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कोरोना : सुरक्षित नहीं रहे पंजाब के गांव, शहरों से 2.1 प्रतिशत ज्यादा मृत्यु दर

Thu, 29 Apr 2021 02:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 29 Apr 2021 02:05 AM IST
सार

  • पंजाब के शहरों में 0.7 प्रतिशत दर्ज की गई मृत्यु दर
  • शहरों की तरह गांवों में भी बंदिशें बढ़ा सकती है सरकार

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Villages in Punjab not safe as 2.1 percent higher corona death rate than cities
demo pic... - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

शहरों के मुकाबले पंजाब के गांव कोरोना संक्रमण के लिहाज से सुरक्षित नहीं रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों से 2.1 प्रतिशत ज्यादा मृत्यु दर दर्ज की गई है। जबकि शहरों में गांवों के मुकाबले 0.7 प्रतिशत मृत्यु दर है। गांवों में बढ़ती मृत्यु दर को लेकर पंजाब सरकार चिंतित है। शहरों के साथ ही गांवों में भी सरकार बंदिशें बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

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स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में खुलासा हुआ है कि 1 जनवरी 2021 से अप्रैल 2021 तक पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में 58 प्रतिशत संक्रमण से मौतें दर्ज की गई हैं। साथ ही 27 प्रतिशत पॉजिटिव केस दर्ज किए गए हैं। जबकि सूबे की शहरी आबादी में 73 प्रतिशत पॉजिटिव केस और 42 प्रतिशत कोविड मौतें दर्ज की गई हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि गांवों में शहरों की अपेक्षा कोरोना के मामले कम होने के बावजूद मौतें अधिक हो रही हैं। राज्य के शहरी क्षेत्रों में 0.7 प्रतिशत के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड से होने वाली मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत है। जबकि इस समय पंजाब में मृत्यु दर 2 प्रतिशत है। 
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हाई-बीपी और शुगर पेशेंट को ज्यादा रिस्क
पंजाब में संक्रमण को लेकर आए आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि संक्रमण से हाई-बीपी और शुगर पेशेंट को ज्यादा खतरा है। पंजाब सरकार ने भी उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीजों को सलाह दी है कि वह कोविड-19 संबंधी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। उनको संक्रमण होने का खतरा अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक है। 
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50 हजार पार हुए सक्रिय मामले
गांवों में बढ़ती मृत्यु दर के साथ ही राज्य में बढ़ते सक्रिय मामले भी पंजाब सरकार के लिए चिंता का विषय हैं। अप्रैल में ही सक्रिय मामलों की संख्या में 50 प्रतिशत की ज्यादा की वृद्धि हुई है। एक अप्रैल को सूबे में 24 हजार सक्रिय मामले दर्ज किए गए थे, जो बढ़कर 50 हजार से अधिक पहुंच गए हैं। 


गांवों में बढ़ती मृत्यु दर चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग लगातार इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास कर रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श कर इसे लागू किया जाएगा।
-बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब।

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