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गजब! गिद्ध पहले उड़ने को तैयार न थे, अब उड़े तो ट्रेस नहीं हो रहे

Fri, 01 Jul 2016 01:37 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला Updated Fri, 01 Jul 2016 01:37 AM IST
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vulture flew from open cage, Now not trace
पिंजौर के जटायु सेंटर से छोड़े गए दो गिद्ध - फोटो : अमर उजाला

केंद्रीय वन और पर्यावरण  मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जब पिंजौर के जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र से गिद्धों को उड़ाने की कोशिश की तो तैयार नहीं हुए और जब उड़े तो उसमें से एक ट्रेस नहीं हो पा रहा। उसके पैर में सेटेलाइट्स भी नहीं लगे हैं कि उसकी लोकेशन का पता चल सके।

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 एक गिद्ध वाइल्ड लाइफ विंग की नजर में है।  वन विभाग के अधिकारियों का कहना है लापता गिद्ध के पैर में सेटेलाइट लगाने की परमीशन टेलीकॉम मंत्रालय ने वन विभाग को नहीं दी। बता दें कि पिंजौर स्थित जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र में 3 जून को केंद्रीय मंत्री ने प्रकाश जावड़ेकर ने 15 वर्ष में पहली बार इस जोड़े को खुले आसमान में विचरण के लिए छोड़ा था। लेकिन उस समय ये गिद्ध उड़ान भरने को तैयार नहीं थे। वे पिंजरे की एक डाल पर ही आठ घंटे तक जमे रहे।
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अनुशासन तोड़ा बैठा 
विभाग के अफसरों का कहना है कि गिद्धों की खूबी है कि वेे अनुशासन में रहते हैं, लेकिन एक गिद्ध पिंजरे से निकलते ही अनुशासन तोड़ बैठा और फरार हो गया। 
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छह साल पुराना प्यार 26 दिन में टूटा 
गिद्धों के किस्से भी रोचक हैं। जोड़े के बीच करीब छह साल पहले प्यार हुआ था। इस दौरान नर गिद्ध ने मादा गिद्ध को पेड़ की टहनी दी थी। मादा ने इस टहनी को स्वीकार भी किया था। एक्सपर्ट के मुताबिक प्यार होने पर गिद्ध (मेल) दूसरे गिद्ध (फीमेल) को टहनी भेंट करता है और उसी के अनुसार जोड़ा बनता है। यह जोड़ा हमेशा साथ रहता है। यदि नर गिद्ध की दी गई टहनी मादा स्वीकार नहीं करती है और उसको मारकर भगा देती है तो दोनों अलग हो जाते हैं।   


डॉ. अमरेंद्र कौर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा ने बताया कि गिद्धों के जोड़े में से एक गिद्ध दूर चला गया है। उसकी लोकेशन का पता नहीं लग पा रहा है। जबकि दूसरा गिद्ध आसपास ही है। उस पर वन विभाग की नजर है। अगर इन गिद्घों से सेटेलाइट अटैच होता तो उसे आसानी से ट्रेस किया जा सकता था। लेकिन अभी टेलीकॉम मंत्रालय इसकी मंजूरी नहीं दी है।

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