पीजीआई में सोमवार से वॉक इन ओपीडी: 18 महीने बाद मिलेगी सुविधा, मौके पर पंजीकरण करवा डॉक्टर को दिखा सकेंगे मरीज
18 महीने बाद पीजीआई चंडीगढ़ में वॉक इन ओपीडी शुरू होने जा रही है। अब मरीज तुरंत पंजीकरण कराने के बाद डॉक्टरों को दिखा सकेंगे। पंजीकरण सुबह 9.15 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा। हालांकि अभी दो हफ्तों का ट्रायल होगा। इसके बाद ही नियमित करने का निर्णय लिया जाएगा।
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पीजीआई चंडीगढ़ में 18 महीने बाद सोमवार से वॉक इन ओपीडी सुविधा शुरू होने जा रही है। न्यू ओपीडी में आने वाले मरीजों का मौके पर ही पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ टेली कंसल्टेशन और ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी जारी रहेगी। पीजीआई प्रशासन ने मरीजों व उनके परिजनों से अनुरोध किया है कि वे कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए ओपीडी में आए, ताकि इस सुविधा को बिना बाधा के संचालित किया जा सके।
पीजीआई में ओपीडी के नोडल अधिकारी डॉ. नवीन पाण्डेय ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए मरीजों को न्यू ओपीडी के प्रवेश द्वार पर मास्क और सैनिटाइजर दिया जाएगा। इसके साथ-साथ सुरक्षा गार्ड कोरोना मानकों के पालन में मदद भी करेंगे। अगर किसी ने जानबूझकर अनदेखी की तो अंदर नहीं आने दिया जाएगा। पीजीआई दूसरे मरीजों की सुरक्षा से किसी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।
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18 महीने में ऐसे देख मरीजों को
- 20 अप्रैल 2020 को टेली-परामर्श सेवा शुरू की गई
- 6 सितंबर 2021 को ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा प्रति विभाग 30 रोगियों की सीमा के साथ शुरू की
ऐसे होगा संचालन
- न्यू ओपीडी में टेली-परामर्श के लिए पंजीकरण सुबह 8 से 9 बजे तक 0172-275991 नंबर पर किया जाएगा, जिसमें 19 लाइनें हैं।
- वॉक-इन रोगियों का पंजीकरण काउंटरों पर सुबह 9.15 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा।
- सभी ओपीडी में फिजिकल विजिट के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, जो वर्तमान में प्रति विभाग 30 रोगियों तक सीमित है, उसे 50 करने के साथ नेत्र विज्ञान, हेप्टोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा के लिए 100 मरीज किया जाएगा।
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नॉन कोविड मरीजों की परेशानी और संक्रमण दर की नियंत्रित स्थिति को ध्यान में रखकर ओपीडी की सुविधा पहले की तरह बहाल करने का निर्णय लिया गया है। अगर दो हफ्ते तक संक्रमण दर ऐसे ही नियंत्रित रही और संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करने में मरीजों का सहयोग मिला तो सुविधा को नियमित करने का निर्णय लिया जाएगा। -प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक।