{"_id":"6708a89aba1b30674a081397","slug":"ward-attendants-strike-in-chandigarh-pgi-2024-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: पीजीआई में एरियर न मिलने पर वार्ड अटेंडेंट की हड़ताल जारी, ओपीडी से ओटी तक व्यवस्था प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: पीजीआई में एरियर न मिलने पर वार्ड अटेंडेंट की हड़ताल जारी, ओपीडी से ओटी तक व्यवस्था प्रभावित
Fri, 11 Oct 2024 09:55 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 11 Oct 2024 09:55 AM IST
सार
वार्ड कर्मचारियों की एसोसिएशन के प्रधान राजेश चौहान ने बताया कि बीते आठ महीने से कर्मचारियों को एरियर नहीं मिला है। चौहान ने कहा कि मंत्रालय से अनुमति मिलने के बावजूद पीजीआई पैसे न होने का हवाला देकर आठ महीने से एरियर जारी नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
पीजीआई में वार्ड अटेंडेंट की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बढ़ा हुआ वेतन न मिलने के कारण पीजीआई के 1600 हॉस्पिटल अटेंडेंट दूसरे दिन शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। इस कारण पीजीआई में वार्ड से लेकर ओटी और ओपीडी की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। मरीजों के साथ ही डॉक्टर को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ओपीडी में डॉक्टर मरीज को आवाज देकर बुला रहे हैं, वहीं जांच काउंटर से लेकर रिपोर्ट काउंटर तक हॉस्पिटल अटेंडेंट की गैर मौजूदगी में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हड़ताल को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन द्वारा इलेक्टिव सर्जरी रद्द किए जाने के आदेश के बाद जिन मरीजों को शुक्रवार की डेट दी गई थी, वे घर लौट रहे हैं।
मरीज का कहना है कि पीजीआई में हड़ताल के कारण इलाज कराना मुश्किल हो गया है। आए दिन छोटी-छोटी बातों को लेकर डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर चले जा रहे हैं। पीजीआई प्रशासन व्यवस्था संभालने में नाकाम नजर आ रहा है। ऐसी स्थिति में शासन को इस और गंभीरता से ध्यान देना होगा। बता दें कि पीजीआई ने हड़ताल के कारण दूसरे राज्यों से मरीजों को रेफर न करने का भी अनुरोध किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओपीडी में डॉक्टर मरीज को आवाज देकर बुला रहे हैं, वहीं जांच काउंटर से लेकर रिपोर्ट काउंटर तक हॉस्पिटल अटेंडेंट की गैर मौजूदगी में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हड़ताल को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन द्वारा इलेक्टिव सर्जरी रद्द किए जाने के आदेश के बाद जिन मरीजों को शुक्रवार की डेट दी गई थी, वे घर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
मरीज का कहना है कि पीजीआई में हड़ताल के कारण इलाज कराना मुश्किल हो गया है। आए दिन छोटी-छोटी बातों को लेकर डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर चले जा रहे हैं। पीजीआई प्रशासन व्यवस्था संभालने में नाकाम नजर आ रहा है। ऐसी स्थिति में शासन को इस और गंभीरता से ध्यान देना होगा। बता दें कि पीजीआई ने हड़ताल के कारण दूसरे राज्यों से मरीजों को रेफर न करने का भी अनुरोध किया है।
विज्ञापन