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पंजाब: जेल से वीडियो किया वायरल, लगाए कई आरोप, अधीक्षक बोले- हमारे यहां नहीं है ये कैदी

Fri, 30 Jul 2021 09:04 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 30 Jul 2021 09:04 PM IST
सार

पंजाब में जेल के भीतर से एक कैदी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो कपूरथला जेल का बताया जा रहा है लेकिन अधीक्षक ने इससे इनकार किया है। वीडियो में कैदी ने नशा और मोबाइल बेचवाने का आरोप लगाया है।

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Video of prisoner from jail goes viral on social media in Punjab
वीडियो वायरल करने वाला कैदी।

विस्तार

माडर्न जेल कपूरथला के अंदर चल रहे मोबाइल नेक्सस का एक कैदी ने लाइव होकर खुलासा किया है। इसके बाद जेल प्रशासन पूरी तरह से हिल गया है। कैदी ने सरेआम वीडियो में जेल अधीक्षक, जेल उप अधीक्षक और चक्कर हवलदार पर जबरन मोबाइल बेचने और धमकाने और झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया। वहीं मोबाइल बिक्री के धंधे से होने वाली वसूली जेल मंत्री तक जाने का आरोप लगाया।

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कपूरथला जेल में बंद कैदी विशाल निवासी मानसा ने 20 मिनट 31 सेकेंड के लाइव वीडियो में सरेआम खुलासा किया कि उसे जेल अधीक्षक बीएस घुम्मन ने अपने दफ्तर में बुलाकर कैदियों को मोबाइल बेचने के लिए दिए हैं। इनकार करने पर उप अधीक्षक नवपिंदर सिंह और चक्कर हवलदार जुगराज सिंह ने उसे प्रताड़ित किया। 
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जुगराज सिंह अधीक्षक के लिए दलाली करता है। उसने लाइव वीडियो में अपनी बैरक में रखे 10 फीचर और तीन स्मार्टफोन दिखाए। उसने कहा कि इतनी सख्ती के बावजूद इतने मोबाइल जेल में बिना मदद तो आ नहीं सकते। उसने खुलासा किया कि फीचर फोन 15 हजार और स्मार्टफोन 80 हजार रुपये में बेचे जा रहा है। 
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उसने कहा कि इस धंधे में जेल के कई अधिकारी और कर्मचारी और सिविल अस्पताल के कई लोग भी शामिल हैं, जिन्हें हिस्सा पहुंचता है। उसने बताया कि अधीक्षक घुम्मन ने खुद यह कहा था कि जेल मंत्री को पांच लाख रुपये महीना भेजते हैं। उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

जेल में सरेआम बिकता चिट्टा और आइस जैसे ड्रग्स

कैदी विशाल ने यह भी खुलासा किया कि जेल में मोबाइल के अलावा चिट्टा और आइस जैसे ड्रग्स बिकता। इस नशे को जेल के बड़े अधिकारी बेचवा रहे हैं। उसने कहा कि जेल सुधार घर नहीं, बल्कि ऐसे अधिकारियों ने बिगाड़ घर बना दिया है। जेल में कैदियों को नशेड़ी बनाया जा रहा है। उसने मांग कि है कि इन जेल अधिकारियों के बैंक खाते चेक करवाएं जाएं तो पता चल जाएगा कि इनके खाते में सैलरी के अलावा लाखों रुपये कैसे आए।

महज एक माह फोन इस्तेमाल कर पाता है कैदी
विशाल ने खुलासा कि किया कि ये तीनों अफसर उससे पूछते हैं कि किस बैरक में किस कैदी को फोन बेचा है। एक मास तक जब कैदी फोन इस्तेमाल कर लेता है तो उसे खुद ही जाकर पकड़ लेते हैं। फिर उससे पर्चा न दर्ज करवाने के लिए पैसे लिए जाते हैं, दे दिए तो ठीक नहीं तो केस कर देते हैं। उसने यह भी खुलासा किया कि एक लाख रुपये में कैदियों को सुविधायुक्त वीआईपी बैरक मिलती है। कहा कि जेल के पुरुष अधिकारी अचानक रात को महिला बैरक की चेकिंग करने चले जाते हैं।

मुझे मालूम है वीडियो के बाद मेरी खूब पिटाई होगी, हो सकता है मार भी दें
वीडियो में विशाल ने कहा कि उसे मालूम है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद उसकी जेल में खूब पिटाई होगी, हो सकता है उसे जान से भी मार दिया जाए लेकिन वह पीछे नहीं हटेगा। अगले वीडियो में इन अफसरों के बैंक खातों और पेटीएम में होने वाली लेनदेन का विवरण दिखाने की बात भी कही। उसने कहा कि मैंने फरीदकोट जेल में भी ऐसे धंधा करने वाले अफसरों का वीडियो बनाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने इन अफसरों को बर्खास्त करके कैदियों को बचाने के लिए हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, पीएम मोदी और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से गुहार लगाई है। 

कैदी के आरोप बेबुनियाद, ये कैदी हमारे पास नहीं: घुम्मन

जेल अधीक्षक बीएस घुम्मन ने कहा कि यह कैदी कपूरथला जेल में नहीं है। किसी और जेल से वीडियो पोस्ट की है। उसके आरोप बिल्कुल निराधार और बेबुनियाद हैं। वीडियो वायरल करने के पीछे उसकी क्या मंशा, यह वो ही जानता है।

वायरल वीडियो की करवाएंगे जांच: एडीजीपी जेल
एडीजीपी-जेल पंजाब पीके सिन्हा ने कहा कि कैदी के वायरल वीडियो के बारे में उन्हें अभी पता चला है। वैसे यह कैदी कपूरथला जेल में नहीं है। फिर भी उसकी ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं। इसकी डीआईजी जेल स्तर के अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाएंगे, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 

जब जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके निजी सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि मंत्री मीटिंग में व्यस्त हैं। इस बाबत एडीजीपी से बात करें। 

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