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Chandigarh News: निगम चुनाव में लागू होगी एसआईआर वाली मतदाता सूची
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-राज्य चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना, चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची के आधार पर होगा 35 वार्डों का चुनाव
चंडीगढ़। नगर निगम के आगामी आम चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसके तहत चुनाव में चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र की उस मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 22 सितंबर को अंतिम रूप से प्रकाशित किया गया था। यह सूची नगर निगम के सभी 35 वार्डों में लागू होगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम चुनाव के लिए अलग से नई मतदाता सूची तैयार करने की जरूरत नहीं है। संसदीय क्षेत्र की मौजूदा मतदाता सूची सभी 35 वार्डों को कवर करती है। ऐसे में अलग सूची तैयार करने में लगने वाले समय और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकेगा। इसी आधार पर आयोग ने पहले से प्रकाशित सूची को आगामी नगर निगम आम चुनाव के लिए अपनाने का निर्णय लिया है।
सात जनवरी 2027 को खत्म होगा कार्यकाल
चंडीगढ़ नगर निगम के मौजूदा सदन का कार्यकाल सात जनवरी 2027 को समाप्त होने जा रहा है। अधिसूचना के अनुसार, नए सदन के गठन के लिए मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले पार्षदों का चुनाव करवाना आवश्यक है। हालांकि, आयोग ने अभी चुनाव की तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
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नामांकन तक शामिल होंगे संशोधन
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उसमें किए गए संशोधन भी नगर निगम चुनाव के लिए संबंधित वार्डों की मतदाता सूची का हिस्सा होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 और 23 के तहत किए जाने वाले वैधानिक बदलाव भी इसमें शामिल किए जाएंगे। इसका मतलब है कि 22 सितंबर को प्रकाशित मतदाता सूची को चुनाव का आधार बनाया जाएगा, लेकिन निर्धारित समयसीमा तक होने वाले पात्र संशोधनों को भी मान्यता मिलेगी। इससे मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरणों से जुड़े वैधानिक बदलाव चुनावी प्रक्रिया में शामिल किए जा सकेंगे।
अलग सूची बनाने की प्रक्रिया से बचेगा समय
आयोग के अनुसार, संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची नगर निगम के सभी 35 वार्डों के लिए पर्याप्त है। अलग सूची तैयार करने में अतिरिक्त समय, संसाधन और धन खर्च होता। मौजूदा सूची अपनाने से इस प्रक्रिया से बचा जा सकेगा। अब इसी सूची के आधार पर मतदाताओं की पहचान और वार्डवार चुनावी प्रक्रिया संचालित की जाएगी। चुनाव की तारीखों और अन्य कार्यक्रमों की घोषणा आयोग की ओर से अलग से की जानी बाकी है।
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चंडीगढ़। नगर निगम के आगामी आम चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसके तहत चुनाव में चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र की उस मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 22 सितंबर को अंतिम रूप से प्रकाशित किया गया था। यह सूची नगर निगम के सभी 35 वार्डों में लागू होगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम चुनाव के लिए अलग से नई मतदाता सूची तैयार करने की जरूरत नहीं है। संसदीय क्षेत्र की मौजूदा मतदाता सूची सभी 35 वार्डों को कवर करती है। ऐसे में अलग सूची तैयार करने में लगने वाले समय और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकेगा। इसी आधार पर आयोग ने पहले से प्रकाशित सूची को आगामी नगर निगम आम चुनाव के लिए अपनाने का निर्णय लिया है।
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सात जनवरी 2027 को खत्म होगा कार्यकाल
चंडीगढ़ नगर निगम के मौजूदा सदन का कार्यकाल सात जनवरी 2027 को समाप्त होने जा रहा है। अधिसूचना के अनुसार, नए सदन के गठन के लिए मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले पार्षदों का चुनाव करवाना आवश्यक है। हालांकि, आयोग ने अभी चुनाव की तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
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नामांकन तक शामिल होंगे संशोधन
राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 22 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उसमें किए गए संशोधन भी नगर निगम चुनाव के लिए संबंधित वार्डों की मतदाता सूची का हिस्सा होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 और 23 के तहत किए जाने वाले वैधानिक बदलाव भी इसमें शामिल किए जाएंगे। इसका मतलब है कि 22 सितंबर को प्रकाशित मतदाता सूची को चुनाव का आधार बनाया जाएगा, लेकिन निर्धारित समयसीमा तक होने वाले पात्र संशोधनों को भी मान्यता मिलेगी। इससे मतदाता सूची में नाम और अन्य विवरणों से जुड़े वैधानिक बदलाव चुनावी प्रक्रिया में शामिल किए जा सकेंगे।
अलग सूची बनाने की प्रक्रिया से बचेगा समय
आयोग के अनुसार, संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची नगर निगम के सभी 35 वार्डों के लिए पर्याप्त है। अलग सूची तैयार करने में अतिरिक्त समय, संसाधन और धन खर्च होता। मौजूदा सूची अपनाने से इस प्रक्रिया से बचा जा सकेगा। अब इसी सूची के आधार पर मतदाताओं की पहचान और वार्डवार चुनावी प्रक्रिया संचालित की जाएगी। चुनाव की तारीखों और अन्य कार्यक्रमों की घोषणा आयोग की ओर से अलग से की जानी बाकी है।