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Hindi News ›   Chandigarh ›   Violation of 7 A will be investigated in registries from 2010 to 2016 in Haryana

हरियाणा बजट सत्र: 2010 से 2016 तक की रजिस्ट्रियों में 7-ए के उल्लंघन की होगी जांच, सीएम मनोहर लाल ने की घोषणा

Tue, 15 Mar 2022 04:17 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 15 Mar 2022 04:17 PM IST
सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष ने हमें किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार मामले की न तो जानकारी दी और न ही कोई सबूत। जहां तक करनाल के तहसीलदार की बात है तो उसे आपने नहीं, हमने पकड़वाया है।

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Violation of 7 A will be investigated in registries from 2010 to 2016 in Haryana
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार वर्ष 2010 से 2016 तक प्रदेश में हुई रजिस्ट्रियों में 7 ए के नियम के उल्लंघन की जांच कराएगी। इस पूरी प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। जिनकी भी इस पूरे प्रकरण में संलिप्तता पाई जाएगी, उन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर आवश्यकता हुई तो वर्ष 2004 तक के रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी के मामले में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर की। इससे पहले, तहसीलों में भ्रष्टाचार को लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। इनेलो विधायक अभय चौटाला, कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, नीरज शर्मा और निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार चल रहा है।
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जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के समक्ष जब भी भ्रष्टाचार का कोई भी मामला सामने आया है तो सरकार ने स्वयं संज्ञान लेकर उस पर आगामी कार्रवाई की है। इसी प्रकार, रजिस्ट्री की गड़बड़ियों के मामले में भी सरकार ने स्वयं संज्ञान लिया और तहसीलों के पिछले रिकॉर्ड की भी जांच करवाई है। 

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अधिकारियों-कर्मचारियों को 15 दिनों का नोटिस दिया
मनोहर लाल ने कहा कि 13 जून 2020 को गुरुग्राम से रजिस्ट्री में गड़बड़ी की कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थी और सरकार ने स्वयं संज्ञान लेकर इस पर कार्रवाई करने के लिए 13 अगस्त 2020 को वित्त आयुक्त, मंडलायुक्त और उपायुक्तों को पत्र लिखे और संबंधित तहसीलों में रजिस्ट्री में 7- ए के उल्लंघन की जानकारी सरकार के साथ साझा करने के निर्देश दिया। सरकार के पास लगभग 60,000 रजिस्ट्रियों का आंकड़ा सामने आया है। इन रजिस्ट्रियों से संबंधित तहसीलदार, सब-तहसीलदार, पटवारी, क्लर्क इत्यादि से 15 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा गया। इनको देखने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम बोले- विपक्ष ने नहीं, हमने पकड़वाया है तहसीलदार
विपक्ष पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने हमें किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार मामले की न तो जानकारी दी और न ही कोई सबूत। जहां तक करनाल के तहसीलदार की बात है तो उसे आपने नहीं, हमने पकड़वाया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी प्रकार के मामले में कोई भी कार्रवाई की है तो वह मनोहर लाल ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छह साल अवधि की जांच की घोषणा कुछ लोगों को शायद बर्दाश्त ना हो तो वह न्यायालय का रास्ता भी अपना सकते हैं, परंतु सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी इस मुहिम से किसी भी कीमत में पीछे नहीं हटेगी।

अवैध कालोनियों पर लगाई जाएगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री में हो रही गड़बड़ी के मद्देनजर यह पाया कि दो कनाल यानी 1000 स्क्वायर मीटर जमीन का इस्तेमाल ही अवैध कॉलोनियों के लिए होता है। रजिस्ट्री में गड़बड़ी करने के लिए नियम के तहत इस्तेमाल होने वाले कृषि योग्य भूमि और वेकेंट लैंड शब्दों का दुरुपयोग किया गया। इसी पर नकेल कसने के लिए हमने यह निर्णय लिया कि 2 कनाल भूमि की सीमा 1 एकड़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी कोई अवैध कॉलोनियों को विकसित करने के लिए छोटी भूमि को खरीदता और बेचता है, उस पर रोक लगाई जाएगी।

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