बड़ी सफलता: मोस्टवांटेड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ कैलिफोर्निया में डिटेन, मान बोले-जल्द लाया जाएगा पंजाब
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ मूसेवाला हत्याकांड के अलावा फरीदकोट के गुरलाल पहलवान और डेरा प्रेमी हत्याकांड समेत कई केसों में वांटेड है। सूत्रों के अनुसार, बराड़ 20 नवंबर से डिटेन है और उसे गुरलाल पहलवान हत्याकांड में कार्रवाई करते हुए डिटेन किया गया है।
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सैक्रामेंट सिटी से हिरासत में लिया गया है। मूसेवाला हत्याकांड की जांच कर रही भारतीय एजेंसियों के लिए यह बड़ी सफलता है।
उनकी ओर से मुहैया कराई गई जानकारी के आधार पर ही गोल्डी बराड़ पकड़ा जा सका है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उसे भारत लाया जाएगा। पंजाब के फरीदकोट निवासी गोल्डी बराड़ पर हत्या, रंगदारी समेत 23 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह कनाडा से लॉरेंस बिश्नोई के गैंग के साथ मिलकर पूरे उत्तर भारत में आतंकी गतिविधियों के साथ टारगेट किलिंग व रंगदारी जैसे मामलों को अंजाम देता रहा है।
अहमदाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गोल्डी बराड़ के पकड़े जाने की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक कनाडा में रहकर अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले गोल्डी बराड़ की गतिविधियों पर भारतीय एजेंसियां लगातार नजर रख रही थीं। उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस भी जारी हुआ था।
बराड़ के अवैध रूप से कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करते ही इसकी जानकारी भारतीय एजेंसियों ने अमेरिकी एजेंसी को दी। इसके बाद हरकत में आई एफबीआई ने उसे हिरासत में ले लिया। भारत ने बराड़ के खिलाफ ठोस सुबूत अमेरिकी अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही उसे भारत को सौंप दिया जाएगा।
सिद्धू मूसेवाला के नाम से मशहूर शुभदीप सिंह सिद्धू की इस साल 29 मई को पंजाब के मानसा जिले में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके तुरंत बाद गोल्डी बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बीते महीने फरीदकोट में हुई डेरा प्रेमी की हत्या की जिम्मेदारी भी उसी ने ली थी।
कनाडा से भागकर कैलिफोर्निया में छिपा था
सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। मूसेवाला की हत्या के बाद दबाव बढ़ने पर वह अमेरिका भाग गया। इस बारे में पंजाब पुलिस को सूचना भी मिली थी। यह भी बताया गया कि वह कैलिफोर्निया में कानूनी मदद के जरिये राजनीतिक शरण लेना चाहता था। इसके लिए उसने कानून के जानकारों से मदद भी मांगी थी लेकिन गोल्डी का आपराधिक रिकॉर्ड देखकर सभी ने केस लड़ने से मना कर दिया था।
कैलिफोर्निया पुलिस ने नजरबंदी की सूचना दी है: मान
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि कैलिफोर्निया पुलिस ने इस संबंध में भारत सरकार और पंजाब पुलिस से संपर्क कर गोल्डी की नजरबंदी के बारे में सूचित किया है। अमेरिका के साथ संधि के अनुसार गोल्डी बराड़ को भारत लाएंगे ताकि जिन परिवारों ने अपने बेटे और बेटियों को खोया है, उन्हें इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा, बराड़ एक गैंग के जरिये पाकिस्तान से अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था।
रेड कॉर्नर नोटिस हुआ था जारी
पिछले दिनों इंटरपोल ने गोल्डी बरार के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इससे पहले साल 2020 में उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी हो चुका था। रेड कॉर्नर नोटिस, विदेश में एक भगोड़े की गिरफ्तारी और हिरासत की अनुमति देता है। पंजाब पुलिस के डोजियर में उसकी पांच अलग-अलग तस्वीरें हैं। वह पंजाब पुलिस का ए प्लस कैटेगरी का गैंगस्टर है।
मूसेवाला के पिता ने किया स्वागत, बोले- फांसी मिले
मूसेवाला के पिता बलकौर सिद्धू ने गोल्डी बराड़ को अमेरिकी एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस घटनाक्रम के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। मीडिया में आई खबरों से पता चला कि बराड़ को हिरासत में लिया गया है। अगर ऐसा है तो मैं इसका स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा, बराड़ को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी।
वह विदेश में बैठकर पंजाब के युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रहा है। उन्होंने मांग की है कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों का नारको टेस्ट करवाया जाना चाहिए। इनसे पूछा जाना चाहिए कि इनके पीछे कौन से नेता, उद्योगपति और पुलिस अफसर हैं। सिद्धू पंजाब सरकार का एक कमाने वाला बेटा था, वह सरकार को खजाने में पैसे दे रहा था। गुरुवार को उन्होंने गैंगस्टर बराड़ को गिरफ्तार करने पर दो करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।
पाक की खुफिया एजेंसी के इशारे पर करता था काम
मोस्टवांटेड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर पंजाब के विभिन्न थानों में हत्या, ड्रग और हथियार तस्करी समेत 23 से अधिक केस दर्ज हैं। इनमें से 18 मामले बेहद संवेदनशील हैं। अब तक की जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि गोल्डी बराड़ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करता रहा है। साथ ही उसके लिए एक नेटवर्क तैयार किया था।