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साध्वी यौन शोषण मामला: राम रहीम को दोषी करार देने के बाद पंचकूला में भड़की थी हिंसा, चपेट में आए थे पांच राज्य

Sat, 09 Oct 2021 12:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 09 Oct 2021 12:35 PM IST
सार

पुलिस को जांच में पुख्ता सबूत नहीं मिलने पर 10 मामलों में दर्ज एफआईआर में नामजद करीब 100 आरोपियों से देशद्रोह की धारा हटानी पड़ी थी। सबूतों के अभाव में दो मामलों में आरोपियों को बरी किया गया।

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Violence was erupted in Panchkula after Ram Rahim convicted by CBI court
पंचकूला हिंसा (फाइल फोटो)

विस्तार

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दो साध्वियों का यौन शोषण करने के मामले में 25 अगस्त 2017 को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके बाद पंचकूला समेत पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पांच अन्य राज्यों में हिंसा भड़क गई थी। 

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पंचकूला में दंगाई तीन घंटे तक हिंसा करते रहे। इसमें 31 लोग मारे गए, 250 से ज्यादा घायल हुए थे। दिल्ली में एक ट्रेन के दो खाली डिब्बे जला दिए गए थे। उत्तर-प्रदेश के लोनी में भी हिंसा हुई थी। पंचकूला के अलावा पंजाब के पटियाला, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा व बठिंडा में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 
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यह भी पढ़ें- रणजीत सिंह हत्याकांड: राम रहीम बेचैन, सजा से पहले वकील करेंगे मुलाकात, सुनारिया जेल के आसपास बढ़ी सतर्कता
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हिंसा से नाराज पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरे की संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई करने को कहा था। जब केस में जज जगदीप सिंह ने दोषी ठहराया तो राम रहीम रो पड़ा था। उसे हेलीकॉप्टर से रोहतक की सुनारिया जेल ले जाया गया था। तब से वह उसी जेल में कैद है।

वाहनों के अलावा बैंक में भी लगाई आग
हिंसा के दौरान दंगाइयों ने करीब सौ वाहन जला दिए थे। इनमें अधिकतर वाहन मीडिया कर्मियों के थे। हिंसा के तत्काल बाद सरकार ने जल्द मुआवजे का भरोसा तो दिया लेकिन किसी को मुआवजा राशि नहीं मिल सकी। दंगाइयों ने हिंसा के दौरान सेक्टर-16, एचडीएफसी बैंक को आग के हवाले कर दिया था। 

अग्रवाल भवन में तोड़फोड़ के बाद एंबुलेंस समेत अन्य गाड़ियों को जला दिया था। हिंसा मामले में पुलिस ने कुल 177 एफआईआर दर्ज की थी, इनमें 1137 आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। पुलिस को जांच में पुख्ता सबूत नहीं मिलने पर 10 मामलों में दर्ज एफआईआर में नामजद करीब 100 आरोपियों से देशद्रोह की धारा हटानी पड़ी थी। सबूतों के अभाव में दो मामलों में आरोपियों को बरी किया गया।

धारा-144 के उल्लंघन के बाद हिंसा पर उतारू हुए दंगाई 
25 अगस्त 2017 को पंचकूला की सीबीआई अदालत की तरफ से साध्वी यौन शोषण मामले में फैसला सुनाने के बाद हिंसा की आशंका बनी थी। पुलिस-प्रशासन ने एहतियातन धारा-144 लगाई थी। बावजूद इसके पुलिस-प्रशासन ने इकट्ठा होती भीड़ को समय रहते न खदेड़ने की भारी लापरवाही की थी। 

नतीजतन फैसला आने से पूर्व शहर में राम रहीम के हजारों समर्थकों आ पहुंचे थे और फैसले के बाद हालात ऐसे बिगड़े की आगजनी और हिंसा को अंजाम दिया गया। उपद्रवियों ने ओवी वैन, फायर ब्रिगेड, मीडिया कर्मियों की कारें और दर्जनों टू-व्हीलर में आग लगा दी थी। 

बिगड़े हालात को काबू करने के लिए अर्धसैनिक बल और पंचकूला पुलिस को फायरिंग करने समेत आंसू गैस के गोले छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। वे हाथों में हथियार व पेट्रोल बम लेकर बेगू रोड स्थित मिल्क प्लांट में घुस गए और वहां आग लगा दी थी।

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