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सीआईआई एग्रो टेक: उपराष्ट्रपति धनखड़ बोले- राष्ट्र तभी समृद्ध हो सकता है जब कृषि क्षेत्र विकसित होगा

Fri, 04 Nov 2022 10:25 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 04 Nov 2022 10:25 AM IST
सार

सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2022 का 15वां संस्करण चार से सात नवंबर तक परेड ग्राउंड में चलेगा। इसमें 246 प्रदर्शक शामिल हो रहे हैं, जिसमें चार देशों के 27 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक होंगे। 

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Vice President Jagdeep Dhankar Visit Chandigarh, Confederation of Indian Industry Program
सीआईआई के कार्यक्रम में पहुंचे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि कृषि भारत की पहचान का केंद्र रही है। एक राष्ट्र के रूप में हम तभी समृद्ध हो सकते हैं जब कृषि क्षेत्र विकसित होगा। कृषि समस्याओं को सुलझाने के लिए आउट ऑफ द बॉक्स जाकर अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाना होगा। वह शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उनके साथ पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, पंजाब के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और सीआईआई एग्रो टेक इंडिया-2022 के चेयरमैन संजीव पुरी भी थे। 

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उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्थिरता और खाद्य सुरक्षा साथ-साथ चलती है। स्थायी कृषि प्रथाओं के बिना लंबे समय तक खाद्य सुरक्षा नहीं हो सकती है। भारत में कृषि को परंपरा और जीवन शैली के रूप में वर्णित किया गया है। कृषि के क्षेत्र में पिछले 75 वर्षों के दौरान की गई प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में नई आवश्यकताओं और चुनौतियों के अनुसार हमारी कृषि को उसके अनुकूल बनाने की जरूरत है। 
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नवाचार कृषि विकास का प्रमुख चालक बनना चाहिए। हमारे किसानों को जलवायु परिवर्तन और कीमतों में उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान से सुरक्षा होनी चाहिए, साथ ही उनके लिए स्थायी आय की व्यवस्था जरूरी है। उपराष्ट्रपति ने खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया।

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अगला साल होगा अंतरराष्ट्रीय मिलट्स वर्ष  
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के प्रस्ताव के बाद संयुक्त राष्ट्र ने सर्वसम्मति से वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलट्स वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि विश्व इस समय भोजन, पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन के संकट से जूझ रहा है। मिलट्स की खेती इन समस्याओं का समाधान है। इसके खाने से शरीर बीमारियों से मुक्त होता है और भूमि में उर्वरता व पानी की कमी नहीं होती है।

जय किसान तभी जय जवान
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं, जो किसानों को सशक्त करती हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना और कुसुम जैसी योजनाओं का लाभ हर किसान तक पहुंच जाए तो उनके लिए वित्त का संकट ही नहीं होगा। जय जवान तभी होगा जब जय किसान होगा। किसान भारत के विकास की रीढ़ हैं। उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए प्राथमिकता पर विचार करना चाहिए। किसान अन्नदाता है तो ऊर्जादाता भी हैं।

देश में बासमती चावल का 60 प्रतिशत निर्यात हरियाणा करता है : बंडारू दत्तात्रेय
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसान मजबूत होगा तो यह रीढ़ मजबूत रहेगी। हरियाणा और पंजाब के किसानों का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है। भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा देश के लगभग डेढ़ प्रतिशत भाग को कवर करता है। उपराष्ट्रपति ने हरियाणा की कृषि योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा ने केंद्र सरकार की कृषि नीतियों का पूरा लाभ उठाया है। 

दत्तात्रेय ने कहा कि देश में बासमती चावल का 60 प्रतिशत निर्यात हरियाणा से होता है। वर्ष 2021-2022 में प्रदेश में 83 लाख टन धान का उत्पादन कर रिकॉर्ड बनाया था। हरियाणा में 14 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है, जो देश में सबसे अधिक है। वर्ष 2019-20 में सॉयल हेल्थकार्ड योजना पायलट प्रोजेक्ट में प्रदेश के 22 जिलों के 122 ब्लॉकों के किसानों के खेतों से 25605 मृदा नमूनों का विश्लेषण करके सभी किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इससे उत्पादन में वृद्धि हुई है।

गेहूं और धान उत्पादन में पंजाब का अहम योगदान: बनवारी लाल पुरोहित
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि पंजाब भी प्रमुख कृषि-केंद्रित राज्यों में से एक है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में एक बड़ा योगदानकर्ता है। पंजाब के किसानों के प्रयासों ने राष्ट्रीय विकास व खाद्य सुरक्षा और हमारे पंजाब की भलाई में योगदान दिया है। 

पंजाब के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि का केवल 3 प्रतिशत हिस्सा है, जो धान का 25-35 प्रतिशत, गेहूं का 38-50 प्रतिशत के साथ अनाज के केंद्रीय पूल में योगदान देता है। राज्य उत्पादकता के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर है और अन्य सभी राज्यों में भारत में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब का राज्यपाल होने पर गर्व है।

कृषि प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ाएगा एग्रो टेक इंडिया: संजीव पुरी
सीआईआई एग्रो टेक इंडिया-2022 के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा कि यह विषय कृषि के सामने आने वाली चुनौतियों और सबसे महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के लिए अपार अवसरों को बहुत उपयुक्त रूप से दर्शाता है। सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2022 टिकाऊ कृषि प्रौद्योगिकी, उत्पादकता बढ़ाने और विकास के लिए नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करेगा। एग्रो टेक भारतीय कृषि को उत्पादन केंद्रित प्रणाली से आधुनिक तकनीक और सतत कृषि के साथ मांग केंद्रित प्रणाली में रूपांतरण के लिए सार्थक योगदान देने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप को दर्शाता है।

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