अबोहर में रेल ट्रैक जाम: फाटक बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने लगाया धरना, बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच कई गाड़ियां प्रभावित
आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब सवा 12 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया। दोनों ओर से गाड़ियों का आवागमन शुरू हो गया। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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अबोहर के गांव केराखेड़ा-बल्लुआना के बीच रेलवे फाटक को रेलवे ने बंद कर दिया। इसके विरोध में आधा दर्जन गांवों के लोगों ने उसी रेलवे फाटक पर धरना लगा दिया। अबोहर-मलोट रेल ट्रैक पर गुरुवार को गांव केराखड़ा के साथ आसपास के करीब आधा दर्जन गांववालों ने धरना दिया। इन सभी ने रेलवे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ट्रैक जाम की सूचना मिलते ही बठिंडा से फाजिल्का जाने वाली पैसेंजर गाड़ी को मलोट में और अंबाला से श्रीगंगानगर जाने वाली गाड़ी को गिदड़बाहा में रोक दिया गया। श्रीगंगानगर से चलकर अंबाला जाने वाली गाड़ी अबोहर जंक्शन पर रुकी रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की वजह से सभी गाड़ियां करीब दो घंटे लेट हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक रेलवे फाटक बंद करने का आदेश रद्द नहीं होगा तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के कारण बठिंडा-श्रीगंगानगर के बीच चलने वाली कई ट्रेन प्रभावित हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब से यह रेल लाइन शुरू हुई है तब से रेलवे फाटक चल रहा है। इस फाटक से गांव बल्लूआना और केराखेड़ा समेत करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों का आना-जाना है।
इन गांवों के किसानों के खेत इस रेलवे फाटक के दोनों ओर हैं और किसानों को इसी रेलवे फाटक से गुजरना पड़ता है। अब रेलवे ने इस रेल फाटक को बंद करने का आदेश जारी किया है। इससे सभी ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस समस्या को लेकर उन्होंने रेल फाटक पर धरना लगाया है।
उन्होंने कहा कि जब तक रेल विभाग इस फाटक को बंद करने का आदेश वापस नहीं लेता तब तक उनका धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने रेल विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रेल लाइन जाम होने की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी पुलिस कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों की एक न सुनी।
आश्वासन पर खत्म किया धरना
रेल ट्रैक जाम होने की सूचना मिलते ही एसडीएम अमित गुप्ता मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर रेल अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ग्रामीणों और रेल अधिकारियों की बैठक करवा देंगे और बैठक न होने तक यह रेलवे फाटक पहले की भांति ही चलता रहेगा। इस पर ग्रामीणों ने करीब सवा 12 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया। दोनों ओर से गाड़ियों का आवागमन शुरू हो गया। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।