फतेहाबाद: विजिलेंस ने मार्केट कमेटी के मंडी सुपरवाइजर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा
विजिलेंस टीम ने मौके से एक अन्य कर्मचारी को भी हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी मंडी सुपरवाइजर के पास ही बैठा था। फिलहाल टीम पूछताछ कर रही है।
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विजिलेंस टीम ने मार्केट कमेटी के मंडी सुपरवाइजर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। मंडी सुपरवाइजर सीड्स फैक्टरी के लाइसेंस को रिन्यु करने के नाम पर दो लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था और 40 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। आरोप है कि रिश्वत न देने पर लाइसेंस रिन्यु और वार्षिक रिपोर्ट न देने की धमकी दी गई। विजिलेंस के डीएसपी राजेश मलिक, डयूटी मजिस्टेट राकेश कुमार, विजिलेंस टीम के मनमोहन सिंह, कुलदीप सिंह ने फैक्टरी संचालक सुरेंद्र की शिकायत पर आरोपी मंडी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले के मुताबिक विजीलेंस टीम को गांव भिरड़ाना निवासी सुरेंद्र सिंह ने शिकायत दी कि उसकी गांव भूथनकलां में कृषक सीड्स के नाम से फैक्टरी है। हर साल फैक्टरी की मार्केट कमेटी वार्षिक रिपोर्ट देता है और लाइसेंस रिन्यु किया जाता है।
जब वह मार्केट कमेटी में गया तो मंडी सुपरवाइजर ने दो लाख रुपये की डिमांड की और धमकी दी कि अगर रिश्वत नहीं दी गई तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। दो लाख रुपये रिश्वत से सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ। उसने इस बारे में विजिलेंस टीम को सूचना दी। विजिलेंस टीम ने 30 हजार रुपये देकर सुरेंद्र को मंडी सुपरवाइजर मदनलाल के पास भेजा। सुरेंद्र ने जैसे ही रिश्वत के 30 हजार रुपये मंडी सुपरवाइजर मदनसिंह को दिए तो विजिलेंस टीम ने पकड़ लिया।
एक कर्मचारी को हिरासत में भी लिया
विजिलेंस टीम ने मौके से एक अन्य कर्मचारी को भी हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी मंडी सुपरवाइजर के पास ही बैठा था। फिलहाल टीम पूछताछ कर रही है।