक्षा अधिकारियों और मंत्री तक से संपर्क किया गया, पर कुछ नहीं हुआ।