फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Village-colonies saved the shame of the city

निगम चुनाव चंडीगढ़ : गांव-कॉलोनियों ने बचाई शहर की लाज

Sat, 25 Dec 2021 02:30 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 02:30 AM IST
विज्ञापन
Village-colonies saved the shame of the city
चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव में गांवों और कॉलोनियों ने शहर की लाज बचा ली है। 13 गांवों के शामिल होने के बाद यहां बंपर वोटिंग हुई, लेकिन जहां शहर के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे और वीआईपी लोग रहते हैं, वहां सबसे कम मतदान हुआ। अगर गांवों-कॉलोनियों के लोग वोट करने के लिए आगे नहीं आते तो मतदान प्रतिशत काफी नीचे होता।
विज्ञापन

वार्ड नंबर-2 में शहर के सबसे वीआईपी सेक्टर आते हैं। इसमें सेक्टर-1 से 10 तक का इलाका आता है। यहां 11 हजार 564 मतदाता हैं। इनके लिए चुनाव आयोग ने 8 इमारतों में 16 बूथ बनाए थे, लेकिन वोट डालने आधे लोग ही पहुंचे। इस वार्ड का कुल प्रतिशत 50.8 रहा। वार्ड नंबर-23 जिसमें सेक्टर-34, 35 और 43 आता है, वहां भी सबसे कम मतदान हुआ है। ये भी वीआईपी लोगों के सेक्टर हैं और यहां का मतदान प्रतिशत महज 42.66 फीसदी रहा है। इनके अलावा वार्ड नंबर-32 (सेक्टर-44, 51) में 45.57 फीसदी, वार्ड नंबर-18 (सेक्टर-20 और 30) में 48.8 फीसदी मतदान हुआ है। इसी पांच वार्ड में 50 फीसदी से कम मतदान हुआ है। दूसरी ओर, ज्यादातर गांवों और कालोनियों में 72 फीसदी तक मत पड़े हैं।
विज्ञापन

लोकतंत्र के असली प्रहरी निकले गांव और कॉलोनियों के लोग
चुनाव ने ये साबित कर दिया है कि जो लोग शहर के भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा राय रखते हैं, जब मतदान की बारी आती है तो वह पीछे हट जाते हैं। लोकतंत्र के असली प्रहरी गांवों और कॉलोनियों के लोग ही निकले हैं। वार्ड नंबर एक (कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा कॉलोनी) में सबसे ज्यादा गांव आते हैं। यहां वोट देने के लिए सुबह से ही लोग लाइन में लगे रहे। 50 फीसदी मतदान तो दोपहर दो बजे के करीब ही हो गया। कुल मतदान 71.95 फीसदी हुआ है। वार्ड नंबर-16, जहां सेक्टर-25 भास्कर कॉलोनी, सेक्टर-25 और 25 वेस्ट का इलाका आता है, यहां पूरे शहर में सबसे ज्यादा 72.81 फीसदी मतदान हुआ है। वार्ड नंबर-4 (मनीमाजरा, किशनगढ़, भगवानपुरा, इंदिरा कॉलोनी, आईटी पार्क और शास्त्री नगर) में 71.71 फीसदी, वार्ड नंबर-15 (सारंगपुर और धनास स्मॉल फ्लैट्स) में 71.48 फीसदी, वार्ड नंबर-7 (मौली जागरां, चरण सिंह कॉलोनी, विकास नगर) में 71.46 फीसदी और वार्ड नंबर-19 (इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 और रामदरबार) में 72.09 फीसदी मतदान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वार्ड नंबर 1
कैंबवाला, खुड्डा अली शेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा कॉलोनी के गांव पहली बार नगर निगम में शामिल हुए हैं। ग्राम पंचायत चुनाव में भी ग्रामीण इलाकों में काफी मतदान होता था। इस बार भी गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भा लिया। गांव के लोगों में मतदान के प्रति अधिक उत्साह दिखा। लोग सुबह 7.30 बजे से पहले ही मतदान के लिए कतार में लग गए थे। लोगों ने जमकर मतदान किया।
वार्ड नं. 2
वार्ड नंबर 2 में सेक्टर-1 से 10 तक शामिल है। सबसे ज्यादा रौनक 7बी और 8 सी में रही। करीब 12.30 पर सेक्टर 7 गवर्नमेंट मॉडल नर्सरी स्कूल में सांसद किरण खेर वोट डालने पहुंचीं। जब यह पूछा गया कि विपक्ष यह सवाल कर रहा है कि काफी समय के बाद शहर में दिखी तो सांसद ने कहा कि वे बीमार थीं। किरण खेर ने नाराज स्वर में कहा कि भगवान न करे कि विपक्ष वालों के घर कोई बीमार हो, किसी को ब्लड कैंसर हो। सेक्टर 8 बी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मतदान शांतिपूर्ण हुआ। मतदाता आते रहे, वोट डालते रहे और जाते रहे। यदि किसी ने मास्क नहीं लगाया था तो उन्हें उपलब्ध करवाया गया।
वार्ड नं. 3
बापूधाम के गवर्नमेंट मिडल स्कूल बूथ नंबर 19 से एक व्यक्ति को मास्क न लगा होने के कारण वापस भेज दिया गया। बापूधाम के आंगनबाड़ी बूथ नंबर 216 में लोगों में मतदान का उत्साह दिखा। यहां फर्स्ट टाइम वोटर अमित वर्मा ने कहा कि मतदान को लेकर काफी क्रेज है। यहां बुजुर्गों को लाइन में नहीं लगना पड़ा, सभी ने उन्हें रास्ता देकर पहले वोट डालने का मौका दिया। गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आंगनबाड़ी बिल्डिंग और श्री गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल में मतदान शांतिपूर्ण रहा।
वार्ड नं. 4
वार्ड नं. चार में 71.71 प्रतिशत मतदान हुआ। इंदिरा कॉलोनी के सरकारी स्कूलों और कम्युनिटी सेंटरों में सुबह तड़के 7 बजे ही लोग आकर बूथों के बाहर कतारों में खड़े हो गए थे। सुबह सुबह मतदान के लिए महिलाओं में उत्साह दिखा। इंदिरा कॉलोनी में 8642 वोट, किशनगढ़ गांव में 3550 और शास्त्री नगर 1197 वोट पड़े। ऐसा पहली बार है, जब इंदिरा कॉलोनी में शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
वार्ड नं. 5
मनीमाजरा के मेन बाजार में बने प्राइमरी स्कूल नंबर 1 में बने पोलिंग बूथ 419, 419ए, 420, 420ए 421 के दिनभर भाजपा और कांग्रेस के समर्थकों के बीच कई बार नोकझोक हुईं। कांग्रेस के समर्थकों ने आरोप लगाया कि भाजपा के कई कार्यकर्ता प्रत्याशी के साथ बूथों के अंदर जाकर दखल अंदाजी कर रहे हैं। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में के बीच दो बार हाथापाई तक की नौबत बन गई। थाना प्रभारी ने मामला शांत करवाया। वार्ड नं. पांच में 61.35 प्रतिशत मतदान हुआ।
वार्ड नं. 6
माडर्न कांप्लेक्स, शांति नगर, गोविंद पुरा, माड़ी वाला टाउन में कम वोटिंग हुई है। सुबह साढ़े 7 बजे माड़ीवाला, शांतिनगर और गोविंद पुरा के लोग वोटिंग के लिए घरों से बाहर निकले, जबकि बाकी एरिया में लोग 10 बजे बाद और दोपहर को मतदान करने के लिए पहुंचे। माडर्न कांप्लेक्स के सरकारी स्कूल में बूथ नंबर 413 में दो लोग, कुलदीप सिंह और वितिका दोपहर को तीन बजे वोट डालने पहुंचे तो उनके वोट पहले ही कोई और डाल गया था। वार्ड नं. छह में 51.53 प्रतिशत मतदान हुआ।
वार्ड नं. 7
मौली जागरां कांप्लेक्स और विकास नगर कालोनी में माहौल मेले जैसा था। सुबह-सुबह ही लोगों में वोट डालने का उत्साह देखने मिला। इस वार्ड नंबर दो बूथ 462 और 463 रात 8 बजे तक लोग वोट डालते रहे, जबकि बाकी बूथों पर भी शाम साढ़े 6 बजे तक लोगों ने अपने मतदान का प्रयोग किया। इस वार्ड में 71.46 प्रतिशत मतदान हुआ। मौली कांप्लेक्स के बूथ 34 में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन मौलीजागरां के चेयरमैन रोबिट विलियम ने सुबह साढ़े 7 बजे सबसे पहले अपना वोट डालकर और लोगों को वोट डालने के दिनभर प्रेरित किया।
वार्ड नं. 8
मौली गांव, रायपुरा कलां, मक्खनमाजरा और रायपुर खुर्द के गांव के लोगाें में वोट डालने के लिए पूरा उत्साह दिखाया। मौली गांव में तो सुबह 7 बजे से पहले ही लोगों बूथों के बाहर कतारें में आकर खड़े हो गए थे। यहां 68.86 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां के बूथों पर शाम पौने 6 बजे तक लोग अपना मतदान करते रहे।
वार्ड नं. 9
वार्ड नंबर 9 में सुबह सवा सात बजे से लोग पहुंचना शुरू हो गए। लोगों ने बताया कि उन्हें फैक्ट्री व अन्य काम के लिए निकलना था, इसलिए मतदान करने के बाद वे निश्चित होकर काम के लिए जा सकते हैं। वार्ड नंबर 9 के सभी बूथों पर सुबह से ही 20-30 लोग लाइन में लगे रहे। हालांकि, पुलिस की मदद से लोगों ने सामाजिक दूरी बना रखी थी। पुलिस के साथ कॉलोनी में अर्धसैनिक बल भी मौजूद रहे।
वार्ड नं. 10
वार्ड नंबर 10 में सेक्टर-27, 28 और 29 के केंद्र थे। केंद्रों के बाहर और अंदर शांति का माहौल था। मतदान केंद्र पर मुश्किल से एक समय में दस से 12 मतदाता वोट के लिए मौजूद थे। दोपहर 12 बजे के बाद मतदाताओं की संख्या में थोड़ा इजाफा होना शुरू हुआ। महिलाओं ने बताया कि लंच करने के बाद ही मतदान के लिए परिवार सहित निकलते हैं। बुजुर्गों को उनके परिवारजन गाड़ियों से वोट डलवाने के लिए लेकर आए।
वार्ड नं. 11
सुबह सैर के बाद लोगों ने मतदान के लिए स्कूलों में बने बूथों में आना शुरू कर दिया था। पुलिस की ओर से सेक्टरों में अच्छी व्यवस्था की गई थी। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से मतदान किया। अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने बूथों के बाहर अपने बेंच लगाए हुए थे, लेकिन सेक्टरों में बेंचों के बाहर भीड़ नहीं दिखी, लोग सीधा मतदान करने के लिए केंद्र पर जा रहे थे।
वार्ड नं. 12
वार्ड नंबर 12 में लोग सुबह से ही मतदान के लिए आना शुरू हो गए थे। हालांकि, केंद्रों पर भीड़ नहीं थी। सेक्टर में केंद्र होने के कारण लोगों ने मास्क भी लगाकर रखा था। इसके साथ ही सैनिटाइजेशन के लिए भी व्यवस्था की गई थी। लोग आराम से अपनी गाड़ियों में मतदान के लिए आ रहे थे, उन्होंने बूथों पर कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की। दोपहर तीन बजे तक वार्ड में केवल 38.66 प्रतिशत मतदान हुआ।
वार्ड नं. 13
सेक्टर-11 के सरकारी मॉडल हाई स्कूल में बने 128 से 130 बूथ पर सुबह नौ बजे तक गिनती के लोग वोट देने पहुंचे। दोपहर 11 बजे से तीन बजे तक पांच से सात लोगों की लाइन रही। उसके बाद भीड़ बढ़ी। यहां चेकिंग के बाद ही वोटरों को अंदर जाने की अनुमति थी। यहां पंजाब विश्वविद्यालय, पीजीआई व सेक्टर 11 के वोटरों ने भाग लिया। मोबाइल फोन के कारण कुछ मतदाता वापस चले गए। क्योंकि मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। यहां दोपहर में कुछ देर सन्नाटा भी रहा। पीयू के अंकुर स्कूल बूथ पर व्यवस्था बेहतर रही।
वार्ड नं. 14
इस वार्ड के धनास मिल्कमैन कॉलोनी में माहौल मेले जैसा था। गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास में बूथ संख्या 64 से 68 पर दिनभर भीड़ रही। यहां किसी के चेहरे पर मास्क थे तो कुछ पर नहीं। सामाजिक दूरी भी नहीं दिखी। बूथ संख्या 69, 69 ए, 70 पर भीड़ कम रही। यही हाथ बूथ नंबर 71 पर था। बूथ नंबर 67 पर दोपहर 12 बजे तक 300 वोट पड़े थे, जो शाम होते-होते हजारों की संख्या में पहुंच गए। यहां कच्ची कॉलोनी के लोग भी वोट देने पहुंचे। वोटरों की मदद के लिए एनएसएस स्वयंसेवक लगे हुए थे।
वार्ड नं. 15
सारंगपुर स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर पार्टियों के बिस्तर लगे थे। भीड़ इनके पास इकट्ठा थी। पुलिस व्यवस्था बनाती नजर आई। यहां बने बूथ संख्या 104, 105 व 106 पर लाइनें लगी थीं। वोटर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दोपहर तक यहां वोट प्रतिशत 30 तक पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में वह लोग भी आए जो बीमार थे। यानी मतदान को लेकर उत्साह दिखा। बुजुर्ग लोगों ने भी यहां बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहां थर्मल स्क्रीनिंग की गई। साथ ही वोटरों के हाथ सैनिटाइज किए गए थे।
वार्ड नं. 16
भास्कर कॉलोनी सेक्टर 25 के लोगों के अधिकांश वोट गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल में थे। यहां बूथ संख्या 201 से लेकर 203 तक रहे। इसके अलावा बूथ 196 भी बनाया गया। यहां पुलिस ने सघन चेकिंग की। संवेदनशील बूथ होने के कारण यहां सीआरपीएफ की टीम मुस्तैद थी। मोबाइल लेकर किसी का प्रवेश नहीं होने दिया। यहां दिनभर मतदाताओं की भीड़ रही। कुछ दूरी पर पार्टियों के बिस्तर लगे थे। यहां लंबी लाइन लगी थी। लोग वोटर पर्ची पार्टी वालों से ले रहे थे। बीएलओ भी लोगों की मदद कर रहे थे।
वार्ड नं. 17
वार्ड नंबर 17 में शामिल सेक्टर 22 और 23 के लोगों ने सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच थोड़ा उत्साह दिखाया। लोग अपने परिजनों और पड़ोसियों के साथ मतदान देने पहुंचे, लेकिन दोपहर 12 बजते-बजतेे केंद्रों पर सन्नाटा छा गया। दोपहर 3 बजे के बाद मतदाताओं की संख्या कुछ बढ़ी, लेकिन वोटिंग प्रतिशत तीन बजे के बाद भी 38.04 प्रतिशत ही रहा। वार्ड 17 में बनाए गए 21 मतदान केंद्रों पर 17698 मतदाताओं को वोट डालना था, जिसमें हर केंद्र पर औसतन 843 मतदान होने थे।
वार्ड नं. 18
वार्ड 18 में भी 17 जैसी ही स्थिति देखने को मिली। यहां मतदान केंद्रों की संख्या 24 व मतदाताओं की संख्या 19286 थी। दोपहर तीन बजे तक यहां का मतदान प्रतिशत महज 37.04 रहा। कुछ लोग गलत सूचना के कारण अपने बूथ पर न पहुंच पाने से निराश भी दिखे। सेक्टर 30 के गवर्नमेंट हाईस्कूल में बनाए केंद्र पर मतदान करने आये लाभार्थियों को सूची में नाम न होने के कारण थोड़ा परेशान होना पड़ा।
वार्ड नं. 19
वार्ड 17 और 18 की तुलना में वार्ड 19 के लोगों में मतदान को लेकर सुबह से उत्साह देखने को मिला। सुबह 9 बजे तक वार्ड में बनाए गए 26 केंद्रों पर 17.07 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था। इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो व रामदरबार के कॉलोनियों के लोग झुंड बनाकर मतदान केंद्रों पर आते नजर आए। दोपहर तीन बजे तक यहां मतदान प्रतिशत 54.06 हो गया। यहां भी कुछ मतदाताओं को अपना केंद्र तलाशने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
वार्ड नं. 20
वार्ड नंबर 20 में शामिल हल्लोमाजरा और बहलाना में भी सुबह तेजी से लोगों ने मतदान किया, लेकिन फिर सुस्ती छा गई। इस दौरान बूथ नंबर 6,7,8 और 9 पर लोगों को मतदाता सूची में नाम न मिलने के कारण परेशान होना पड़ा। इस दौरान हेल्प डेस्क ने उनकी पूरी मदद की। वार्ड नंबर 20 में 20 केंद्र बनाए गए थे, जहां अन्य केंद्रों पर मतदान की प्रक्रिया सामान्य रूप से चली।
वार्ड नं. 21
सेक्टर-47 में सुबह कम स्तर पर मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचे। लोग अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंच रहे थे। सुबह 12 बजे तक 10 प्रतिशत तक ही लोग अपना मतदान कर पाए। मतदान केंद्र के पास पार्टियों के लोग अपने टेबल कुर्सियों पर बैठे हुए दिखाई दिए। वहीं, गांव फैदां और बैर माजरा में सुबह के समय कुछ कुछ अंतराल के बाद वोट डालने पहुंच रहे थे।
वार्ड नं. 22
सेक्टर-31 में दोपहर तक कम उत्साह देखने को मिला। लोग काफी अंतराल पर मतदान केंद्र पहुंच रहे थे। अधिकतर लोग पर्ची के साथ वोटर कार्ड लेकर पहुंचे। वहीं, सेक्टर 33 में 87 वर्ष की मोहिंदर कौर मतदान केंद्र पर कार पर पहुंचीं। मतदान केंद्र पर व्हील चेयर नहीं थी। इससे वह काफी गुस्से आ गईं। महिला के गुस्से को देखते हुए स्कूल की एक व्हीलचेयर दी गई।
वार्ड नं. 23
सेक्टर-34 में युवा, पुरुष, महिलाएं और बुजुर्ग वोट डालने के लिए आते दिखे। कई बुजुर्ग परिजनों का हाथ पकड़ पहुंचे। सेक्टर 35 में 12 बजे तक 15 प्रतिशत लोग ही वोट डालने पहुंचे। वहीं, सेक्टर 43 में मोबाइल लेकर आने वालों को वापस भेज दिया गया। इस वजह से वह मतदान नहीं कर पाए।
वार्ड नं. 24
सेक्टर-36 में सुबह मतदान के लिए लोगों में कम ही रुचि दिखी। सेक्टर 42 और गांव अटावा में उम्मीदवार भी मतदान से आशीर्वाद लेते दिखाई दिए। लोग मतदान करने के लिए काफी उत्साह में नजर आ रहे थे।
वार्ड नं. 25
वार्ड नं. 25 (सेक्टर-37 और 38) में कुल 21 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। यहां सुबह सात बजे से लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। यहां थोड़ी देर तक लोगों का रुझान रहा, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की संख्या कम होती चली गई। तीन बजे तक 40 फीसदी ही मतदान हुआ, जिससे प्रत्याशियों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आईं। इस वार्ड में छह जगहों पर पोलिंग स्टेशन बनाए थे। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।
वार्ड नं. 26
वार्ड नंबर 26 (डड्डूमाजरा कॉलोनी, डड्डूमाजरा गांव, सेक्टर-38 वेस्ट पुनर्वास और शाहपुर कॉलोनी) में घनी आबादी होने की वजह से 9 इमारतों में 22 पोलिंग बूथ बनाए गए। यहां पुनर्वास कॉलोनी के सरकारी स्कूल में सुबह साढ़े 6 बजे से लोग पहुंच गए थे। चुनाव को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। बुजुर्ग, महिलाओं और युवा यहां काफी संख्या में मतदान करने पहुंचे। तीन बजे तक ही यहां करीब 57 फीसदी मतदान हो चुका था।
वार्ड नं. 27
वार्ड नंबर-27 (सेक्टर-38 वेस्ट, सेक्टर-39 और सेक्टर-40) में 22 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। सेक्टरों का इलाका होने की वजह से मतदान धीमा हुआ। सुबह लोगों की संख्या बढ़ी, लेकिन दोपहर को कम हो गई। लंच के बाद फिर से लोगों की संख्या बढ़ी। शाम पांच बजे तक इस वार्ड में 50 फीसदी मतदान भी नहीं हुआ। कुछ बूथ ऐसे थे, जहां कर्मचारी मतदाताओं का इंतजार करते दिखे।
वार्ड नं. 28
पूरे शहर में पोलिंग बूथों पर सबसे ज्यादा भीड़ वार्ड नंबर-28 (मलोया गांव और कॉलोनी, सेक्टर-39 वेस्ट, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी) में देखने को मिली। मलोया के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में सुबह 6 बजे से लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह करीब 9 बजे सरकारी स्कूल के बाहर करीब डेढ़ हजार लोग खड़े थे। भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। बहुत से लोग भीड़ को देखकर वापस लौट गए। ये भीड़ शाम तक रही। लोगों ने आरोप लगाया कि मतदान धीमी रफ्तार से हुआ, इसकी वजह से भीड़ लगी थी।
वार्ड नं. 29
वार्ड नंबर 29 में मतदान के लिए काफी उत्साह दिखा। मतदान शुरू होने से पहले ही लोग लाइन में लग गए। सुबह साढ़े सात बजे से मतदान शुरू होने से पहले ही लाइन में लगे रहे। जिन लोगों ने वोट डाला, वे काफी खुश नजर आए। पार्टियों के कार्यकर्ता अपने अपने उम्मीदवारों के लिए डटे रहे। वार्ड 29 में 22667 मतदाता हैं, जिनमें 12080 पुरुष और 10587 महिलाएं हैं।
वार्ड नं. 30
गांव के लोगों ने मतदान करने के साथ आपसी भाईचारे का भी ख्याल रखा। पार्टियों ने अपने अपने शिविर लगा रखे थे। जब पुलिस आई तो पार्टियों के झंडे हटवा दिए। वार्ड नंबर 30 से 4 उम्मीदवार हैं। यहां 19213 मतदाता हैं, जिनमें 10036 पुरुष और 9177 महिला मतदाता हैं।
वार्ड नं. 31
इस वार्ड में महिलाएं अपने प्रत्याशियों के लिए अंतिम समय तक मतदान करने के लिए प्रेरित करती रहीं। पुलिस को भी भीड़ को हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां कुल मतदाताओं की संख्या 17612 है, जिनमें 9668 पुरुष मतदाता और 7946 महिला मतदाता हैं।
वार्ड नं. 32
वार्ड में सुबह मतदान की रफ्तार धीमी रही। बूथों पर बहुत कम संख्या में लोग आए। राजनीतिक पार्टियों के समर्थक अपने अपने लोगों को फोन करते रहे। वार्ड नंबर 32 में 9 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है।
वार्ड नं. 33
वार्ड 33 में मतदान के लिए लोगों के बीच काफी उत्साह दिखा। मतदान शुरू होते ही लोगों की भीड़ लग गई। ठंड की परवाह किए बिना लोग साढ़े सात बजे से पहले ही मतदान करने के लिए पहुंच गए। जिससे मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतार लग गई। पुलिस के सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे।
वार्ड नं. 34
वार्ड 34 में सुबह करीब 11 बजे तक बहुत ही कम लोग पहुंचे। लोग ठंड के कारण घरों में बैठे रहे। सूरज चढ़ने के साथ जैसे ही धूप निकली मतदान तेज हो गया। शाम तक मतदान केंद्रों पर भीड़ लगी रही।

वार्ड नं. 35
वार्ड 35 में सेक्टर एरिया के मतदान केंद्रों पर सुबह ठंड के कारण लोग घरों से कम निकले। धूप निकलते ही मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें लग गईं। मतदान केंद्र के बाहर उम्मीदवार मतदाताओं के पैर छूकर आशीर्वाद लेते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed