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Chandigarh News: तसौली गांव में नई रेलवे लाइन का लोगों ने किया विरोध
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लांडरां / बनूड़। मोहाली से राजपुरा को रेलवे से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई नई लाइन के लिए गांवों में अभी सर्वे चल रहा है। सर्वे करने वाले रेलवे लाइन के लिए खेतों में मिट्टी की जांच कर रहे हैं। तसौली गांव के लोगों ने प्रस्तावित रेलवे लाइन का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन का रूट तसौली गांव से बदलकर किसी दूसरी तरफ किया जाना चाहिए।
गांव के सरपंच शरणजीत सिंह की अगुवाई में गांव वालों की मीटिंग में नई रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को हाथ उठाकर खारिज कर दिया गया। इस मौके पर सरपंच शरणजीत सिंह, पूर्व सरपंच कुलविंदर सिंह, करमजीत सिंह, परमजीत सिंह, केसर सिंह, हरि सिंह, मेजर सिंह, तारा सिंह सहित अन्य ने कहा कि गांव तसौली के किसानों के पास बहुत कम जमीन है और ज्यादातर किसानों के पास एक से दो एकड़ ज़मीन है। रेलवे लाइन का सर्वे गांव तसौली के बहुत पास हो रहा है और गांव के ज्यादातर किसानों की जमीनें इसके अंदर आ रही हैं। ज्यादातर किसानों की ज़मीनें रेलवे लाइन से बंट जाएंगी और आधी जमीन एक तरफ और आधी दूसरी तरफ रह जाएगी, जिससे किसानों को खेती के लिए आने-जाने के अलावा पानी की भी बड़ी समस्या होगी। उन्होंने
लोगों ने संघर्ष की दी चेतावनी
रेल मंत्री, जिला प्रशासन और पंजाब सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की और कहा कि छोटे किसानों को उजड़ने से बचाया जाए और रेलवे लाइन को गांव से दूर और तसौली की ज़मीन से बाहर निकाला जाए। ऐसा न होने पर उन्होंने संघर्ष शुरू करने की चेतावनी भी दी।
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गांव के सरपंच शरणजीत सिंह की अगुवाई में गांव वालों की मीटिंग में नई रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को हाथ उठाकर खारिज कर दिया गया। इस मौके पर सरपंच शरणजीत सिंह, पूर्व सरपंच कुलविंदर सिंह, करमजीत सिंह, परमजीत सिंह, केसर सिंह, हरि सिंह, मेजर सिंह, तारा सिंह सहित अन्य ने कहा कि गांव तसौली के किसानों के पास बहुत कम जमीन है और ज्यादातर किसानों के पास एक से दो एकड़ ज़मीन है। रेलवे लाइन का सर्वे गांव तसौली के बहुत पास हो रहा है और गांव के ज्यादातर किसानों की जमीनें इसके अंदर आ रही हैं। ज्यादातर किसानों की ज़मीनें रेलवे लाइन से बंट जाएंगी और आधी जमीन एक तरफ और आधी दूसरी तरफ रह जाएगी, जिससे किसानों को खेती के लिए आने-जाने के अलावा पानी की भी बड़ी समस्या होगी। उन्होंने
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लोगों ने संघर्ष की दी चेतावनी
रेल मंत्री, जिला प्रशासन और पंजाब सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की और कहा कि छोटे किसानों को उजड़ने से बचाया जाए और रेलवे लाइन को गांव से दूर और तसौली की ज़मीन से बाहर निकाला जाए। ऐसा न होने पर उन्होंने संघर्ष शुरू करने की चेतावनी भी दी।
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