Chandigarh News: सार्वजनिक वाहनों में VLTD और पैनिक बटन अनिवार्य, ऐसा करने वाला चंडीगढ़ पहला UT
सभी सार्वजनिक बसें, सभी प्रकार के टैक्सी-कैब, स्कूल-कॉलेज की बस, सभी प्रकार के इंस्टीट्यूट के वाहन, कारपोरेट ऑफिस की टैक्सी आदि सभी सार्वजनिक वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य होगा।
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चंडीगढ़ में अब सभी सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। एसटीए अगले कुछ महीने वाहन चालकों को जागरूक करेगा। इसके बाद सख्ती शुरू होगी और चालान काटे जाएंगे।
एसटीए के अनुसार, जिन सार्वजनिक वाहनों में सवारियां सफर करती हैं, उनमें वीएलटीडी और पैनिक बटन लगवाना जरूरी है ताकि महिलाओं और बच्चों को आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। एसटीए अमित कुमार ने बताया कि अब वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा ताकि सभी इन डिवाइस को जल्द से जल्द लगवा लें। दो-तीन महीने बाद सख्ती के साथ चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है। डिवाइस के लगने के बाद एसटीए और कमांड सेंटर के पास पूरी जानकारी होगी कि कौन सा वाहन कब-कब और कहां-कहां गया। आपात की स्थिति में सवारी के पास पैनिक बटन को दबाने का विकल्प होगा, जिसके दबाते ही कमांड कंट्रोल सेंटर के साथ पुलिस को भी यात्री की लोकेशन के साथ अलर्ट पहुंच जाएगा और समय पर मदद पहुंचाई जा सकेगी। उन्होंने दावा किया कि चंडीगढ़ पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है जहां इसे अनिवार्य किया गया है।
वीएलटीडी और पैनिक बटन नहीं तो गाड़ी नहीं होगी पास
परमिट संबंधित वाहनों का कोई काम अब बिना इन दोनों डिवाइस के लगे नहीं होगा। इसको लेकर एसटीए की तरफ से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसटीए अमित कुमार ने बताया कि मंत्रालय की तरफ से मंजूर 15-16 एजेंसियां हैं जिनके पास से वाहन चालक इन डिवाइस को लगवा सकते हैं। अब डिवाइस के लगने के बाद ही गाड़ियों का पंजीकरण, परमिट, रिनुअल, फिटनेस आदि के सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।
इन सभी वाहनों में डिवाइस अनिवार्य
सभी सार्वजनिक बसें, सभी प्रकार के टैक्सी-कैब, स्कूल-कॉलेज की बस, सभी प्रकार के इंस्टीट्यूट के वाहन, कारपोरेट ऑफिस की टैक्सी आदि सभी सार्वजनिक वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य होगा।
दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर को छूट
दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर को इससे छूट दी गई है। इन वाहनों की फिटनेस चेकिंग के समय भी विभाग की तरफ से इस सिस्टम को चेक किया जाता है।
ये फायदे होंगे
- एसटीए के पोर्टल पर हमेशा रहेगी टैक्सी-कैब की लोकेशन
- गाड़ी रूट पर चल रही है या नहीं, निगरानी रखना आसान होगा
- महिलाओं और बच्चों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुरक्षित होगा
- नियम तोड़ने वाले चालकों की पहचान होगी। हादसे भी रुकेंगे
- गाड़ी की चोरी हुई तो उसे ढूंढना भी आसान हो जाएगा