Mohali: विजिलेंस ने पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा से दो घंटे की पूछताछ की, एजेंसी को चुनावी हलफनामे सौंपे
पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा करीब सवा 11 बजे मोहाली के सेक्टर-68 स्थित विजिलेंस दफ्तर पहुंचे थे। उनके साथ उनके कुछ वकील भी थे। अरोड़ा ने कहा कि विजिलेंस ने उनसे उनकी संपत्ति के बारे में सवाल जवाब किया। विजिलेंस को बताया कि उन्होंने तीन बार चुनाव लड़ा है। तीनों बार के हलफनामा एजेंसी को सौंपे हैं।
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स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के नोटिस के बाद पूर्व उद्योग मंत्री व भाजपा नेता सुंदर शाम अरोड़ा बुधवार को विजिलेंस ऑफिस पहुंचे। उनसे आय से अधिक संपत्ति बनाने के संबंध में अधिकारियों ने सवाल पूछे। करीब दो घंटे तक उनसे पूछताछ हुई। विजिलेंस ऑफिस के बाहर आकर उन्होंने मीडिया से कहा कि उनसे उनकी प्रॉपर्टी संबंधी सवाल किए गए हैं। उन्होंने अपने चुनाव का हलफनामा एजेंसी को दिया है। इसके अलावा किसी और के संबंध में कोई पूछताछ नहीं हुई। जांच एजेंसी ने उन्हें बुलाया था, ऐसे में वह उसके सामने पेश होने पहुंचे थे। भविष्य में भी अगर जांच एजेंसी उन्हें बुलाती है तो वह पेश होंगे। साथ ही उनकी जांच में सहयोग करेंगे।
पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा करीब सवा 11 बजे मोहाली के सेक्टर-68 स्थित विजिलेंस दफ्तर पहुंचे थे। उनके साथ उनके कुछ वकील भी थे। अरोड़ा ने कहा कि विजिलेंस ने उनसे उनकी संपत्ति के बारे में सवाल जवाब किया। विजिलेंस को बताया कि उन्होंने तीन बार चुनाव लड़ा है। तीनों बार के हलफनामा एजेंसी को सौंपे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सारी संपत्ति अपनी है। उन्हें प्रत्येक चीज के बारे में पता है। याद रहे कि अरोड़ा के मंत्री रहते मोहाली में बंद जेसीटी कंपनी की जगह बेची गई थी। इस पर बड़ा विवाद हुआ था। विपक्षी दलों ने उस समय आरोप लगाया था कि नियमों को ताक में रखकर प्रॉपर्टी बेची गई है। 27 एकड़ इंडस्ट्री की जमीन को नियमों को ताक में रखकर टुकड़ों में बेचने को मंजूरी दी। इससे निजी बिल्डर को 500 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। हालांकि उस समय के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कंपनी की बिक्री के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाई थी। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई हुई थी।