स्वतंत्रता दिवस समारोह: कड़ी सुरक्षा में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर फहराएंगे तिरंगा, नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
हाल ही में खालिस्तानी समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को ध्वजारोहण न करने की धमकी दी थी। धमकी भरे कॉल में कहा था कि ‘बदनौर स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण न करें और न ही इस संबंधी कार्यक्रमों में शिरकत करें। ऐसा करने पर वह अपने राजनीतिक मौत के खुद जिम्मेदार होंगे’।
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पिछली बार की तरह इस बार भी कोरोना वायरस का असर स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखेगा। सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में इस बार भी न तो सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और न ही आम लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे, जो कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
कोरोना की वजह से स्वतंत्रता दिवस समारोह में कई तरह से बदलाव किए गए हैं। स्कूलों बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। साथ ही प्रशासन द्वारा वीवीआईपी लोगों की सूची को भी छोटा किया जा रहा है ताकि कम से कम लोगों को ही कार्यक्रम में बुलाया जाए। समारोह स्थल पर कुर्सियां दो गज की दूरी के साथ लगाई जाएंगी।
पिछली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में न तो पुलिस जवानों की परेड करवाई गई थी और न ही चंडीगढ़ के विभागों की झांकियां निकाली गई थीं। स्कूली बच्चों की ओर से किए जाने वाले रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किए गए थे। परेड ग्राउंड में सिर्फ कोरोना वॉरियर्स को ही सम्मानित किया गया था।
बाकी लोगों के प्रमाणपत्र विभाग के प्रमुखों को दे दिए गए थे। बाद में विभागों के दफ्तरों में ही प्रमाणपत्र बांटे गए थे। गौरतलब है कि कोरोना से पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शहर के हजारों लोग शामिल होते थे और प्रशासन के विभिन्न विभाग और बेहतर कार्य करने वाले कई शहरवासियों को प्रशासक द्वारा सम्मानित किया जाता था।
पन्नू की धमकी, कड़ी सुरक्षा में होगा समारोह
स्वतंत्रता दिवस समारोह 2021 के मद्देनजर चंडीगढ़ पुलिस की ओर से शहर में पेट्रोलिंग और मुस्तैदी के साथ सर्च अभियान भी बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शहर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था रखने के साथ कोरोना वायरस से बचाव के प्रति लागू नियमों का पालन करवाना भी पुलिस के लिए चुनौती होगी।
इस बीच अमेरिका और कनाडा में छिपे खालिस्तानी समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बीते शनिवार को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को धमकी देते हुए कहा था कि ‘बदनौर स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण न करें और न ही इस संबंधी कार्यक्रमों में शिरकत करें। ऐसा करने पर वह अपने राजनीतिक मौत के खुद जिम्मेदार होंगे’। हालांकि बदनौर सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि कड़ी सुरक्षा के बीच समारोह का आयोजन होगा।
प्रशासक के रूप में आखिरी बार तिरंगा फहराएंगे बदनौर
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस पद पर रहते हुए आखिरी बार चंडीगढ़ में तिरंगा फहराएंगे, क्योंकि 22 अगस्त को उनका पांच वर्षों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में प्रशासन स्वतंत्रता समारोह को खास बनाने में जुटा हुआ है। यही कारण है कि बीते दिनों डीसी मनदीप सिंह बराड़ और सोमवार को प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने अधिकारियों के साथ बैठक की और समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। धर्मपाल ने अधिकारियों को चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात करने और कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रम के आयोजन के आदेश दिए। बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए केंद्र सरकार की तरफ से जारी दिशानिर्देशों पर भी चर्चा की गई।