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मन की बात का विरोध करने पर सरकार ने मांगा स्पष्टीकरण, भड़के ग्रामीणों ने रोड जाम किया
Thu, 31 Dec 2020 04:30 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, टोहाना (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, टोहाना (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 31 Dec 2020 04:30 PM IST
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सड़क पर जाम लगाते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के फतेहाबाद में टोहाना उपमंडल के गांव नाढोड़ी की ग्राम पंचायत ने प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के विरोध में प्रस्ताव पास किया था। इस पर सरकार द्वारा ग्राम पंचायत से जवाब तलब किया गया था। इसके विरोध में गुरुवार को किसानों ने हिसार चंडीगढ़ रोड पर जाम लगा दिया।
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किसान संयुक्त एक्शन कमेटी के नेतृत्व में किसानों ने जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि सरकार के विरोध में उठने वाले स्वर को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई।
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किसान नेता रघुवीर सिंह और रमेश डांगरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से नाढोड़ी के किसान हरिसिंह से बात की थी। इसके विरोध में ग्राम पंचायत ने रेजुलेशन पास किया था कि कार्यक्रम के दौरान किसान से बात करके देश के किसानों को बरगलाया जा रहा है, जिसका पंचायत विरोध करती है। इसके बाद जिला प्रशासन ने पंचायत को नोटिस जारी कर दिया है, जो गलत है। इसी के विरोध में यह जाम लगाया गया है।
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इससे पहले गग्राम पंचायत नाढोड़ी के सरपंच से प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगा था। डीसी कार्यालय द्वारा लिखे पत्र में लिखा गया था कि नाढोड़ी के किसान हरि सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसानों के मुद्दे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की गई थी।
इस पर सुमित कुमार सरपंच ग्राम पंचायत नाढोड़ी द्वारा अन्य गांववासियों के साथ मिलकर हरि सिंह के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठे होकर 28 दिसंबर को निंदा प्रस्ताव पास किया। पंचायत में सरपंच ने भाग लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग पर विरोध जताया था और इसमें सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत की लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया था। जो कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम व सरपंच पद के उत्तरदायित्वों के विरुद्ध है।
अपनी बात पर अडिग हूं : सरपंच
सरपंच सुमित कुमार ने स्पष्टीकरण में कहा है कि गांव में 28 दिसंबर को पंचायत हुई थी। पंचायत में लेटर हेड पर किसानों के समर्थन में कानून रद्द करने व गांव के किसान को गुमराह करने पर निंदा प्रस्ताव पास किया गया था। मैं उसका समर्थन करता हूं और पंजाब हरियाणा समेत पूरे देश के किसानों के चल रहे आंदोलन का समर्थन करूंगा।