सांपला को मंत्री बनाने के पीछे भाजपा का गणित
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होशियारपुर के सांसद विजय सांपला को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किए जाने से प्रदेश भाजपा के समीकरण बदलने के कयास लगाए जा रहे हैं। सांपला का कद बढ़ने से प्रदेश में काबिज गुट कमजोर हुआ है।
जालंधर कैंट के मंडल महासचिव के तौर पर सियासी कैरियर शुरू करने वाले सांपला को अप्रत्याशित तौर पर टीम मोदी का हिस्सा बनाया गया। इससे बैकफुट पर चल रहा गुट काफी उत्साहित है।
कमल शर्मा के प्रदेश प्रधान बनने के बाद से यह गुट काफी हतोत्साहित था। मनोरंजन कालिया और अश्वनी शर्मा के लिए तमाम लॉबिंग के बाद भी इन्हें मंत्री पद नहीं मिल सका था।
कमल शर्मा का गुट पूरी तरह संगठन से लेकर सत्ता तक हावी था। क्योंकि तत्कालीन सह प्रभारी जेपी नड्डा के साथ इस गुट के अच्छी समीकरण थे।
सांपला को टिकट का हुआ था विरोध
लोकसभा चुनाव में बीजेपी द्वार विजय सांपला को टिकट देते समय भी पार्टी में विरोध हुआ था। पर जेएंडके के प्रभारी अविनाश खन्ना ने मजबूत लॉबिंग कर सांपला को टिकट दिलवा दिया।
उसके बाद चुनाव के दौरान भी कुछ स्थानीय नेताओं ने अंदरखाते विरोध किया। लेकिन सांपला चुनाव भी जीत गए। अब सांपला सीधे टीम मोदी का हिस्सा बन गए हैं। जिसके होशियारपुर से लेकर पंजाब भाजपा की सियासत में नए समीकरण बनने के आसार हैं। कुछ नए और सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
कई दिग्गजों का घटेगा कद
होशियारपुर के पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद को सांपला की नियुक्ति से झटका लगा है। वहीं, दोआबा में भाजपा के एक और दलित चेहरे सीपीएस सोम प्रकाश का भी कद घटेगा। अब दोआबा में पार्टी सांपला को ही बड़े दलित नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करेगी।
सांपला की नियुक्ति के साथ जहां कमल शर्मा गुट कमजोर हुआ। वहीं, अश्विनी शर्मा और मनोरंजन कालिया का गुट खासा उत्साहित है। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर चुनाव के बाद फिर समीकरण बदल सकते हैं।
क्योंकि अविनाश राय खन्ना वहां के प्रभारी हैं। अगर पार्टी का प्रदर्शन वहां अच्छा रहा तो खन्ना को भी कोई सौगात मिल सकती है। इसके बाद यह गुट और मजबूत होकर उभरेगा।